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धूम्रपान निषेध दिवस: डॉक्टरों और कैंसर पीडितों ने केंद्र से की मांग, होटल-रेस्तरां से स्मोकिंग जोन हटाए जाएं

Wed, 09 Mar 2022 10:53 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 09 Mar 2022 10:53 PM IST
सार

डॉक्टरों और कैंसर पीड़ितों ने केंद्र सरकार से होटल,रेस्तरां और हवाई अड्डों से धूम्रपान कक्षों को हटाने का आग्रह किया है। इस समय कोटपा 2003 के तहत सार्वजनिक स्थलों जैसे रेस्त्रां, होटल और एयरपोर्ट पर धूम्रपान की निर्धारित जगह पर धूम्रपान की इजाजत है।

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Doctors and Cancer victim urges Central govt to remove designated smoking rooms from hotels and restaurants and airports
स्मोकिंग - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

धूम्रपान निषेध दिवस पर डॉक्टरों, कैंसर पीड़ितों और होटल चलाने वाले लोगों ने केंद्र सरकार से होटलों, रेस्तरां और हवाई अड्डों से निर्दिष्ट धूम्रपान कक्षों को हटाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से लोगों को दूसरों के धुएं से बचाया जा सकेगा। गौरतलब है कि मार्च के दूसरे बुधवार को धूम्रपान निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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COTPA 2003 में संशोधन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए केंद्र की सराहना करते हुए डॉक्टरों, कैंसर पीड़ितों और होटल चलाने वालों ने एक मौजूदा प्रावधान को तत्काल हटाने की अपील की ताकि भारत को 100 प्रतिशत धूम्रपान मुक्त बनाने और COVID के प्रसार को कम किया जा सके।
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टाटा मेमोरियल अस्पताल के हेड नेक कैंसर सर्जन डॉ पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि ये साफ है कि धूम्रपान से कोरोना का खतरा बढ़ जाता है। धूम्रपान फेफड़ों को खराब करता है और शरीर की रोग प्रतिरक्षा को कम करता है। धूम्रपान करने वालों को कोविड संक्रमण हो जाए तो मुश्किल की आशंका बढ़ जाती है। डॉ पंकज चतुर्वेदी ने बताया कि इन सब खतरों से बचने के लिए होटल और रेस्तरां और यहां तक कि हवाई अड्डों पर धूम्रपान क्षेत्रों को समाप्त कर दिया जाना चाहिए ताकि 100 प्रतिशत धूम्रपान मुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। 
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भारत में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, कोटपा 2003 के तहत सभी सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करना प्रतिबंधित किया गया है। इस अधिनियम की धारा-4 के तहत किसी भी ऐसी जगह पर धूम्रपान प्रतिबंधित है जहां जनता आ सकती है। हालांकि, इस समय कोटपा 2003 के तहत कतिपय सार्वजनिक स्थलों जैसे रेस्त्रां, होटल और एयरपोर्ट पर धूम्रपान की निर्धारित जगह पर धूम्रपान की इजाजत है।

स्वास्थ्य कार्यकर्ता नलिनी सत्यनारायण ने कहा  कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के सर्वोत्तम हित में सभी जगहों को पूरी तरह से धूम्रपान मुक्त होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेकेंड हैंड स्मोकिंग धूम्रपान जितना ही हानिकारक है। सेकेंड हैंड धुएं के संपर्क में आने से कई बीमारियां होती हैं, जिनमें वयस्कों में फेफड़ों का कैंसर और हृदय रोग और बच्चों में फेफड़े की कार्यक्षमता में कमी और श्वसन संक्रमण शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि खाने की जगहों, खासकर होटल और रेस्त्रां, बार, पब और क्लब आदि में दूसरों के धुंए का शिकार होना पड़ता है और इससे हजारों ऐसे लोगों का जीवन जोखिम में रहता है जो धूम्रपान नहीं करते हैं। किसी भी परिसर में धूम्रपान की अनुमति नहीं देने के लिए COTPA में संशोधन करने की आवश्यकता है।


गौरतलब है कि भारत सरकार ने कोटपा-2003 में  संशोधन की प्रक्रिया शुरू की है। सरकार ने सिगरेट तथा अन्य तंबाकू उत्पाद संशोधन विधेयक 2020 पेश किया है। भारत में किए गए हाल के एक सर्वेक्षण से यह खुलासा हुआ कि 72% लोग मानते हैं कि दूसरे का धुंआ स्वास्थ्य के गंभीर खतरा है और 88% लोग मौजूदा तंबाकू नियंत्रण कानून को मजबूत करने का दृढ़ता से समर्थन करते हैं ताकि इस समस्या से निपटा जा सके।

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