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विदेश घूमने गए डॉक्टर को फेसबुक से पकड़ा
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Updated Sat, 13 Jan 2018 05:11 AM IST
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सर्जिकल सामान बेचने वाली कंपनी के ऑफर पर अस्पताल प्रबंधन से झूठ बोलकर विदेश घूमने वाले डॉक्टर को फेसबुक ने पकड़वा दिया। इस तरह की गतिविधियां आपराधिक मानी जाती हैं लेकिन डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के एक विभागाध्यक्ष ने ही नियमों को ताक पर रख मिस्र की सैर की। उनके साथ गए मित्रों में से एक की फेसबुक पोस्ट उन्हें भारी पड़ गई।
फेसबुक पर पोस्ट तस्वीर में आरएमएल के हड्डी रोग विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर राजेंद्र कुमार मिस्र में पिरामिड के सामने बैठे हैं और उनके पास आरएमएल में ही घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण के लिए सर्जिकल सामान देने वाली कंपनी का प्रतिनिधि मौजूद है। यह फोटो डॉक्टर के अस्पताल आने से पहले ही वायरल हो गया। इसके बाद प्रबंधन ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए।
डॉक्टर राजेंद्र कुमार पर आरोप है कि दिसंबर 2017 में प्रबंधन से पारिवारिक कारण का बहाना बनाकर वह छुट्टियों पर गए थे। चंद दिनों बाद अस्पताल के छात्रों से होते हुए यह फोटो वाट्सएप के जरिये प्रबंधन तक भी पहुंच गया। चिकित्सा अधीक्षक ने मामले की तत्काल विजिलेंस जांच के आदेश दिए। बताया जा रहा है कि फोटो में कुछ अन्य डॉक्टर भी बैठे हैं। आशंका जताई जा रही है कि कंपनी की ओर से ही डॉक्टर घूमने गए हैं।
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पढ़ें- चौंका देने वाली खबर: सोशल मीडिया उजाड़ रहा घर, नोएडा के तीन परिवार बर्बाद
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फेसबुक पर पोस्ट तस्वीर में आरएमएल के हड्डी रोग विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर राजेंद्र कुमार मिस्र में पिरामिड के सामने बैठे हैं और उनके पास आरएमएल में ही घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण के लिए सर्जिकल सामान देने वाली कंपनी का प्रतिनिधि मौजूद है। यह फोटो डॉक्टर के अस्पताल आने से पहले ही वायरल हो गया। इसके बाद प्रबंधन ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए।
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डॉक्टर राजेंद्र कुमार पर आरोप है कि दिसंबर 2017 में प्रबंधन से पारिवारिक कारण का बहाना बनाकर वह छुट्टियों पर गए थे। चंद दिनों बाद अस्पताल के छात्रों से होते हुए यह फोटो वाट्सएप के जरिये प्रबंधन तक भी पहुंच गया। चिकित्सा अधीक्षक ने मामले की तत्काल विजिलेंस जांच के आदेश दिए। बताया जा रहा है कि फोटो में कुछ अन्य डॉक्टर भी बैठे हैं। आशंका जताई जा रही है कि कंपनी की ओर से ही डॉक्टर घूमने गए हैं।
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स्वास्थ्य मंत्रालय की अनुमति जरूरी
fake facebook account
चिकित्सा क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियों की दखलंदाजी रोकने और उनके ऑफर सिस्टम को खत्म करने के लिए सरकार ने नियम सख्त कर रखे हैं। परिवार के साथ भी विदेश जाने वाले डॉक्टर को स्वास्थ्य मंत्रालय से अनुमति लेना आवश्यक है। सीएमई या कार्यशाला के लिए भी इजाजत लेना जरूरी है। तभी कोई भारत सरकार के खर्चे पर विदेश जा सकता है। इस मामले में ऐसी कोई मंजूरी नहीं ली गई।
‘शैक्षिक सम्मेलन के लिए गया था’
डॉ. राजेंद्र कुमार, विभागाध्यक्ष, हड्डी रोग विभाग, आरएमएल- मुझ पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। मैं एक शैक्षिक सम्मेलन के लिए वहां गया था। मेरे साथ एम्स और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के डॉक्टर भी थे। वहां जाने से जुड़ी तमाम कागजी कार्रवाई भी की थी।
10 दिन में आएगी जांच रिपोर्ट
डॉ. प्रो. वीके तिवारी, चिकित्सा अधीक्षक, आरएमएल अस्पताल- यह जानकारी मिलने के बाद तत्काल विजिलेंस जांच के आदेश दिए गए हैं। विजिलेंस को जांच रिपोर्ट दस दिन में आ जाएगी। इसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
‘शैक्षिक सम्मेलन के लिए गया था’
डॉ. राजेंद्र कुमार, विभागाध्यक्ष, हड्डी रोग विभाग, आरएमएल- मुझ पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। मैं एक शैक्षिक सम्मेलन के लिए वहां गया था। मेरे साथ एम्स और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के डॉक्टर भी थे। वहां जाने से जुड़ी तमाम कागजी कार्रवाई भी की थी।
10 दिन में आएगी जांच रिपोर्ट
डॉ. प्रो. वीके तिवारी, चिकित्सा अधीक्षक, आरएमएल अस्पताल- यह जानकारी मिलने के बाद तत्काल विजिलेंस जांच के आदेश दिए गए हैं। विजिलेंस को जांच रिपोर्ट दस दिन में आ जाएगी। इसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।