वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क उतारने की भूल न करें, टीकाकरण के बाद भी नया स्ट्रेन कर सकता है संक्रमित
टीकाकरण शुरू होने के दो से तीन दिन में राष्ट्रीय कोविड टास्क फोर्स के प्रमुख प्रो. वी.के. पॉल और एम्स निदेशक प्रो. गुलेरिया कोविड से बचाव के लिए वैक्सीन ले सकते हैं। जिन्हें सर्दी, खांसी या जुकाम है, ऐसे लोगों को वैक्सीनेशन के लिए आने से मना किया गया है...
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देशभर में 16 जनवरी से वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू होने जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी टीकाकरण के महाभियान की शुरुआत सुबह साढ़े दस बजे करेंगे। वहीं प्रधानमंत्री Co-Win एप भी लांच करेंगे। पहले चरण में हेल्थ केयर वर्कर्स को वैक्सीन दी जाएगी। जनवरी के अंत में फ्रंट लाइन वर्कर्स को भी वैक्सीन देने की तैयारी में स्वास्थ्य मंत्रालय जुट गया है। जानकारों का कहना है कि वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क लगाना और दो गज की दूरी के नियम का पालन करना बेहद जरूरी है। क्योंकि कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन टीकाकरण के बाद भी असर डाल सकता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय से अमर उजाला को मिली जानकारी के अनुसार सभी राज्यों को 26 जनवरी तक सारे फ्रंट लाइन वर्कर्स का डाटा जमा करने का निर्देश दिया गया है। सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स को को-विन एप अपलोड करने के लिए भी कहा गया है। जब ये पूरा डेटा अपलोड हो जाएगा, उसके दो से तीन दिन बाद फ्रंट लाइन वर्कर्स का भी वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा। पूरे देश ये कार्यक्रम जनवरी के अंत में शुरू होने की उम्मीद है। देश में करीब दो करोड़ फ्रंट लाइन वर्कर्स हैं।
जानकारी के अनुसार, टीकाकरण शुरू होने के दो से तीन दिन में राष्ट्रीय कोविड टास्क फोर्स के प्रमुख प्रो. वी.के. पॉल और एम्स निदेशक प्रो. गुलेरिया कोविड से बचाव के लिए वैक्सीन ले सकते हैं। जिन्हें सर्दी, खांसी या जुकाम है, ऐसे लोगों को वैक्सीनेशन के लिए आने से मना किया गया है। भले ही यह वायरल हो, क्योंकि ऐसी स्थिति में टीकाकरण नहीं किया जा सकता है। जिनके पास एंड्रॉयड फोन नहीं होगा, वे अपने रिश्तेदार या दोस्त का फोन इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि टीकाकरण के दोनों डोज के बाद इसी नंबर पर क्यूआर कोड आएगा, जिससे टीका लगने के बाद प्रमाण-पत्र डाउनलोड किया जा सकेगा।
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के सचिव डॉ. अजय गंभीर ने अमर उजाला से कहा, पहले चरण के लिए जिन हेल्थ केयर वर्कर्स ने अपना पंजीकरण कराया है, इनमें से चुनिंदा लोगों को शनिवार को वैक्सीन दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वैक्सीन लेने वाले कई स्वास्थ्य कार्यकर्ता अभी भी डरे हुए हैं। वे हमसे लगातार पूछ रहे हैं कि वैक्सीन लेनी चाहिए कि नहीं। इसे लेने से बाद कोई परेशानी तो नहीं होगी। उनके मन में डर बना हुआ है। वैक्सीन लगाने के बाद अगर किसी को रिएक्शन होता है, तो वहां उसके उपचार की पूरी व्यवस्था की गई है। जो भी व्यक्ति वैक्सीन लगवा रहा है, वह पहले डॉक्टर को अपनी बीमारी और वर्तमान में चल रही दवाइयों की पूरी जानकारी दे। इसके अलावा अलर्जी हिस्ट्री है तो वह भी शेयर करे। इंजेक्शन लगने के एक घंटे तक सेंटर पर ही रुके।
छह सप्ताह तक डॉक्टरों की टीम नजर बनाए रखेगी। फिर तीन से चार सप्ताह बाद ही दूसरा टीका दिया जाएगा। वैक्सीन लगने के बाद हम ये देखेंगे कि एंटी बॉडी विकसित हो रही हैं कि नहीं। वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क लगाना और दो गज की दूरी के नियम का पालन करना बेहद जरूरी है क्योंकि कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन टीकाकरण के बाद भी असर कर सकता है। इसलिए बाद में सावधानी बरतना बेहद जरुरी है।