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कावेरी विवाद: 'बंद महज राजनीतिक कदम', कर्नाटक में चल रहे विरोध को लेकर DMK का सिद्धारमैया सरकार पर आरोप

Fri, 29 Sep 2023 01:39 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 29 Sep 2023 01:39 PM IST
सार

Cauvery Water Dispute News: डीएमके नेता टीकेएस इलानगोवन ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी छोड़े जाने के खिलाफ कर्नाटक में चल रहा विरोध- प्रदर्शन सिर्फ राजनीति है और कुछ नहीं।

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Karnataka Bandh News: Cauvery Water Dispute, DMK Stalin on Siddaramaiah Release Water to Tamil Nadu
कावेरी नदी का पानी छोड़ने को लेकर विरोध - फोटो : एएनआई

विस्तार

कावेरी नदी के पानी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। कर्नाटक में चल रहे विरोध प्रदर्शन पर अब द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने निशाना साधा है। उन्होंने बंद को महज एक राजनीतिक कदम बताया है।  

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राजनीति के आगे झुक रही सरकार

डीएमके नेता टीकेएस इलानगोवन ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी छोड़े जाने के खिलाफ कर्नाटक में चल रहा विरोध- प्रदर्शन सिर्फ राजनीति है और कुछ नहीं। उन्होंने कहा कि कावेरी कर्नाटक की संपत्ति नहीं है। साथ ही आरोप लगाया कि राज्य सरकार स्थानीय राजनीति के आगे झुक रही है।

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उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता कर्नाटक सरकार को पानी नहीं छोड़ने के लिए उकसा रहे हैं। साथ ही स्थानीय राजनीति के चलते सत्तारूढ़ पार्टी भी ऐसा ही कर रही है। 

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कर्नाटक की संपत्ति नहीं कावेरी

डीएमके नेता ने कहा कि उन्हें पता होना चाहिए कि कावेरी कर्नाटक की संपत्ति नहीं है। कावेरी का पानी जहां भी जाता है। वहां के हर राज्य को पानी दिया जाना चाहिए और विशेष रूप से निचले तटवर्ती राज्यों को इसका लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हड़ताल सिर्फ एक राजनीतिक कदम है। 

तमिलनाडु फिर जाएगा सुप्रीम कोर्ट

इस बीच, तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री दुरईमुरुगन ने कहा कि राज्य 5000 क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगा। उन्होंने कहा, 'हम फिर से कर्नाटक से 5000 क्यूसेक पानी छोड़ने की मांग करेंगे। शीर्ष न्यायालय कर्नाटक सरकार को निर्देश देगी।’

समिति के आदेश पर निराशा

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इससे पहले कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) की सिफारिश पर निराशा व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था, 'सीडब्ल्यूआरसी ने पानी छोड़ने का आदेश दिया है, मैंने पहले ही अपने वकीलों से बात कर ली है। हम इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। हमारे पास तमिलनाडु को देने के लिए पानी नहीं है।’ 

सीडब्ल्यूआरसी का यह है निर्देश

दरअसल, समिति ने कर्नाटक को 28 सितंबर से 15 अक्टूबर तक बिलिगुंडलू में कावेरी का 3000 क्यूसेक पानी छोड़ना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। 

कर्नाटक बंद का आह्वान

समिति द्वारा पानी छोड़ने के आदेश के बाद किसान यूनियनों और कन्नड़ समर्थक संगठनों ने आज कर्नाटक बंद का आह्वान किया है। कई प्रदर्शनकारियों को नारे लगाते देखा गया कि कावेरी नदी उनकी है।



बंद के बाद फंसीं चार सौ बस

तमिलनाडु के जुजुवाड़ी में पंजीकरण वाहनों को रोक दिया गया। तमिलनाडु के जिलों की करीब 400 से अधिक बसें होसुर में फंसी हुई हैं क्योंकि पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया है। साथ ही सुबह कन्नड़ संगठन ने बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन किया। 

कर्नाटक रक्षण वेदिके (केआरवी) कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कावेरी नदी जल मुद्दे पर राज्य के सांसदों और सिद्धारमैया सरकार के खिलाफ गुरुवार को बंगलूरू में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। केआरवी कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु के लिए नदी का पानी छोड़े जाने का विरोध करते हुए 'कावेरी हमारा है' के नारे लगाए। वहीं, केआरवी महिला विंग की अध्यक्ष अश्विनी गौड़ा ने कहा कि यह सभी कन्नड़ लोगों के लिए एक साथ आने का समय है। उन्होंने मांग की है कि सभी सांसद एक साथ आकर उनके हक के लिए लड़ें। 

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