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Tamil Nadu: एमके स्टालिन बोले- धर्म के खिलाफ नहीं द्रमुक, राजनीतिक लाभ के लिए विरोधियों ने किया दुष्प्रचार

Wed, 05 Oct 2022 06:51 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 05 Oct 2022 06:51 PM IST
सार

मुख्यमंत्री स्टालिन हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के तत्वावधान में आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपने विरोधियों पर उनकी छवि खराब करने के लिए दुष्प्रचार अभियान चलाने का आरोप लगाया। 

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DMK is not against spiritualism but opposed to mixing religion with politics mk Stalin
एमके स्टालिन (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

विस्तार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी द्रमुक आध्यात्मवाद के खिलाफ नहीं है लेकिन वह राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का इस्तेमाल करने का विरोध करती है।  

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स्टालिन ने कहा कि धर्म पर टिके रहने वाले कुछ लोगों का कहना है कि द्रमुक सरकार धर्म के खिलाफ है। लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि द्रमुक अध्यक्ष के रूप में उन्होंने पिछले साल अपने गठबंधन को शानदार जीत दिलाई थी। 
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मुख्यमंत्री स्टालिन हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के तत्वावधान में आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपने विरोधियों पर उनकी छवि खराब करने के लिए दुष्प्रचार अभियान चलाने का आरोप लगाया। 
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उन्होंने, अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए धर्म का इस्तेमाल करने वाले लोगों का आरोप है कि शासन का द्रविड़ मॉडल धर्म और विश्वासों के खिलाफ है। मैं इस बात को फिर दोहराना चाहता हूं कि द्रमुक अध्यात्मवाद के खिलाफ नहीं, बल्कि उन लोगों के खिलाफ है जो अपने स्वार्थी राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने के लिए धर्म का इस्तेमाल करते हैं। 

स्टालिन ने आगे कहा, जो लो तमिलनाडु में धर्म की संस्कृति को जानते हैं, वे ही इस बात को समझेंगे। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उन्हें इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना पड़ा है क्योंकि सोशल मीडिया पर उनके भाषण को तोड़ मरोड़ पेश किया गया और यह धारणा बनाने की कोशिश की गई कि उन्होंने धर्म के खिलाफ बात की है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि यह द्रमुक सरकार का कर्तव्य है कि वह अरुत्पेरुन्जोति रामलिंगा आदिगलर या वल्लालर की जयंती को परोपकार दिवस के रूप में मनाए। इन संतों ने जाति और धर्म के आधार पर हुए भेदभाव के खिलाफ अभियान चलाया था। 

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