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तमिलनाडु: डीएमके ने राज्यपाल के अभिभाषण का किया बहिष्कार, नागरिकता कानून के खिलाफ हुई नारेबाजी
Mon, 06 Jan 2020 11:32 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 06 Jan 2020 11:32 AM IST
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Thamimun Ansari, MLA
- फोटो : ANI
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एमके स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके ने सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार किया और संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ नारेबाजी के बीच सदन से बहिर्गमन किया। राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने जैसे ही रस्मी अभिभाषण शुरू किया, तुरंत ही स्टालिन खड़े हो गए और कुछ मुद्दों को उठाने का प्रयास करने लगे।
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इस पर राज्यपाल ने डीएमके अध्यक्ष से अपील की कि वह अपनी सीट पर बैठ जाएं। उन्होंने स्टालिन से कहा कि आप सर्वश्रेष्ठ वक्ता हैं। अपनी इस प्रतिभा का उपयोग बहस के दौरान करें। इस सदन में बहस होने दें। लेकिन, डीएमके सदस्य मांग करते रहे कि विपक्ष के नेता को अपनी बात रखने का मौका दिया जाए।
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जब राज्यपाल ने अपनी अपील दोहराई तो स्टालिन सदन से बाहर चले गए और उनके पीछे-पीछे उनकी पार्टी के विधायकों ने भी बहिर्गमन किया। सत्तारूढ़ एआईएडीएमके के सहयोगी विधायक तमिमुन अंसारी राज्यपाल के आसन के समीप पहुंचे और उन्होंने तिरंगा उनके सामने लहराया। अंसारी और आईयूएमएल के एकलौते विधायक अबु बकर सदन में काले कपड़े पहन कर आए थे।
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विरोध के बीच राज्यपाल ने संबोधन में कहा कि तमिलनाडु की सरकार यह सुनिश्चित करे कि सभी धर्मों और पंथों के नागरिकों के हितों की रक्षा हो। राज्य केंद्र से अनुरोध करे कि वह तमिलनाडु में आए श्रीलंका के शरणार्थियों को दोहरी नागरिकता दे।