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ASEAN: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 20-22 नवंबर तक करेंगे लाओस दौरा, आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक में लेंगे भाग
Thu, 14 Nov 2024 07:17 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Thu, 14 Nov 2024 07:17 PM IST
सार
आसियान सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करने का एक मंच है। भारत 1992 में आसियान का संवाद साझेदार बना था।
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राजनाथ सिंह
- फोटो : ANI
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विस्तार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 20 से 22 नवंबर तक लाओस का दौरा करेंगे। वे यहां पर 11वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे। एडीएमएम-प्लस आसियान के सदस्य देशों में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलयेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम हैं। इसके आठ संवाद साझेदार भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड हैं।
आसियान सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करने का एक मंच है। भारत 1992 में आसियान का संवाद साझेदार बना। इसके अलावा एडीएमएम-प्लस का पहला आयोजन 12 अक्तूबर 2010 को वियतनाम के हनोई में हुआ था। 2017 से आसियान और प्लस देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एडीएमएम-प्लस मंत्रियों की हर साल बैठक होने लगी।
इससे मंगलवार को राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत पारंपरिक सीमा संबंधी खतरों से लेकर आतंकवाद, साइबर हमले और हाइब्रिड युद्ध जैसे अपरंपरागत मुद्दों तक विविध प्रकार की सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है।
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आसियान सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करने का एक मंच है। भारत 1992 में आसियान का संवाद साझेदार बना। इसके अलावा एडीएमएम-प्लस का पहला आयोजन 12 अक्तूबर 2010 को वियतनाम के हनोई में हुआ था। 2017 से आसियान और प्लस देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एडीएमएम-प्लस मंत्रियों की हर साल बैठक होने लगी।
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इससे मंगलवार को राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत पारंपरिक सीमा संबंधी खतरों से लेकर आतंकवाद, साइबर हमले और हाइब्रिड युद्ध जैसे अपरंपरागत मुद्दों तक विविध प्रकार की सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है।
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