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कर्नाटक: 'कन्नड़ लोगों को नौकरी से दूर रखा तो होगी कार्रवाई', आईटी कंपनियों को सीएम की चेतावनी; क्या कहा?
Sun, 25 Oct 2026 06:23 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, बंगलूरू।
पीटीआई, बंगलूरू।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 25 Oct 2026 06:23 PM IST
सार
बंगलूरू की आईटी कंपनियों में कन्नड़ लोगों को नौकरी के अवसर नहीं मिलने की शिकायतों पर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने आईटी कंपनियों को क्या चेतावनी दी? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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डीके शिवकुमार।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार को कहा कि अगर निजी संस्थान राज्य में कन्नड़ लोगों को जानबूझकर नौकरी के अवसर नहीं देते हैं, तो सरकार उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि कन्नड़ लोगों के अधिकारों, सम्मान और रोजगार के अवसरों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिवकुमार ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
शिवकुमार ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि कन्नड़ लोगों को नजरअंदाज किए जाने की शिकायतों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। उनके अधिकारों, सम्मान और अवसरों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा, यह सुनकर दुख होता है कि बंगलूरू की आईटी कंपनियों में कन्नड़ लोगों को नौकरी के अवसर नहीं दिए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। स्थानीय कन्नड़ भाषी लोगों को नजरअंदाज किए जाने के मुद्दे को सरकार ने गंभीरता से लिया है।
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'कर्नाटक में कन्नड़ लोगों का सर्वोच्च स्थान'
उन्होंने कहा, कर्नाटक में कन्नड़ लोगों का सर्वोच्च स्थान है। सरकार किसी भी कारण से कन्नड़ लोगों के अधिकारों, सम्मान और अवसरों की अनदेखी नहीं होने देगी। शिवकुमार ने कहा कि बंगलूरू को दुनियाभर में भारत की तकनीकी राजधानी के रूप में पहचाना जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य को कन्नड़ लोगों की प्रतिभा, कौशल और क्षमताओं पर बहुत गर्व है।
उन्होंने कहा, अगर यह पाया गया कि किसी निजी संस्थान ने जानबूझकर कन्नड़ लोगों को नौकरी के अवसरों से दूर रखा है, तो सरकार उचित कार्रवाई करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार कन्नड़ लोगों के हितों से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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शिवकुमार ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
शिवकुमार ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि कन्नड़ लोगों को नजरअंदाज किए जाने की शिकायतों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। उनके अधिकारों, सम्मान और अवसरों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने कहा, यह सुनकर दुख होता है कि बंगलूरू की आईटी कंपनियों में कन्नड़ लोगों को नौकरी के अवसर नहीं दिए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। स्थानीय कन्नड़ भाषी लोगों को नजरअंदाज किए जाने के मुद्दे को सरकार ने गंभीरता से लिया है।
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'कर्नाटक में कन्नड़ लोगों का सर्वोच्च स्थान'
उन्होंने कहा, कर्नाटक में कन्नड़ लोगों का सर्वोच्च स्थान है। सरकार किसी भी कारण से कन्नड़ लोगों के अधिकारों, सम्मान और अवसरों की अनदेखी नहीं होने देगी। शिवकुमार ने कहा कि बंगलूरू को दुनियाभर में भारत की तकनीकी राजधानी के रूप में पहचाना जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य को कन्नड़ लोगों की प्रतिभा, कौशल और क्षमताओं पर बहुत गर्व है।
उन्होंने कहा, अगर यह पाया गया कि किसी निजी संस्थान ने जानबूझकर कन्नड़ लोगों को नौकरी के अवसरों से दूर रखा है, तो सरकार उचित कार्रवाई करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार कन्नड़ लोगों के हितों से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है।