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राहत की दिवाली: दो साल बाद फिर ड्रायफ्रूट्स की मांग में उछाल, 25 हजार करोड़ के कारोबार की उम्मीद
Sat, 22 Oct 2022 01:48 PM IST
सुरेंद्र जोशी
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 22 Oct 2022 01:48 PM IST
सार
कारोबारियों का कहना है कि कोरोना के कारण बीते दो साल दिवाली पर मेवों की मांग कमजोर रही। लेकिन अब कोरोना खत्म होने से इस साल मेवों की मांग भी बढ़ी है। कॉरपोरेट क्षेत्र ने भी कर्मचारियों व अन्य को गिफ्ट देने के लिए मेवों की खरीद पिछले साल से ज्यादा की है।
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मेवा
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
दो साल बाद देश में दिवाली का पर्व कोरोना पाबंदियों के बगैर मनाया जा रहा है। महंगाई के बावजूद बाजारों में रौनक है। लोगों में जबर्दस्त उत्साह है। मेवा कारोबारियों के लिए भी दिवाली खुशियां लेकर आई है। इस साल दिवाली पर मेवों की बिक्री में पिछले साल से ज्यादा उछाल है। 25 हजार करोड़ से ज्यादा का कारोबार होने की उम्मीद है।
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कारोबारियों के मुताबिक इस साल मिठाई वालों से लेकर गिफ्ट देने के लिए मेवों की भी मांग खूब है। पिछली दिवाली पर अफगान संकट के कारण मेवों की आपूर्ति बाधित होने से दाम काफी ज्यादा थे, लेकिन इस बार मेवों का आयात खूब हुआ, क्योंकि अफगान संकट भी दूर हो गया है। कारोबारियों ने अफगानिस्तान के अलावा अन्य मेवा आयातक देशों से भी माल मंगाया है। कोरोना की मार खत्म होने से भी मेवों की बिक्री को बल मिला है।
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इंटरनेशनल फ्रूट्स एंड नट्स ऑर्गेनाइजेशन व क्लास एलजोन प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि कोरोना के कारण बीते दो साल दिवाली पर मेवों की मांग कमजोर रही। लेकिन अब कोरोना खत्म होने से इस साल मेवों की मांग भी बढ़ी है। कॉरपोरेट क्षेत्र ने भी कर्मचारियों व अन्य को गिफ्ट देने के लिए मेवों की खरीद पिछले साल से ज्यादा की है।
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इस साल मेवा कारोबार 10 फीसदी बढ़कर 25,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। दिल्ली के खारी बावली से जुड़े व्यापारी संघ का कहना है कि पिछले साल मेवे महंगे होने से बिक्री कम हुई थी। इस साल मेवों के दाम बढ़े नहीं है। साथ ही इस बार आम से लेकर खास सभी उत्साह से दिवाली मना रहे हैं। कोरोना खत्म होने से मिठाई निर्माताओं को भी मिठाई की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।