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फोन पर तलाक, महिला पहुंची सुप्रीम कोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Wed, 24 Aug 2016 01:06 AM IST
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- फोटो : getty
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ट्रिपल तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक अन्य मुस्लिम महिला ने याचिका दाखिल की है। इस महिला के पति ने दुबई से ही फोन पर उसे तलाक दे दिया है। पश्चिम बंगाल में रहने वाली इशरत जहां ने याचिका दाखिल कर ट्रिपल तलाक को असंवैधानिक और मुस्लिम महिलाओं के गौरवपूर्ण जीवन जीने के अधिकार का उल्लंघन बताया है।
मंगलवार को इस मामले सुप्रीम कोर्ट में उल्लेख किया गया, जिस पर शीर्ष अदालत ने इस मामले की सुनवाई की तारीख 26 अगस्त को होगी। इशरत ने अपनी याचिका में कहा है कि उसके पति ने दुबई से फोन पर उसे तलाक दे दिया है और बच्चे उसकेपति के पास हैं। महिला ने बच्चों को वापस दिलाने की गुहार की है। साथ ही महिला ने सुरक्षा प्रदान करने की भी गुहार की है। महिला ने निकाह वर्ष 2001 में हुआ था।
मालूम हो कि इससे पहले नैनीताल की शायरा बानो, जयपुर की आफरीन समेत कई अन्य ने भी ट्रिपल तलाक के खिलाफ याचिका दाखिल की है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को दखल नहीं देना चाहिए।
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मंगलवार को इस मामले सुप्रीम कोर्ट में उल्लेख किया गया, जिस पर शीर्ष अदालत ने इस मामले की सुनवाई की तारीख 26 अगस्त को होगी। इशरत ने अपनी याचिका में कहा है कि उसके पति ने दुबई से फोन पर उसे तलाक दे दिया है और बच्चे उसकेपति के पास हैं। महिला ने बच्चों को वापस दिलाने की गुहार की है। साथ ही महिला ने सुरक्षा प्रदान करने की भी गुहार की है। महिला ने निकाह वर्ष 2001 में हुआ था।
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मालूम हो कि इससे पहले नैनीताल की शायरा बानो, जयपुर की आफरीन समेत कई अन्य ने भी ट्रिपल तलाक के खिलाफ याचिका दाखिल की है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को दखल नहीं देना चाहिए।
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