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Ayodhya Verdict: असंतुष्ट पक्षकारों के पास अब बचे हैं मात्र ये दो विकल्प
Sun, 10 Nov 2019 03:47 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sun, 10 Nov 2019 03:47 AM IST
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अयोध्या मामला
- फोटो : Amar Ujala
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं होने पर पक्षकारों के पास दो विकल्प अब भी बचे हैं। पहला है रिव्यू पिटिशन या पुनर्विचार याचिका दायर करना। असंतुष्ट पक्ष को 30 दिन के भीतर पुनर्विचार याचिका दायर करनी होगी। याचिका दाखिल करने वाले पक्ष को सुप्रीम कोर्ट को बताना होता है कि उसके फैसले में क्या कमी है।
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इस याचिका में वकीलों की ओर से जिरह नहीं होती, बल्कि दिए गए फैसले की फाइलों और रिकॉर्ड्स पर ही विचार होता है। दूसरा, पुनर्विचार याचिका पर फैसले पर एतराज होने के बाद पक्ष को क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल की जा सकती है। इस पर सुनवाई के दौरान केस के तथ्य पर विचार नहीं बल्कि कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाता है।
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क्यूरेटिव पिटिशन में तीन वरिष्ठतम जज सुनवाई करते हैं और बाकी फैसला देने वाले जज शामिल होते हैं। इस तरह कुछ छह जज सुनवाई करते हैं।