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गुजरात : आय से अधिक संपत्ति के मामले में 29 सरकारी कर्मचारी नपे
Mon, 30 Nov 2020 06:57 PM IST
दीप्ति मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Mon, 30 Nov 2020 06:57 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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देश में भ्रष्टाचारियों पर लगातार शिंकजा कसा जा रहा है। भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने पिछले 11 महीने के दौरान आय से अधिक संपत्ति के आरोप में गुजरात सरकार के 29 कर्मियों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। एसीबी अधिकारियों ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।
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एसीबी ने सोमवार को एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि इन 29 कर्मचारियों में तीन श्रेणी एक के और आठ श्रेणी दो के अफसर हैं जबकि शेष 18 कर्मचारी श्रेणी तीन के हैं। एसीबी ने कहा कि कथित आय से अधिक संपत्ति जिसमें भूमि और आवासीय संपत्ति शामिल है, का कुल बाजार मूल्य 40.47 करोड़ रुपये है।
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एसीबी ने कहा कि उसने बेनामी और अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति का पता लगाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसके बाद मिली जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। विज्ञप्ति में कहा गया कि आठ आरोपी अब बंद हो चुके गुजरात भूमि विकास निगम के पूर्ववर्ती कर्मी हैं। अन्य आरोपी, शहरी विकास विभाग, राजस्व, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पुलिस, शिक्षा, वन एवं पर्यावरण, स्वास्थ्य, खनन एवं खनिज विभागों से संबद्ध हैं।
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विज्ञप्ति के मुताबिक, इन कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम और बेनामी संपत्ति लेन देन निषेध अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इस बीच, एसीबी ने सिंचाई विभाग से श्रेणी तीन के सेवानिवृत्त इंजीनियर कालूभाई राम के खिलाफ आय से 1.38 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित करने के आरोप में सोमवार को मामला दर्ज किया। यह उनकी आय के ज्ञात स्रोतो से 97.71 प्रतिशत ज्यादा है। कुछ साल पहले सेवानिवृत्त हुए राम ने 2005 से 2013 के बीच अपनी सेवा के दौरान अपने बैंक खातों में 22 लाख रुपये जमा किए थे।