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Amit Shah Ambedkar Remarks: 'BJP की जातिवादी, दलित विरोधी मानसिकता उजागर', शाह पर ममता और उद्धव का करारा हमला
Wed, 18 Dec 2024 05:42 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 18 Dec 2024 05:42 PM IST
सार
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की तरफ सदन में आंबेडकर को लेकर की गई टिप्पणी के बाद विपक्ष की तरफ से भाजपा और गृहमंत्री पर हमला लगातार जारी है। इस कड़ी में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी और शिवसेना यूबीटी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने उनपर निशाना साधा है।
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आंबेडकर टिप्पणी पर शाह पर विपक्ष हमलावर
- फोटो : ANI
विस्तार
संसद में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की तरफ से संविधान के गौरवशाली 75 वर्ष पर चर्चा के दौरान आंबेडकर को लेकर की गई टिप्पणी के बाद तमाम विपक्षी दल भाजपा पर निशाना साध रहे हैं। इसमें नया नाम पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जुड़ा है। जिन्होंने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से राज्यसभा में बीआर आंबेडकर के बारे में की गई टिप्पणी भाजपा की 'जातिवादी और दलित विरोधी मानसिकता' को दर्शाती है।
मुखौटा उतर गया है- ममता बनर्जी
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने उनकी टिप्पणी को अपमानजनक बताते हुए दावा किया कि यह उन लाखों लोगों का अपमान है जो मार्गदर्शन और प्रेरणा के लिए अंबेडकर की ओर देखते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया जिसमें उन्होंने लिखा- 'मुखौटा उतर गया है! जब संसद संविधान के 75 गौरवशाली वर्षों पर विचार कर रही है, गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करके कलंकित करने का विकल्प चुना, वह भी लोकतंत्र के मंदिर में।'
संसद में अमित शाह से बिना शर्त माफी मांगे- टीएमसी
वहीं टीएमसी ने एक्स पर पोस्ट किया, 'ऐसे समय में जब संसद भारतीय संविधान के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रही है, गृह मंत्री अमित शाह ने अपने राज्यसभा भाषण में बाबासाहेब आंबेडकर का अपमान करने की हिम्मत दिखाई।' इसमें आरोप लगाया गया, 'इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह जुबान की फिसलन नहीं थी; यह दलित समुदाय के प्रति भाजपा की गहरी अवमानना में निहित एक जानबूझकर किया गया, घिनौना हमला था। यह उस पार्टी का असली चेहरा है जो जाति वर्चस्व, सामाजिक विभाजन और घृणा पर पनपती है।' टीएमसी ने संसद में अमित शाह से बिना शर्त माफ़ी मांगने की मांग की।
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आंबेडकर पर शाह की टिप्पणी भाजपा के अहंकार को दर्शाती है- उद्धव
इधर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बुधवार को दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर पर टिप्पणी भाजपा के 'अहंकार' को दर्शाती है और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. आंबेडकर सहित महाराष्ट्र के प्रतिष्ठित व्यक्तियों का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा और आरएसएस के समर्थन के बिना शाह डॉ. आंबेडकर के बारे में टिप्पणी करने की हिम्मत नहीं कर सकते थे।
पूर्व सीएम ने एनडीए की सहयोगियों के पूछा सवाल
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया, 'डॉ. आंबेडकर पर अमित शाह की टिप्पणी पार्टी (भाजपा) के अहंकार को दर्शाती है और इसने उसका असली चेहरा उजागर कर दिया है।' उद्धव ठाकरे ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डॉ. आंबेडकर पर टिप्पणी के लिए अमित शाह के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।' इसके साथ ही शिवसेना नेता ने पूछा कि क्या भाजपा के सहयोगी दल - तेलुगु देशम पार्टी, जेडी(यू), रामदास अठावले की आरपीआई और शिवसेना - आंबेडकर पर अमित शाह की टिप्पणी से सहमत हैं।
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मुखौटा उतर गया है- ममता बनर्जी
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने उनकी टिप्पणी को अपमानजनक बताते हुए दावा किया कि यह उन लाखों लोगों का अपमान है जो मार्गदर्शन और प्रेरणा के लिए अंबेडकर की ओर देखते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया जिसमें उन्होंने लिखा- 'मुखौटा उतर गया है! जब संसद संविधान के 75 गौरवशाली वर्षों पर विचार कर रही है, गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करके कलंकित करने का विकल्प चुना, वह भी लोकतंत्र के मंदिर में।'
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संसद में अमित शाह से बिना शर्त माफी मांगे- टीएमसी
वहीं टीएमसी ने एक्स पर पोस्ट किया, 'ऐसे समय में जब संसद भारतीय संविधान के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रही है, गृह मंत्री अमित शाह ने अपने राज्यसभा भाषण में बाबासाहेब आंबेडकर का अपमान करने की हिम्मत दिखाई।' इसमें आरोप लगाया गया, 'इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह जुबान की फिसलन नहीं थी; यह दलित समुदाय के प्रति भाजपा की गहरी अवमानना में निहित एक जानबूझकर किया गया, घिनौना हमला था। यह उस पार्टी का असली चेहरा है जो जाति वर्चस्व, सामाजिक विभाजन और घृणा पर पनपती है।' टीएमसी ने संसद में अमित शाह से बिना शर्त माफ़ी मांगने की मांग की।
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आंबेडकर पर शाह की टिप्पणी भाजपा के अहंकार को दर्शाती है- उद्धव
इधर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बुधवार को दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर पर टिप्पणी भाजपा के 'अहंकार' को दर्शाती है और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. आंबेडकर सहित महाराष्ट्र के प्रतिष्ठित व्यक्तियों का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा और आरएसएस के समर्थन के बिना शाह डॉ. आंबेडकर के बारे में टिप्पणी करने की हिम्मत नहीं कर सकते थे।
पूर्व सीएम ने एनडीए की सहयोगियों के पूछा सवाल
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया, 'डॉ. आंबेडकर पर अमित शाह की टिप्पणी पार्टी (भाजपा) के अहंकार को दर्शाती है और इसने उसका असली चेहरा उजागर कर दिया है।' उद्धव ठाकरे ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डॉ. आंबेडकर पर टिप्पणी के लिए अमित शाह के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।' इसके साथ ही शिवसेना नेता ने पूछा कि क्या भाजपा के सहयोगी दल - तेलुगु देशम पार्टी, जेडी(यू), रामदास अठावले की आरपीआई और शिवसेना - आंबेडकर पर अमित शाह की टिप्पणी से सहमत हैं।
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