फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Discovery Found a way to kill enemy Bacteria of Respiratory system easy treatment of many diseases including pneumonia and asthma

खोज: सांस के दुश्मन बैक्टीरिया को मारने का मिला तरीका, निमोनिया-अस्थमा समेत कई बीमारियों का इलाज होगा आसान

Sun, 30 Jan 2022 05:40 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला रिसर्च डेस्क, नई दिल्ली।
अमर उजाला रिसर्च डेस्क, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Sun, 30 Jan 2022 05:40 AM IST
सार

आमतौर पर श्वसन पथ में बिना कोई नुकसान पहुंचाए छिपे रहने वाला यह बैक्टीरिया मौका पाकर अपना व्यवहार बदल लेता है और निमोनिया व कान में संक्रमण पैदा कर देता है। इससे भी खतरनाक बात यह है कि ये बैक्टीरिया अस्थमा और ब्रोंकाइटिस की स्थिति को जानलेवा बना देता है।

विज्ञापन
Discovery Found a way to kill enemy Bacteria of Respiratory system easy treatment of many diseases including pneumonia and asthma
फेफड़ों में संक्रमण (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

शोधकर्ताओं ने आखिर वह तरीका खोज ही लिया है, जिससे लाखों लोगों को श्वसन तंत्र के संक्रमण से बचाया जा सके। इंसानों के शरीर में सहज रूप से मिलने वाला हीमोफिल्स इन्फ्लुएंजा बैक्टीरिया असल में वक्त और हालात के मुताबिक अपना रूप बदलकर श्वसन तंत्र पर हमला बोल देता है।

विज्ञापन


क्वींसलैंड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इस बैक्टीरिया को मारने का तरीका खोज लिया है। शोध से जुड़े एसोसिएट प्रोफेसर अलरिके कैप्लर बताते हैं कि आमतौर पर श्वसन पथ में बिना कोई नुकसान पहुंचाए छिपे रहने वाला यह बैक्टीरिया मौका पाकर अपना व्यवहार बदल लेता है और निमोनिया व कान में संक्रमण पैदा कर देता है। इससे भी खतरनाक बात यह है कि ये बैक्टीरिया अस्थमा और ब्रोंकाइटिस की स्थिति को जानलेवा बना देता है। यहां तक कि इसकी वजह से कोविड के कुछ मरीज बहुत धीमी गति से ठीक हो पाते हैं।
विज्ञापन


करीब सौ फीसदी कारगर है मारने का तरीका
डॉ. कैप्लर बताते हैं कि उन्होंने शोध में पाया कि यह बैक्टीरिया अपने पोषण और अस्तित्व के लिए जीवाणु कोशिका झिल्ली में एक विशेष प्रोटीन ‘एलएलडीडी’ पर बहुत अधिक निर्भर रहता है। अगर एलएलडीडी प्रोटीन को निष्क्रिय कर दिया जाए तो बैक्टीरिया भूखा रहकर खत्म होने लगेगा। शोध के दौरान ऐसा करने पर 99.9 फीसदी बैक्टीरिया खत्म हो गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


बच पाएगी लाखों लोगों की जान
शोधकर्ता जेनिफर होस्मर कहती हैं कि यह शोध गंभीर श्वसन संक्रमण वाले लोगों के लिए नए उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण पहला कदम है। इसकी मदद से भविष्य में हेमोफिलस सहित श्वसन पथ में अन्य रोग पैदा करने वाले बैक्टीरिया के इलाज और उन्मूलन के रास्ते खोजे जाएंगे, जिससे दुनियाभर में लाखों लोगों को श्वसन रोगों और संक्रमणों का इलाज मिल पाएगा।


प्रतिरक्षण प्रणाली कर देती है अनदेखा
शोध में पता चला कि असल में बैक्टीरिया ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए ग्लूकोज के उपयोग के लिए लैक्टेट जैसे अपशिष्ट उत्पादों का उपयोग करते हैं, जो मानव कोशिकाएं बड़ी मात्रा में उत्पादन करती हैं। इस तरह से कह सकते हैं कि हीमोफिल्स मानव शरीर के खिलाफ इसके कोशकीय अपशिष्ट का इस्तेमाल करते हैं, जाहिर है हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली इसे अनदेखा कर देती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed