फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Disaster on 'Anndata', monsoon is not looking so good, it will back before time

अन्नदाता पर आफत : विदाई की बेला में दगा दे गया मानसून

Tue, 06 Sep 2016 04:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बस्ती
ब्यूरो/अमर उजाला, बस्ती Updated Tue, 06 Sep 2016 04:34 AM IST
विज्ञापन
Disaster on 'Anndata', monsoon is not looking so good, it will back before time
फाइल फोटो - फोटो : getty

शुरुआती जोश-ओ-खरोश दिखाकर मौसम ने किसानों को ऐसा ललचाया कि लगातार तीन फसल गंवाने के बावजूद किसानों ने अपनी चौथी फसल धान में सारी जमा पूंजी झोंक दिया। उम्मीद थी कि इस बार प्रकृति साथ देगी और तीनों फसलों की कसर धान के पैदावार से पूरी हो जाएगी। लेकिन विदाई की बेला आते-आते मानसून  फिर दगा दे दिया। 

विज्ञापन


मौसम विभाग के अनुसार मानसूनी बारिश का समय 15 सितंबर तक माना जाता है। इस तरह से देखा जाए तो सिर्फ हफ्ते भर ही मानसून बचा है। आंकड़ों के अनुसार अभी तक जिले में 394 एमएम बरसात हुई है, जबकि जिले में औसत बारिश 670  एमएम होनी चाहिए थी। इस दौरान आर्द्रता 50 प्रतिशत एवं हवा की गति चार  किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दर्ज की गई। 
विज्ञापन


भादो में 39 डिग्री का टार्चर
एक पखवारे से मौसम शुष्क है। बादल दिखाई तो देते हैं मगर बरसे बिना उड़ जा रहे हैं। भादो के महीने में 39 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचने का सीधा अर्थ है कि प्रकृति रूठी हुई है। जानकार बताते हैं कि मौसम के मिजाज में अब कोई विशेष परिवर्तन होने वाला नहीं है। इससे एक ओर जहां लोग बीमारियों की चपेट में हैं, दूसरे धान की फसल पूरी तरह से चौपट होने के कगार पर है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

करें परहेज, बचाएं सेहत

Disaster on 'Anndata', monsoon is not looking so good, it will back before time
dfd - फोटो : Getty Images

अगस्त -सितंबर में वायरल बुखार, खांसी और आंत्र शोध के मरीजों की तादाद में खासी बढोत्तरी दर्ज की गई है। चिकित्सकों की सलाह है कि इस मौसम में बाजार की खाद्य सामग्री से परहेज करें। कूलर और आसपास नालियों में पानी को जमा न  होने दे और डीडीटी का छिड़काव करें। बासी खाद्य पदार्थों के सेवन से परहेज करें। 

इसलिए बढ़ रही है गर्मी
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज फैजाबाद के मौसम विभागाध्यक्ष रहे  डा. पद्माकर त्रिपाठी ने बताया कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी की मात्र कम हो गई है। इससे बादल कम बन रहे हैं। सूर्य की किरणें सीधे धरती पर रही हैं। इससे तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है। 

नहर सूखी, फसल पर संकट दोहरी मार झेल रहे हैं किसान

Disaster on 'Anndata', monsoon is not looking so good, it will back before time

क्षेत्र के किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। एक तरफ तो नदी के ओर की खेती बाढ़ और कटान में चली गई, दूसरी ओर नहर सूखने और बारिश कम होने से सूखे की स्थिति पैदा हो गई है। करोड़ों कि लागत से बनी चौधरी चरण सिंह अयोध्या पंप नहर सूखी है जिससे करीब तीन सौ गांवों में हजारों हेक्टेयर खेतों कि सिंचाई नहीं  हो पा रही है। जिम्मेदार अधिकारी भी शिकायत के बाद  भी कोई प्रयास नहीं कर रहे।

क्षेत्र में घाघरा कीसहायक नदी टेढीया पर भौसिया गांव में अयोध्या पंप नहर का हेड बना है। यहां से छह किमी लंबी मेन ब्रांच हाइवे से अमोलीपुर,  कलंद्रहा में बने रेग्यूलेटर से दो भागों में कलवाली शाखा व परसरामपुर  शाखा में बट जाती है। गोंडा जिले में बनी टिकरी नहर की भी एक शाखा यहां आकर मिल जाती है।
 

सिंचाई से बढ़ा अतिरिक्त पानी भी रेग्यूलेटर में में छोड़े जाने कि व्यवस्था है लेकिन यह सभी व्यवस्थाएं बेमतलब साबित हो रही हैं। किसानों ने सिंचाई विभाग में शिकायत भी की लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते धान, गन्ने कि फसल सूख रही है। इन्हीं नहरों से चंपलिया, नेतवर पट्टी, धिरौली पाण्डेय, शंकरपुर, मलौलीदूबे,  कवलपुर, बछईपुर, पावड, बैधबैड़िया, रानीगांव सहित सैकड़ों ग्रामपंचायतो में धान गेहूं व गन्ना फसले वरदान साबित होती थीं।

चार पंप में मात्र एक ही चलता है

Disaster on 'Anndata', monsoon is not looking so good, it will back before time

टेढ़ीया नदी से पंप तक पानी ला कर चार बड़े टरबाइन  मोटर से नहर में पानी छोड़ा जाता है मगर सप्लाई चैनल में भारी मात्रा में सिल्ट जमा हो गई जिससे हेड तक पानी पहुंचता ही नहीं। चार पंप में मात्र एक ही चलता है। सप्लाई चैनल पाला बनाया गया लेकिन पांच साल से इसमें बालू  मिट्टी का गाद जमा हो गई है जिससे 58 किमी लंबी  नहर में झाड़िया उग गईं।

शंकरपुर ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि जगदंबा  यादव ने बताया कि नहर के बगल में रह कर हम सब इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं  बरसात भी नहीं हो रही है। उच्च अधिकारियों से शिकायत की पर नहर चालू नहीं हुई है।

"पंप का सप्लाई चैनल में सिल्ट जम जाने से जरूरत के  मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा है जिसके सफाई के लिए सिविल विभाग को सूचना भेज  दी गई है।" -दशरथ  प्रसाद, अयोध्या पंप नहर के कार्यालय प्रभारी अधिशासी अभियंता

इंद्र देवता को प्रसन्न करने के लिए महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली

Disaster on 'Anndata', monsoon is not looking so good, it will back before time

बारिश के लिए पांडेय बाजार स्थित त्रिदेव मंदिर में सोमवार से महाचंडी यज्ञ शुरू हुआ। यह यज्ञ नौ सितंबर तक चलेगा। यज्ञ बनारस से आए पंडितों की ओर से किया जा रहा है। इंद्र देवता को प्रसन्न करने के लिए महिलाओं ने कलश यात्रा भी निकाली।

मानसून समाप्त होने को है, मगर अभी तक अपेक्षित बारिश नहीं हुई। जल स्तर गिरता जा रहा है, जिसके चलते हैंडपंप सूखते जा रहे हैं। वहीं पर्याप्त बारिश न होने से फसलें बर्बाद हो रही है। ऐसे में इंद्र देवता को प्रसन्न करने के लिए महाचंडी यज्ञ का सहारा लिया जा रहा है।

इसकी शुरूआत सोमवार को त्रिदेव मंदिर से हुई। सबसे पहले सुबह दो सौ से अधिक महिलाओं ने मारवाड़ी मंदिर से त्रिदेव मंदिर तक कलश यात्रा निकाली। इसके बाद बनारस से आए पंडितों ने महाचंडी यज्ञ शुरू किया। इस मौके पर अजय बंसल, श्रवण बाबा, राकेश खंडेलवाल, अमर जायसवाल, प्रकाश कसौधन व अनिल जायसवाल सहित अन्य मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed