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Dilip Kumar Birth Anniversary: दिलीप साहब को याद कर सायरा ने कहा- इस बार बात नहीं हो पाई, पर जन्मदिन मुबारक हो जान!
Sun, 12 Dec 2021 05:46 AM IST
योगेश साहू
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Sun, 12 Dec 2021 05:46 AM IST
सार
शनिवार 11 दिसंबर को गुजरे जमाने के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार साहब का 99वां जन्मदिन था। इस खास मौके पर सायरा बानो ने अपने शौहर को याद करते हुए एक चिट्ठी लिखी, जिसे पढ़कर आंखें नम हो जाएंगी।
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दिलीप कुमार
- फोटो : Social Media
विस्तार
कोई जिस्म पर अटक गया और कोई दिल पर अटक गया/इश्क उसका ही मुकम्मल हुआ, जो रूह तक पहुंच गया... कुछ ऐसा ही रूहानी प्रेम है दिलीप साहब के लिए उनकी पत्नी, हमदर्द और दोस्त सायरा बानो का, जो ट्रैजडी किंग के इंतकाल के बाद भी उनके दिल में पैवस्त है। दरअसल, शनिवार यानी 11 दिसंबर को दिलीप कुमार का 99वां जन्मदिन था। इस खास मौके पर सायरा बानो ने अपने शौहर को याद करते हुए एक चिट्ठी लिखी, जिसे पढ़कर आंखें नम हो जाएंगी।
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दिग्गज अभिनेत्री ने लिखा, शारीरिक रूप से उनका (दिलीप साहब) न होना एक भयानक खालीपन है। भले ही इस सालगिरह पर दिलीप साहब से मेरी बातचीत नहीं हो पाई, मगर मुझे पता है कि वह हमारे साथ थे, हैं और हमेशा रहेंगे। एक बार फिर मुझे पता है कि मैं अभी और हमेशा के लिए अकेली नहीं हूं। जन्मदिन मुबारक हो जान! सायरा बानो ने आगे लिखा, मैं सिर्फ प्रार्थना करना चाहती हूं। उन्हें याद करना चाहती हूं। मैं जुहू गार्डन (जुहू कब्रिस्तान) जाना चाहती हूं, जहां उन्हें दफनाया गया है।
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बिना शब्दों के किया संवाद
सायरा दो महीने पहले यानी 11 अक्तूबर को मनाई गई शादी की सालगिरह को याद करते हुए कहती हैं, दिलीप साहब हमारे साथ थे। मेरा हाथ पकड़ा और बिना शब्दों के मुझसे संवाद किया। मुगल-ए-आजम, देवदास, नया दौर एवं राम और श्याम जैसी ऐतिहासिक फिल्मों में काम करने वाले दिग्गज अभिनेता के पिछले जन्मदिनों को याद करते हुए वह कहती हैं, पहले पूरे घर को फूलों से सजाया जाता था। देश-विदेश से उनके चाहने वाले रंग-बिरंगे फूलों के गुलदस्ते भेजा करते थे। दिलीप साहब को लोगों का बहुत प्यार मिलता था और आज भी मिलता है।
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सबके लिए सहज थे साहब
ट्रैजडी किंग के साथ हर पल साये की तरह रहने वाली अभिनेत्री (77) ने लिखा, दिलीप साहब को इस बात का गर्व था कि उनका जन्म अविभाजित भारत और एक संयुक्त परिवार में हुआ। जहां बडों का सम्मान एवं छोटे सदस्यों और महिलाओं की देखभाल होती थी। अपनी निगाहों में वह एक बेहद साधारण शख्स थे, जो अपने परिवार के साथ रहते थे। अपनी शानदार जिंदगी के दौरान वह सभी वर्ग के लोगों के साथ सहज थे।