दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस पर किया पलटवार, कहा- जैसे को तैसा फल मिलेगा
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पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रमुख दिलीप घोष ने उन्हें 'गुंडा' कहने पर तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोमवार को पलटवार किया। घोष ने कहा कि भगवा दल लोगों के साथ खड़े रहने में विश्वास रखता है और सत्तापक्ष को 'जैसे को तैसा' फल मिलेगा। उन्होंने कहा कि अगर लोगों के पक्ष में होने का मतलब गुंडा होना होता है तो भाजपा व्यापक तौर पर यह करना जारी रखेगी।
उल्लेखनीय है कि तृणमूल कंग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने दक्षिण 24 परगना में रविवार को एक रैली में कहा था कि भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय 'बाहरी' हैं और दिलीप घोष 'गुंडा' हैं। इस पर घोष ने कहा, 'अभिषेक ने अबतक कोई गुंडागर्दी नहीं देखी है। हम इसे व्यापक तौर पर करेंगे। उन्हें (तृणमूल कांग्रेस को) जैसे को तैसा फल मिलेगा।'
उन्होंने कहा, 'बहरहाल, हम लोगों के साथ खड़े होने में विश्वास रखते हैं। तृणमूल कांग्रेस का इसका अर्थ गुंडागर्दी निकाल सकती, क्योंकि उनका लोगों से संपर्क अब नहीं रहा है।' उन्होंने कहा, 'हम उन्हें प्यार से भाइपो बुलाते थे। लेकिन आज मैं उन्हें खोकाबाबू (प्रभावशाली परिवार का युवा वंशज) कह रहा हूं जो बिना मेहनत किए राजनीति में आए हैं। लोग सब देख रहे हैं।'
अभिषेक बनर्जी ने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी समेत किसी भी भाजपा नेता में उनका नाम लेने की हिम्मत नहीं है और वे उनपर आरोप लगाने के लिए 'भाइपो' (बंगाली में भतीजा) या भतीजा जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। उधर, घोष की टिप्पणी पर टीएमसी सांसद सौगात रॉय ने कहा, 'दिलीप बाबू सुबह में नियमित रूप से मीडिया में गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी करते हैं।'
घोष ने अभिषेक बनर्जी को कानूनी नोटिस भेजा
दिलीप घोष ने एक रैली में तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी द्वारा उनके लिए कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने के लिए सोमवार को उन्हें कानूनी नोटिस भेजा। घोष ने कहा कि एक विपक्षी पार्टी के नेता के लिए बनर्जी के आचरण में शिष्टाचार का अभाव था। बनर्जी ने रविवार को दक्षिणी चौबीस परगना जिले में आयोजित एक रैली में कथित तौर पर घोष के विरुद्ध अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था जिसके लिए घोष ने वकील ने उन्हें नोटिस भेजा।
घोष ने कहा कि तृणमूल नेता द्वारा लगाए गए आरोपों पर अदालत निर्णय देगी और इसके साथ ही समाज को सोचना होगा कि इस प्रकार की राजनीति की अनुमति होनी चाहिए या नहीं। अभिषेक बनर्जी, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं और उन्हें तृणमूल कांग्रेस में नंबर दो की हैसियत वाला नेता माना जाता है। घोष ने कहा कि समाज उनसे (बनर्जी) कुछ शिष्टाचार की अपेक्षा रखता है। कानून तो औपचारिकता हैं, लेकिन व्यक्ति का आचरण मायने रखता है।
2021 के चुनाव में बंगाली राज्य वाद को मुद्दा बनाएगी टीएमसी
उधर, अपनी 'अंदरूनी बनाम बाहरी' अभियान पर सकारात्मक प्रतिक्रियाओं से अभिभूत तृणमूल कांग्रेस ने साल 2021 में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा के आक्रामक हिंदुत्व अभियान के खिलाफ 'बंगाली प्राइड' को अपना प्रमुख चुनावी आधार बनाने का निर्णय किया है। एक निर्धारित विचारधारा न होने की समस्या से दो-चार होती रही टीएमसी ने आखिरकार बंगाली राज्य वाद को भुनाने का फैसला किया है।
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद सौगत राय ने इसे लेकर कहा कि अगले विधानसभा चुनावों के दौरान, विकास के साथ-साथ बंगाली प्राइड हमारा प्रमुख मुद्दा रहेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल बंगालियों के लिए नहीं है बल्कि इस मिट्टी से सभी बेटों के लिए है। यह दृष्टिकोण भाजपा की उन कोशिशों को जवाब होगा जिनके तहत वह बाहरी नेताओं को राज्य के लोगों को नियंत्रित करने के लिए ला रही है।