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दिग्विजय ने कहा- कश्मीर हमारे हाथ से निकल जाएगा, चिदंबरम बोले- मुस्लिम बहुल होने के कारण हटा 370
Mon, 12 Aug 2019 09:14 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 12 Aug 2019 09:14 AM IST
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दिग्विजय सिंह और पी चिदंबरम
- फोटो : सोशल मीडिया
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जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद से ही कांग्रेस का एक धड़ा केंद्र सरकार पर हमलावर है। रविवार को दिग्विजय ने आरोप लगाया कि केंद्र के इस फैसले के कारण कश्मीर हमारे हाथ से निकल जाएगा। वहीं, दिग्गज कांग्रेसी नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि मुस्लिम बहुल होने के कारण कश्मीर से भाजपा ने अनुच्छेद 370 को हटाया।
मध्यप्रदेश के सीहोर के दौरे पर आए दिग्विजय ने अनुच्छेद-370 के बारे में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि मैंने आप लोगों से कहा था कि अगर धारा 370 हटी तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। देखिए आज कश्मीर जल रहा है। इन्होंने (प्रधानमंत्री मोदी) अपने हाथ आग में झुलसा लिए हैं। कश्मीर को बचाना हमारी प्राथमिकता है।
दिग्विजय ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से अपील करता हूं कि इस समस्या का जल्दी हल कराइए, नहीं तो कश्मीर हमारे हाथ से निकल जाएगा।
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मध्यप्रदेश के सीहोर के दौरे पर आए दिग्विजय ने अनुच्छेद-370 के बारे में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि मैंने आप लोगों से कहा था कि अगर धारा 370 हटी तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। देखिए आज कश्मीर जल रहा है। इन्होंने (प्रधानमंत्री मोदी) अपने हाथ आग में झुलसा लिए हैं। कश्मीर को बचाना हमारी प्राथमिकता है।
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दिग्विजय ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से अपील करता हूं कि इस समस्या का जल्दी हल कराइए, नहीं तो कश्मीर हमारे हाथ से निकल जाएगा।
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Digvijaya Singh, Congress: Refer to the international media & see what is happening in Kashmir. They've (Government) burnt their hands in fire, saving Kashmir is our primary focus. I appeal to Modi ji, Amit Shah ji & Ajit Doval ji to be careful otherwise we will lose Kashmir. pic.twitter.com/sqZV0yKmwX
— ANI (@ANI) August 12, 2019
पी चिदंबरम ने खेला हिंदू-मुस्लिम कार्ड
वहीं पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के लिए रविवार को भाजपा की आलोचना की और कहा कि यदि जम्मू कश्मीर हिंदू बहुल राज्य होता तो भगवा पार्टी इस राज्य का विशेष दर्जा नहीं छीनती।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपनी ताकत से अनुच्छेद को समाप्त किया। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर अस्थिर है और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियां इस अशांत स्थिति को कवर कर रही हैं लेकिन भारतीय मीडिया घराने ऐसा नहीं कर रहे हैं।
चिदंबरम ने कहा कि उनका (भाजपा) दावा है कि कश्मीर में हालात ठीक हैं। अगर भारतीय मीडिया घराने जम्मू-कश्मीर में अशांति की स्थिति को कवर नहीं करते हैं तो क्या इसका मतलब स्थिरता होता है? उन्होंने सात राज्यों में सत्तारूढ़ सात क्षेत्रीय दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने राज्यसभा में भाजपा के कदम के खिलाफ भय के कारण सहयोग नहीं किया।
विपक्षी पार्टियों के असहयोग पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि हमें पता है कि लोकसभा में हमारे पास बहुमत नहीं है लेकिन सात पार्टियों (अन्नाद्रमुक, वाईएसआरसीपी, टीआरएस, बीजद, आप, टीएमसी, जद(यू) ने सहयोग किया होता तो विपक्ष राज्यसभा में बहुमत में होता। यह निराशाजनक है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जम्मू कश्मीर के सौरा क्षेत्र में लगभग 10 हजार लोगों ने विरोध किया जो एक सच है, पुलिस ने कार्रवाई की जो एक सच है और इस विरोध के दौरान हुई गोलीबारी एक सच्चाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कदम की निंदा करने के लिए यहां एक जनसभा हुई थी। उन्होंने कहा कि देश के 70 साल के इतिहास में ऐसा कभी कोई उदाहरण नहीं आया जब एक राज्य को केन्द्रशासित प्रदेश बना दिया गया हो।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपनी ताकत से अनुच्छेद को समाप्त किया। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर अस्थिर है और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियां इस अशांत स्थिति को कवर कर रही हैं लेकिन भारतीय मीडिया घराने ऐसा नहीं कर रहे हैं।
चिदंबरम ने कहा कि उनका (भाजपा) दावा है कि कश्मीर में हालात ठीक हैं। अगर भारतीय मीडिया घराने जम्मू-कश्मीर में अशांति की स्थिति को कवर नहीं करते हैं तो क्या इसका मतलब स्थिरता होता है? उन्होंने सात राज्यों में सत्तारूढ़ सात क्षेत्रीय दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने राज्यसभा में भाजपा के कदम के खिलाफ भय के कारण सहयोग नहीं किया।
विपक्षी पार्टियों के असहयोग पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि हमें पता है कि लोकसभा में हमारे पास बहुमत नहीं है लेकिन सात पार्टियों (अन्नाद्रमुक, वाईएसआरसीपी, टीआरएस, बीजद, आप, टीएमसी, जद(यू) ने सहयोग किया होता तो विपक्ष राज्यसभा में बहुमत में होता। यह निराशाजनक है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जम्मू कश्मीर के सौरा क्षेत्र में लगभग 10 हजार लोगों ने विरोध किया जो एक सच है, पुलिस ने कार्रवाई की जो एक सच है और इस विरोध के दौरान हुई गोलीबारी एक सच्चाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कदम की निंदा करने के लिए यहां एक जनसभा हुई थी। उन्होंने कहा कि देश के 70 साल के इतिहास में ऐसा कभी कोई उदाहरण नहीं आया जब एक राज्य को केन्द्रशासित प्रदेश बना दिया गया हो।