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DES 2025: '2026 तक 70,000 करोड़ रुपये तक पहुंचेगा डिजिटल विज्ञापन बाजार', सूचना एवं प्रसारण सचिव संजय जाजू
Fri, 27 Jun 2025 10:56 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 27 Jun 2025 10:56 PM IST
सार
भारत का डिजिटल मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्मार्टफोन, इंटरनेट और एआई जैसी तकनीकों ने इसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। सरकार का उद्देश्य है कि भारत जल्द ही एक वैश्विक डिजिटल कंटेंट हब के रूप में उभरे।
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संजय जाजू, सूचना एवं प्रसारण सचिव
- फोटो : ANI
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विस्तार
सूचना एवं प्रसारण सचिव संजय जाजू ने शुक्रवार को कहा कि भारत में अब विज्ञापन खर्च का 55% से अधिक हिस्सा डिजिटल माध्यम पर हो रहा है। इससे यह साफ हो गया है कि डिजिटल अब मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में सबसे आगे है। संजय जाजू ने डिजिटल एंटरटेनमेंट समिट (डीईएस) 2025 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'डिजिटल अब निश्चित रूप से गैर-डिजिटल से बड़ा हो गया है।'
55 करोड़ स्मार्टफोन उपयोगकर्ता बने बदलाव की वजह
संजय जाजू ने बताया कि भारत में 55 करोड़ से ज्यादा स्मार्टफोन उपयोगकर्ता हैं, जो मीडिया खपत के तरीके को बदल रहे हैं। सस्ते इंटरनेट और गहराई तक इंटरनेट पहुंच ने इस बदलाव को और तेज किया है।
यह भी पढ़ें - Indus Waters Treaty: विदेश मंत्रालय की दो टूक- मध्यस्थता अदालत अवैध, भारत इसके कानूनी अस्तित्व को नहीं मानता
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डिजिटल एंटरटेनमेंट बना भारत की वैश्विक पहचान का माध्यम
उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से एक रचनात्मक शक्ति रहा है, लेकिन अब डिजिटल माध्यम उसके वैश्विक सपनों की पूर्ति में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। 'डिजिटल एंटरटेनमेंट अब पूरे मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में एक बड़ा हिस्सा बन गया है।' इसमें ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, गेमिंग कंपनियां, एनीमेशन स्टूडियोज, पोस्ट-प्रोडक्शन और क्रिएटर इकॉनॉमी जैसे सेक्टर शामिल हैं। संजय जाजू ने उद्योग रिपोर्टों के हवाले से बताया कि भारत का डिजिटल विज्ञापन बाजार 2026 तक 70,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो सकता है।
भारत को वैश्विक कंटेंट और टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा
सूचना और प्रसारण मंत्रालय की तरफ से आयोजित वर्ल्ड ऑडियो वीडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य भारत को एक वैश्विक कंटेंट और टेक्नोलॉजी हब बनाना है। यह आयोजन फिल्म, टेक, गेमिंग, स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया जैसे क्षेत्रों के हितधारकों को एक मंच पर लाने का काम करता है।
यह भी पढ़ें - India-Bangladesh Ties: भारत ने बांग्लादेश से जूट उत्पादों के आयात पर लगाई रोक, जमीनी रास्ते बंद; अधिसूचना जारी
AI और नई तकनीकों से बदल रहा है मनोरंजन जगत
उन्होंने आगे कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और जनरेटिव एआई मीडिया के हर क्षेत्र को बदल रहा है — जैसे एडिटिंग, डबिंग, म्यूजिक प्रोडक्शन और एनीमेशन। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को इमर्सिव टेक्नोलॉजी (जैसे वर्चुअल रियलिटी) को अपनाकर अपनी कहानी कहने की क्षमता को बढ़ाना चाहिए। संजय जाजू ने कहा कि डिजिटल एंटरटेनमेंट को और तेजी से आगे बढ़ाने के लिए उद्योग को सक्रिय कदम उठाने होंगे और तेजी से बदलते तकनीकी रुझानों को अपनाना होगा।
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55 करोड़ स्मार्टफोन उपयोगकर्ता बने बदलाव की वजह
संजय जाजू ने बताया कि भारत में 55 करोड़ से ज्यादा स्मार्टफोन उपयोगकर्ता हैं, जो मीडिया खपत के तरीके को बदल रहे हैं। सस्ते इंटरनेट और गहराई तक इंटरनेट पहुंच ने इस बदलाव को और तेज किया है।
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डिजिटल एंटरटेनमेंट बना भारत की वैश्विक पहचान का माध्यम
उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से एक रचनात्मक शक्ति रहा है, लेकिन अब डिजिटल माध्यम उसके वैश्विक सपनों की पूर्ति में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। 'डिजिटल एंटरटेनमेंट अब पूरे मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में एक बड़ा हिस्सा बन गया है।' इसमें ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, गेमिंग कंपनियां, एनीमेशन स्टूडियोज, पोस्ट-प्रोडक्शन और क्रिएटर इकॉनॉमी जैसे सेक्टर शामिल हैं। संजय जाजू ने उद्योग रिपोर्टों के हवाले से बताया कि भारत का डिजिटल विज्ञापन बाजार 2026 तक 70,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो सकता है।
भारत को वैश्विक कंटेंट और टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा
सूचना और प्रसारण मंत्रालय की तरफ से आयोजित वर्ल्ड ऑडियो वीडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य भारत को एक वैश्विक कंटेंट और टेक्नोलॉजी हब बनाना है। यह आयोजन फिल्म, टेक, गेमिंग, स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया जैसे क्षेत्रों के हितधारकों को एक मंच पर लाने का काम करता है।
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AI और नई तकनीकों से बदल रहा है मनोरंजन जगत
उन्होंने आगे कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और जनरेटिव एआई मीडिया के हर क्षेत्र को बदल रहा है — जैसे एडिटिंग, डबिंग, म्यूजिक प्रोडक्शन और एनीमेशन। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को इमर्सिव टेक्नोलॉजी (जैसे वर्चुअल रियलिटी) को अपनाकर अपनी कहानी कहने की क्षमता को बढ़ाना चाहिए। संजय जाजू ने कहा कि डिजिटल एंटरटेनमेंट को और तेजी से आगे बढ़ाने के लिए उद्योग को सक्रिय कदम उठाने होंगे और तेजी से बदलते तकनीकी रुझानों को अपनाना होगा।