351 करोड़ कैश विवाद: कांग्रेस MP धीरज साहू ने तोड़ी चुप्पी, कहा- पैसा काला धन नहीं, आयकर विभाग देगा जवाब
भाजपा द्वारा लगातार धीरज साहू पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि उनके यहां छापेमारी में मिली नकदी कालाधन है। इस पर धीरज साहू ने कहा कि आयकर विभाग ही बताएगा कि यह धन काला या सफेद।
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इस पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि कांग्रेस का इस नकदी से कोई लेना देना नहीं है। इसी बीच, भाजपा के नकदी के कालाधान होने के आरोपों पर कांग्रेस के सांसद धीरज साहू ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मैं पहले ही कह चुका हूं कि यह पैसा मेरे परिवार को व्यापारिक कंपनियों का है। मामले पर आयकर विभाग का पक्ष आने दीजिए। मेरे परिवार के सदस्य इसका जवाब देंगे। मुझे नहीं पता आयकर विभाग की इस कार्रवाई को लोग किस नजर से देख रहे हैं। लेकिन मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि इस पैसे का कांग्रेस या किसी अन्य राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं हैं। आयकर विभाग ही बताएगा कि यह काला धन या सफेद धन है। बस इतंजार कीजिए।
#WATCH | Delhi | First reaction of Congress MP Dhiraj Prasad Sahu on I-T raids and recovery of hundreds of crores of rupees in cash from premises linked to him.
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On BJP's allegation of the cash being black money, he says, "I have already said that the money is from the business… pic.twitter.com/W8PEx1DHlN — ANI (@ANI) December 15, 2023
साथ ही उन्होंने कहा कि मैं स्वीकार करता हूं कि जो पैसा आयकर विभाग की कार्रवाई में मिला है, वह परिवार की एक फर्म का है। यह शराब फर्मों से संबंधित है। यह सारा पैसा मेरा नहीं है, यह मेरे परिवार और अन्य संबंधित फर्मों का है। आयकर विभाग द्वारा की गई छापेमारी का मैं हिसाब दूंगा।
#WATCH | Delhi | First reaction of Congress MP Dhiraj Prasad Sahu on I-T raids and recovery of hundreds of crores of rupees in cash from premises linked to him.
— ANI (@ANI) December 15, 2023
On BJP's allegation of the cash being black money, he says, "I have already said that the money is from the business… pic.twitter.com/W8PEx1DHlN
बता दें कि आयकर विभाग की तलाशी भुवनेश्वर से शुरू हुई। बौध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड (बीडीपीएल) का मुख्यालय यहीं है। कथित कर चोरी और 'आउट ऑफ बुक' लेनदेन के आरोप में बीते छह दिसंबर को शुरू हुई थी नकदी की गिनती रविवार को खत्म हुई। पांच दिनों तक चली गिनती के बाद आयकर विभाग ने कहा, एक ही ऑपरेशन में किसी भी एजेंसी ने देश में अब तक सबसे अधिक 351 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की हैं।