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Navratri: नवरात्रों में देवी को फूल-नारियल नहीं चढ़ा सकेंगे भक्त, जानें झंडेवालान मंदिर ने क्यों लिया ये फैसला
Fri, 28 Mar 2025 06:31 PM IST
पवन पांडेय
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 28 Mar 2025 06:31 PM IST
सार
प्राचीन ऐतिहासिक झंडेवालान देवी मंदिर में नवरात्रि को लेकर प्रशासन की तरफ से तमाम तैयारियां की जा रही है। वहीं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने मंदिर में नवरात्रि के दौरान भक्तों के फूल-नारियल चढ़ाने पर पाबंदी लगा दी है।
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झंडेवालान मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नवरात्रि के समय हर भक्त मंदिर पहुंचकर देवी के दर्शन करना चाहता है। देवी को फल-फूल और नारियल चढ़ाकर उन्हें प्रसन्न कर वह अपनी इच्छापूर्ति का आशीर्वाद पाना चाहता है। लेकिन इस बार झंडेवालान मंदिर सहित दिल्ली के सभी प्रमुख मंदिरों में भक्त माता दुर्गा को फल-फूल और नारियल नहीं चढ़ा सकेंगे। सुरक्षा और किसी प्रकार के संभावित संक्रमण से बचने के लिए मंदिरों ने यह कदम उठाया है।
नवरात्र महोत्सव को लेकर मंदिर प्रशासन की तैयारी
प्राचीन ऐतिहासिक झंडेवालान देवी मंदिर में वासंतिक नवरात्र महोत्सव रविवार 30 मार्च से 6 अप्रैल तक बड़ी धूमधाम से मनाया जायेगा। राजधानी दिल्ली के लोगों में बहुत प्रसिद्ध इस मंदिर में हर नवरात्रि में लाखों भक्त माता के दर्शनों के लिए आते हैं। इस बार भी भारी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है। इन भक्तों के लिए रानी झांसी मार्ग से मंदिर में प्रवेश के लिए विशेष द्वार बनाए गए हैं। भक्त अपने साथ मंदिर में कोई फूल-माला या नारियल नहीं ले जा सकेंगे। लोग पूजा ध्यान करने के बाद बाहर निकलेंगे और उसी मार्ग पर उन्हें पैकेट बंद प्रसाद वितरित किया जाएगा।
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नवरात्र महोत्सव को लेकर मंदिर प्रशासन की तैयारी
प्राचीन ऐतिहासिक झंडेवालान देवी मंदिर में वासंतिक नवरात्र महोत्सव रविवार 30 मार्च से 6 अप्रैल तक बड़ी धूमधाम से मनाया जायेगा। राजधानी दिल्ली के लोगों में बहुत प्रसिद्ध इस मंदिर में हर नवरात्रि में लाखों भक्त माता के दर्शनों के लिए आते हैं। इस बार भी भारी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है। इन भक्तों के लिए रानी झांसी मार्ग से मंदिर में प्रवेश के लिए विशेष द्वार बनाए गए हैं। भक्त अपने साथ मंदिर में कोई फूल-माला या नारियल नहीं ले जा सकेंगे। लोग पूजा ध्यान करने के बाद बाहर निकलेंगे और उसी मार्ग पर उन्हें पैकेट बंद प्रसाद वितरित किया जाएगा।
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झंडेवालान मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर ने 10 हजार पताकाओं का निर्माण कराया
मंदिर के प्रबंधक (अतिरिक्त) रवींद्र गोयल ने कहा कि राजधानी दिल्ली के आसपास के सैकड़ों मंदिर हर नवरात्रों में झंडेवालान मंदिर से ज्योति ले जाकर अपने यहां ज्योति जलाते हैं। दूर-दूर से आने वाले ऐसे सभी भक्तों के लिए ठहरने और उनके भोजन इत्यादि का पूरा प्रबंध किया गया है। चूंकि, नवरात्रों के साथ ही नव संवत्सर का भी प्रारंभ हो रहा है, मंदिर ने 10 हजार पताकाओं का निर्माण कराया है। जो भक्त इसे अपने घरों पर फहराना चाहते हैं, वे मंदिर से इसे प्राप्त करने के लिए संपर्क कर सकते हैं।
कोरोना संक्रमण के दौरान फूल-नारियल चढ़ाने पर लगा था प्रतिबंध
कोरोना काल से ही भक्तों के द्वारा मंदिर में फूल-नारियल चढ़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया था जो अब भी जारी है। यह प्रतिबंध लोगों की सुरक्षा और किसी प्रकार के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए लगाया गया है। भक्त मंदिर के बाहर ही अपना प्रसाद मंदिर के द्वारा नियुक्त कर्मचारियों को सौंप सकते हैं। पूरे मंदिर परिसर में 260 से अधिक कैमरे लगाए गए हैं जिससे हर आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा सकेगी। मंदिर के हर कार्यक्रम का सजीव प्रसारण सोशल मीडिया के विभिन्न चैनलों पर उपलब्ध रहेगा। जो भक्त किसी कारण मंदिर पहुंचने में असमर्थ होंगे, वे अपने घरों पर ही अपने मोबाइल पर देवी के दर्शन कर सकेंगे।
यह भी पढ़ें - Chaitra Navratri Special Mehndi: माता रानी के स्वागत में हाथों पर रचाएं मेहंदी, यहां से देखें डिजाइन
मंदिर के प्रबंधक (अतिरिक्त) रवींद्र गोयल ने कहा कि राजधानी दिल्ली के आसपास के सैकड़ों मंदिर हर नवरात्रों में झंडेवालान मंदिर से ज्योति ले जाकर अपने यहां ज्योति जलाते हैं। दूर-दूर से आने वाले ऐसे सभी भक्तों के लिए ठहरने और उनके भोजन इत्यादि का पूरा प्रबंध किया गया है। चूंकि, नवरात्रों के साथ ही नव संवत्सर का भी प्रारंभ हो रहा है, मंदिर ने 10 हजार पताकाओं का निर्माण कराया है। जो भक्त इसे अपने घरों पर फहराना चाहते हैं, वे मंदिर से इसे प्राप्त करने के लिए संपर्क कर सकते हैं।
कोरोना संक्रमण के दौरान फूल-नारियल चढ़ाने पर लगा था प्रतिबंध
कोरोना काल से ही भक्तों के द्वारा मंदिर में फूल-नारियल चढ़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया था जो अब भी जारी है। यह प्रतिबंध लोगों की सुरक्षा और किसी प्रकार के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए लगाया गया है। भक्त मंदिर के बाहर ही अपना प्रसाद मंदिर के द्वारा नियुक्त कर्मचारियों को सौंप सकते हैं। पूरे मंदिर परिसर में 260 से अधिक कैमरे लगाए गए हैं जिससे हर आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा सकेगी। मंदिर के हर कार्यक्रम का सजीव प्रसारण सोशल मीडिया के विभिन्न चैनलों पर उपलब्ध रहेगा। जो भक्त किसी कारण मंदिर पहुंचने में असमर्थ होंगे, वे अपने घरों पर ही अपने मोबाइल पर देवी के दर्शन कर सकेंगे।
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झंडेवालान मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
छतरपुर मंदिर, कालकाजी मंदिर और बिड़ला मंदिर में भी नवरात्रि की तैयारियां पूरे जोरशोर से चल रही हैं। दिल्ली पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर पूरे मंदिर की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। छतरपुर मंदिर में भी भक्त कोई माला-नारियल देवी को नहीं चढ़ा सकेंगे। लेकिन मंदिर परिसर में बने एक विशेष स्थल पर वे देवी के नाम पर इसे अर्पित कर सकेंगे।