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Mumbai: IAS अधिकारी से जबरन वसूली की कोशिश करने वाला जासूस कोर्ट से बरी, पत्नी और सहयोगी को भी किया रिहा

Wed, 19 Apr 2023 08:06 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 19 Apr 2023 08:06 PM IST
सार

पुलिस के अनुसार, आईएएस अधिकारी राधेश्याम मोपलवार को दंपती ने अधिकारी कॉल रिकॉर्डिंग को वायरल कर उसे बदनाम करने की धमकी दी थी। रिकॉर्डिंग की बात छिपाने के लिए सात करोड़ की मांग की थी।

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Detective who tried to extort IAS officer acquitted by court, wife and aide also released
कोर्ट का फैसला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुंबई की एक विशेष अदालत ने बुधवार को एक जासूस और उसकी पत्नी को लगभग छह साल पुराने मामले में बरी कर दिया है। दोनों पर आरोप था कि उन्होंने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी से जबरन वसूली करने की कोशिश की थी। विशेष अदालत के जस्टिस ए एम पाटिल ने जासूस सतीश मांगले उसकी पत्नी श्रद्धा मांगले के अलावा दोनों की मदद करने वाले अतुल तांबे को भी बरी कर दिया है। 

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यह है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, आईएएस अधिकारी राधेश्याम मोपलवार को दंपती ने अधिकारी कॉल रिकॉर्डिंग को वायरल कर उसे बदनाम करने की धमकी दी थी। रिकॉर्डिंग की बात छिपाने के लिए सात करोड़ की मांग की थी। उन्होंने अधिकारी को भ्रष्टाचार मामले से बरी करने के लिए दबाव बनाया था। पैसों की मांग के लिए तीन बार दोनों के बीच बैठक हुई थी। तीसरी मुलाकात मुंबई के एक होटल में हुई। इस दौरान अधिकारी ने जासूसी कैमरों की आड़ में आधे घंटे का एक वीडियो बनाया। वीडियो में आरोपी धमकी और पैसों की मांग करते हुए पकड़ा गया। इसके बाद अधिकारी ने ठाणे पुलिस के जबरन वसूली रोधी प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराई। एईसी ने आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया और दंपती को एक करोड़ लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।

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अदालत ने इसलिए किया रिहा
अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि कॉल रिकॉर्डिंग से पता चलता है कि मोपलवार पहली मीटिंग के दौरान वहां मौजूद नहीं थे, जिससे संदेह पैदा होता है। दूसरी मुलाकात के सीसीटीवी फुटेज में कोई बातचीत नहीं है। कोर्ट ने कहा कि तीसरी बैठक में एक स्पाई कैमरा इस्तेमाल किया गया था, जिसे विशेष तरीके से जब्त और प्रस्तुत किया जाना था। लेकिन ऐसा किया नहीं गया, इसलिए इसे सेकेंडरी सबूत नहीं मान सकते। इसलिए यह संदेह पैदा करते हैं। अदालत का कहना है कि कहा कि अभियोजन पक्ष के मामले में संदेह पर विचार करना होगा और उन संदेहों का लाभ आरोपी को दिया जाना चाहिए।

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ऐसे हुई दोनों की पहचान
मोपलवार उस दौरान महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) के प्रबंध निदेशक थे। उस दौरान उन्हें रिश्वतखोरी के आरोप में छुट्टी पर भी भेजा गया था। मोपलवार ने अपने तलाक के कारण मांगले से मदद मांगी थी। इसके बाद मंगले ने कथित तौर पर आईएएस के कॉल रिकॉर्डिंग तक पैठ बना लिया था। आरोप है कि मांगले ने मोपलवार से उगाहने की कोशिश की थी। जो कुछ चैनलों के साथ कुछ साझा किए गए थे। जिसे बाद में प्रसारित भी किए गए थे। क्लिपों में मोपलवार को जमीन का सौदा तय करते हुए सुना गया था। अब सेवानिवृत्त मोपलवार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सरकार में वार रूम (इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स) के महानिदेशक पद पर कार्यरत हैं।


 
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