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सबरीमाला मंदिर पर तकरार बढ़ी, केरल की सड़कों पर उतरे हिंदू संगठन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुअनंतपुरम
Updated Thu, 11 Oct 2018 03:15 AM IST
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केरल के सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसला का विरोध तेज होता जा रहा है। राज्य की वाम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने का फैसला किया है, जिसका बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है। सरकार के इस फैसले के विरोध में बुधवार को हिंदू संगठनों ने एक रैली का आयोजन किया और सड़कें जाम कर दी।
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केरल के पर्यटन मंत्री को दिखाए काले झंडे
इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या महिलाओं की थी, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने के सरकार के फैसले का विरोध कर रही हैं। एर्नाकुलम जिले में कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी देखने को मिली। नायर सेवा सोसाइटी के बैनर तले बड़ी संख्या में महिला और पुरुषों ने राजधानी तिरुअनंतपुरम में विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं के समूह ने केरल के पर्यटन मंत्री कदंकपल्ली सुरेंद्रन को काले झंडे दिखाए।
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दूसरी ओर, भाजपा के नेतृत्व में पत्तनमत्तिटा जिले से शुरू हुई विरोध रैली 15 अक्तूबर को राजधानी तिरुअनंतपुरम पहुंचकर सचिवालय के सामने समाप्त होगी। केरल के भाजपा प्रमुख और भारत धर्म जन सेना के अध्यक्ष पीएस श्रीधरन इस विरोध रैली का नेतृत्व कर रहे हैं। श्रीधरन का कहना है कि पार्टी भगवान अयप्पा के भक्तों के साथ है। उन्होंने आरोप लगाया कि वाम सरकार सबरीमाला मंदिर को बर्बाद करना चाहती है।
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पिछले महीने आया था अदालत का फैसला
बताते चलें कि 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला स्थित अय्यप्पा मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं पर चली आ रही सदियों पुरानी रोक को हटा दिया था। तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने अपने फैसले में कहा था कि मंदिर में महिलाओं को प्रवेश से रोकना लैंगिक आधार पर भेदभाव है।