{"_id":"58cb2ab64f1c1b992132a697","slug":"deobandi-ulama-has-supported-the-issued-fatwa-against-nahid-afrin","type":"story","status":"publish","title_hn":"देवबंदी उलमा ने किया नाहीद के खिलाफ जारी फतवे का समर्थन ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
देवबंदी उलमा ने किया नाहीद के खिलाफ जारी फतवे का समर्थन
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
Updated Fri, 17 Mar 2017 05:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवबंद। इंडियन आइडल फाइनलिस्ट नाहीद आफरीन को लेकर असम में जारी फतवे का देवबंदी उलमा ने भी समर्थन किया है। उनका कहना है कि जिस काम को शरीयत में हराम करार दिया गया है वो जायज कैसे हो सकता है।
विज्ञापन
दारुल उलूम जकरिया के वरिष्ठ उस्ताद एवं फतवा ऑनलाइन के प्रभारी मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी ने कहा कि मसला सिर्फ नाहीद आफरीन का नहीं बल्कि मसला गाने और बजाने का है। शरीयत में गाने बजाने नाचने कूदने को हराम करार दिया गया है। ऐसे हालात में यदि कोई इस मुद्दे पर मुफ्तियों से राय लेता है तो जाहिर है वह शरीयत की रोशनी में सही और गलत क्या हैं बताएंगे।
विज्ञापन
मुफ्ती अरशद ने कहा कि मुफ्तियों का काम अच्छा मशविरा देने का होता है। मुस्लिम धर्मगुरु अब्दुल हमीद नौमानी ने कहा कि शरई तौर पर नाच गाना बजाना ठीक नहीं है। इस्लाम का नजरिया एकदम अलग है इस्लाम हर गलत काम से इंसान को रोकता है और सही राह पर चलने का हुक्म देता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मो. रफी, नूरजहां जैसे अनेकों गायक मुस्लिम रहे हैं लेकिन क्या कभी उन पर फतवा दिया गया। दरअसल, असम में कब्रिस्तान और मदरसे के समीप एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाना था जिसको लेकर मुफ्तियों ने इसे गलत बताते हुए कार्यक्रम न करने की सलाह दी थी।