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नोटबंदी का असर बीजेपी नेता पर भी, लिवर ट्रांसप्लांट के लिए इकठ्ठा किए 11 लाख बने कागज के टुकड़े

Wed, 23 Nov 2016 03:09 PM IST
बीबीसी
बीबीसी Updated Wed, 23 Nov 2016 03:09 PM IST
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demonotisation effect: bjp leader collected 11 lakh become zero, hospital refused old currency

भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले का असर आम लोगों के साथ अहम पदों पर रहे नेताओं पर भी पड़ रहा है। मध्यप्रदेश के एक भाजपा नेता और लिधौरानगर के पार्टी अध्यक्ष हरिकृष्ण गुप्ता इन दिनों में गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। उनका लिवर फेल हो गया है। 

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उनके इलाज पर लगभग 19 लाख रुपये खर्च होने थे इसके लिए परिवार ने 11 लाख रुपये जमा भी कर लिए थे और बाकी पैसा अपना मकान कम कीमत पर बेच कर पूरा करने वाले थे। लेकिन नोटबंदी के चलते अस्पताल ने उनसे पुराने रुपये लेने से मना कर दिया। वहीं नोटबंदी के बाद उनका मकान खरीद रहे व्यक्ति ने भी उसे लेने से मना कर दिया।
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हरिकृष्ण गुप्ता के पुत्र अमित गुप्ता ने बताया, "दिल्ली के एक अस्पताल ने पुराने नोट लेने से मना कर दिया और मकान का जो ग्राहक था उसने भी मना कर दिया कि आज की स्थिति में वह मकान नहीं लेगा।" हरिकृष्ण गुप्ता पिछले 4 माह से बिस्तर पर पड़े है। 48 साल के हरिकृष्ण गुप्ता को डॉक्टर ने दो माह पहले जल्द से जल्द लिवर ट्रांसप्लांट कराने के लिये कहा था। लेकिन पैसों के इंतेजाम में देरी हुई और उसके बाद 13 नवंबर को ऑपरेशन तय हुआ जिसे पुराने नोटों के चलते टालना पड़ा। उनके भाई हरि मोहन उन्हें लिवर दान करने वाले हैं। हरि मोहन बताते हैं, "हरिकृष्ण की स्थिति ये है कि उनका वजन अब मात्र 40 किलो रह गया है। मेरा लिवर उनसे मैच हो गया लेकिन वही रुपयों की समस्या आ गई।"

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उनकी पार्टी के लोगों ने ही उनसे किनारा कर लिया है

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परिवार अब भोपाल के अस्पताल में इलाज के लिए कोशिश कर रहा है। परिवार वालों का कहना है कि उनकी पार्टी के लोगों ने ही उनसे किनारा कर लिया है। नोटों के लिये इन्होंने कई भाजपा नेताओं से संपर्क किया लेकिन किसी ने भी उनकी मदद नहीं की।

वही दिल्ली के जिस बीएल कपूर अस्पताल में हरिकृष्णा गुप्ता का ऑपरेशन होना था, वहां अस्पताल प्रबंधन से जुड़े एक शख्स ने बताया कि अब अस्पताल में किसी काम के लिए पुराने नोट नहीं लिए जा रहे हैं।

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