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Maharashtra: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग फिर तेज, 29 अगस्त से नया आंदोलन शुरू करेंगे मनोज जरांगे

Thu, 07 Aug 2025 04:39 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्रपति संभाजीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्रपति संभाजीनगर Published by: बशु जैन Updated Thu, 07 Aug 2025 04:39 PM IST
सार

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे लंबे समय से सभी मराठों को ओबीसी श्रेणी के रूप में मान्यता देने और सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग कर रहे हैं। इसके लिए वे कई बार भूख हड़ताल कर चुके हैं। अब वे नया आंदोलन करने जा रहे हैं। 

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Demand for Maratha reservation intensifies in Maharashtra, Manoj Jarange will start a movement from August 29
मनोज जरांगे पाटिल, मराठा आरक्षण कार्यकर्ता - फोटो : ANI

विस्तार

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग फिर तेज होने लगी है। मराठा आरक्षण का मुद्दा उठा रहे कार्यकर्ता मनोज जरांगे 29 अगस्त से नया आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। जरांगे सभी मराठों को ओबीसी श्रेणी के रूप में मान्यता देने और सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर कई बार भूख हड़ताल कर चुके हैं। 
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मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने कहा कि वह मराठा समुदाय के अन्य सदस्यों के साथ 27 अगस्त को मुंबई से लगभग 400 किलोमीटर दूर जालना जिले के अंतरवाली सरती गांव से रवाना होंगे। हम पुणे जिले के जुन्नार इलाके में शिवनेरी किले के पास अपना पहला पड़ाव डालेंगे। हम अंतरवाली से शेवगांव, अहिल्यानगर और अलेफाटा होते हुए शिवनेरी जाएंगे और मानसून के कारण मालशेज घाट जाने से बचेंगे।
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उन्होंने कहा कि इसके अगले दिन हम चाकन जाएंगे। वहां से आंदोलनकारी तालेगांव, लोनावाला, वाशी और चेंबूर होते हुए दक्षिण मुंबई पहुंचेंगे। आंदोलन 29 अगस्त से मुंबई के आजाद मैदान में शुरू होगा। जरांगे ने मराठा समुदाय के लोगों से मुंबई में आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने यह भी कहा कि मराठा समुदाय के जो नेता आंदोलन में भाग नहीं ले रहे हैं, उन्हें चुनाव में हराया जाना चाहिए।

पिछले साल फरवरी में महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समुदाय के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का एक विधेयक पारित किया था, लेकिन जरांगे ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण की मांग कर रहे हैं।


कुनबी प्रमाण पत्र जारी करने की मांग
जरांगे के नेतृत्व में मराठा समुदाय मराठों को कुनबी प्रमाण पत्र जारी करने की मांग कर रहा है, ताकि उन्हें सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण के लिए ओबीसी श्रेणी में शामिल किया जा सके। कार्यकर्ता ने दावा किया है कि यह साबित करने के लिए 58 लाख से अधिक दस्तावेज एकत्र किए गए हैं कि कुनबी और मराठा एक ही हैं। उन्होंने इन अभिलेखों के आधार पर कुनबी प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की है।

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राज्य सरकार ने मराठा समुदाय के उन सदस्यों को कुनबी प्रमाण पत्र देने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तय करने के लिए न्यायमूर्ति शिंदे की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय पैनल का गठन किया था, जिन्हें या जिनके पूर्वजों को निजाम-युग के दस्तावेजों में कुनबी कहा गया था। महाराष्ट्र में कुनबी (कृषि से जुड़ा समुदाय) अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में आते हैं। 

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