फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Demand for electricity may increase this year compared to last year, new update on coal stock has come out

Electricity Demand: भीषण गर्मी में भी नहीं होगी बत्ती गुल! आम लोगों को राहत देने सरकार ने तैयार किया ये प्लान

Tue, 18 Mar 2025 04:58 PM IST
शिव शुक्ला डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Tue, 18 Mar 2025 04:58 PM IST
सार

भीषण गर्मी के दौरान उत्तर क्षेत्र और मध्य क्षेत्र में बिजली की डिमांड बढ़ जाती है, लेकिन कुछ वर्षों से पूर्वी क्षेत्र में गर्मी और दक्षिण क्षेत्र में भारी औद्योगिक मांग के चलते बिजली की मांग बढ़ी रही है। मंत्रालय इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए आपूर्ति की योजना तैयार करने में जुटा है।

विज्ञापन
Demand for electricity may increase this year compared to last year, new update on coal stock has come out
कोयला खदान (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई

विस्तार

पिछले दिनों पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई राज्यों में बारिश हुई और तापमान में गिरावट देखी गई, इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली थी। मौसम सुहावना हो गया था, लेकिन अब उत्तर भारत में गर्मी का दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने वाला है और फिलहाल बारिश के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में पिछले वर्ष की तरह इस साल भी भीषण गर्मी और बिजली की जबरदस्त मांग देखने को मिल सकती है। इस वर्ष बिजली की डिमांड बढ़कर 270 गीगावॉट की ऊंचाई तक पहुंचने का अनुमान है।

विज्ञापन


बिजली क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि 2024 में भीषण गर्मी के चलते बिजली की डिमांड के सारे रिकॉर्ड टूट गए थे। इस वर्ष भी गर्मी ज्यादा पड़ने की संभावना है। ऐसे में बिजली की मांग में तेजी दिखाई दे सकती है। लेकिन इस साल भी मांग को ताप बिजली के सहारे पूरा किया जाएगा। सरकार ने संभावित मांग को पूरा करने के लिए ताप बिजली संयंत्रों के पास 5 करोड़ टन कोयले का स्टॉक तैयार किया है।
विज्ञापन


केंद्रीय कोयला और खान मंत्रालय ने फरवरी में बताया था कि अगले वित्त वर्ष के लिए कोयले की मांग 90.6 करोड़ टन तक पहुंचने का अनुमान है। सूत्रों का कहना है कि, 24 जनवरी तक ताप बिजली संयंत्रों में कोयले का स्टॉक 4.7 करोड़ टन से अधिक हो चुका था। अब हमारे ताप बिजली संयंत्रों के पास 5.1 करोड़ टन से ज्यादा कोयला उपलब्ध है। हम आगामी गर्मी को देखते हुए किसी भी संकट और खतरे की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल, भीषण गर्मी के दौरान उत्तर क्षेत्र और मध्य क्षेत्र में बिजली की डिमांड बढ़ जाती है। लेकिन कुछ वर्षों से पूर्वी क्षेत्र में गर्मी और दक्षिण क्षेत्र में भारी औद्योगिक मांग के चलते बिजली की मांग बढ़ी रही हैं। मंत्रालय इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए आपूर्ति की योजना तैयार करने में जुटा है। इस बीच केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने पनबिजली परियोजनाओं को जल संरक्षित करने की सलाह दी है ताकि अत्यधिक मांग वाले महीनों में आपूर्ति बढ़ाई जा सके। साथ ही कोयले से चलने वाली बिजली उत्पादन इकाइयों को उनके इष्टतम स्तर पर परिचालन का निर्देश दिया गया है। वहीं, गैस से चलने वाली बिजली उत्पादन इकाइयां पहले की ही तरह एक विशेष योजना के तहत परिचालन करेंगी। मंत्रालय का कहना है कि,मांग को पूरा करने में अक्षय ऊर्जा से काफी मदद मिलने की उम्मीद है लेकिन ताप बिजली इकाइयों की हिस्सेदारी अधिक रहेगी।

इसे भी पढ़ें- PM in Parliament: संसद में बोले पीएम मोदी, महाकुंभ के रूप में पूरे विश्व ने भारत के विराट स्वरूप के दर्शन किए


भारतीय रेलवे भी लगा तैयारियों में
देशभर में भीषण गर्मी शुरु होने से पहले रेलवे भी अलर्ट मोड में आ गया है। रेलवे भी कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुट गया हैं। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि, कोयला का स्टॉक बढ़ाने के लिए कोयला मंत्रालय और ताप बिजली संयंत्र से चर्चा चल रही है। हालांकि पीक सीजन के दौरान नियमित आपूर्ति से काम चल जाएगा। क्योंकि पहले से ही संयंत्रों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

आम तौर पर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ईस्टर्न कॉरिडोर के जरिये इन दिनों रोजाना 65 से 70 रैक कोयले की ढुलाई होती है। लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन के जरिये उसे बढ़ाया भी जा सकता है क्योंकि वे दोगुनी मात्रा में कोयले की ढुलाई कर सकती हैं। एक  रैक  में 59 डिब्बे होते हैं और बिजली संयंत्रों द्वारा 1800 मेगावॉट बिजली पैदा करने में करीब 10  रैक  कोयले का उपयोग किया जा सकता है। पिछले साल जून में ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर से जुड़े करीब 20 बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति करने के लिए रोजाना 15 से 20 लंबी दूरी के ट्रेनों का संचालन किया जा रहा था। मंत्रालय ने 2025-26 में 65.6 करोड़ टन कोयले की ढुलाई का लक्ष्य रखा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed