{"_id":"66f1b1cc25ab8e2b450dfe14","slug":"deloitte-south-asia-ceo-romal-shetty-says-advent-of-ai-to-definitely-create-new-roles-and-jobs-in-economy-2024-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"AI: 'एआई नौकरियां खाएगा नहीं, देगा नए अवसर और काम', सीईओ रोमल शेट्टी बोले- जारी रहेगा तकनीक में इंसानी दखल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
AI: 'एआई नौकरियां खाएगा नहीं, देगा नए अवसर और काम', सीईओ रोमल शेट्टी बोले- जारी रहेगा तकनीक में इंसानी दखल
Mon, 23 Sep 2024 11:52 PM IST
दीपक कुमार शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Mon, 23 Sep 2024 11:52 PM IST
सार
डेलॉइट साउथ एशिया के सीईओ रोमल शेट्टी का कहना है कि भले ही एआई चीजों को बड़े पैमाने पर बदल रहा है, लेकिन यह पहले के मुकाबले में अधिक नौकरियां पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि इन नई तकनीकों का पूरा फायदा उठाने के लिए इंसानी दखल और भागीदारी अभी भी महत्वपूर्ण होगी।
विज्ञापन
एआई (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : आईस्टॉक
विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के नौकरियां खाने का खौफ है, लेकिन डेलॉइट साउथ एशिया के सीईओ रोमल शेट्टी कहते हैं कि एआई के आने से पक्के तौर पर अर्थव्यवस्था में नई भूमिकाएं और नौकरियां पैदा होंगी, लेकिन यह कुछ ऐसे दोहराव वाले और रोजाना के कामों पर असर डालेगा जो लोग अभी करते हैं। इसका मतलब है कि कुछ नौकरियां बदल सकती हैं या खत्म हो सकती हैं, लेकिन नए तरह के काम सामने आएंगे और लोगों को इन बदलावों के साथ तालमेल बिठाने के लिए नए हुनर सीखने की जरूरत होगी।
विज्ञापन
शेट्टी का कहना है कि भले ही एआई चीजों को बड़े पैमाने पर बदल रहा है, लेकिन यह पहले के मुकाबले में अधिक नौकरियां पैदा करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन नई तकनीकों का पूरा फायदा उठाने के लिए इंसानी दखल और भागीदारी अभी भी महत्वपूर्ण होगी। यह कंपनियों और श्रमिकों के लिए अधिक अवसर पैदा करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
एआई चुनौती नहीं अवसर है
शेट्टी ने आगे कहा कि वह एआई को एक चुनौती के बजाय एक बड़ा अवसर मानते हैं। उन्होंने कहा इसका एक उदाहरण ड्रोन से एयर ट्रैफिक कंट्रोल करने का है। खासकर जब कई कामों में ड्रोन (बगैर पायलट वाले हवाई वाहन) का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इसका मतलब है कि जैसे-जैसे ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ेगा, उनकी सुरक्षित निगरानी और नियंत्रण के लिए लोगों की जरूरत होगी। उन्होंने आगे कहा, एआई इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे कई क्षेत्रों में नए और तेज समाधान देने में मदद कर रहा है। उदाहरण के लिए जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों का चलन बढ़ रहा है। टायरों की आवाज पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि इलेक्ट्रिक कारें बेआवाज होती है। इसमें सुधार लाने लिए अब टायरों के रासायनिक निर्माण के अध्ययन के लिए उन्नत एआई का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे कि अनुसंधान और विकास को तेज किया जा सके। इस तरह से वे 18 महीने के आरएंडडी के काम को महज 9 महीने में पूरा करना चाहते हैं।
नियम अहम हैं बशर्ते न बनें बाधा
शेट्टी ने उभरती प्रौद्योगिकियों, डाटा और डिजिटल क्षेत्र में आने वाले नए नियमों को लेकर कहा कि नियम महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उन्हें नवाचार और विकास में बाधा नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा नई डाटा प्राइवेसी नियम कुछ तरह की जानकारी को देश से बाहर साझा करना मुश्किल बना देंगे, जब- तक कि कंपनियां डाटा को देश के अंदर रखने वाले स्थानीय सिस्टम खास क्लाउड सेवाओं का इस्तेमाल नहीं करतीं। कई व्यवसाय वैश्विक और जुड़े हुए हैं, इसलिए कंपनियों के बिजनेस मॉडल को भी नए नियमों के अनुसार खुद को ढालना होगा। उन्होंने कहा कि हालांकि, ये नियम निष्पक्षता के लिए महत्वपूर्ण हैं।