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अब जंतर-मंतर पर नहीं होंगे प्रदर्शन: इसकी जगह अब कौन से नए तीन स्थल किए गए तय? दिल्ली पुलिस ने जारी किया आदेश

Mon, 12 Oct 2026 02:05 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Mon, 12 Oct 2026 02:05 PM IST
सार

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थलों में बदलाव करते हुए जंतर-मंतर को निर्धारित स्थल की सूची से हटा दिया है। अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को नए स्थल बनाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिशों के आधार पर यह फैसला लिया गया। जंतर-मंतर की जगह ये तीन स्थल क्यों चुने गए? यहां प्रदर्शन के लिए नए नियम क्या होंगे? आइए, सबकुछ विस्तार से समझते हैं...

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Delhi Police Removes Jantar Mantar as Protest Site, Designates Ramlila Ground and 2 Other Venues for Demonstra
नए स्थल तय किए गए... - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और धरना देने की जगहों को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। दिल्ली पुलिस के नए आदेश के मुताबिक, अब जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में मान्यता नहीं दी गई है। इसकी जगह रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को नए प्रदर्शन स्थलों के रूप में तय किया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब राजधानी में विरोध प्रदर्शनों को लेकर चर्चा हो रही है।

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दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार की ओर से जारी स्थायी आदेश संख्या एलएंडओ/48/2026 में यह जानकारी दी गई है। आदेश के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिकों के प्रदर्शन और विरोध करने के अधिकार को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक स्थलों की पहचान के लिए एक समिति बनाई थी। समिति को मौजूदा निर्धारित स्थल के विकल्प तलाशने की जिम्मेदारी दी गई थी। उसकी सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया गया है।
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जंतर-मंतर की जगह कौन से तीन नए स्थल तय किए गए?

  • रामलीला मैदान... इसे प्रदर्शन और धरना आयोजित करने के लिए नए स्थलों में शामिल किया गया है।
  • बुराड़ी मैदान... यहां भी नागरिकों को विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति देने के लिए स्थल निर्धारित किया गया है।
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  • सीबीडी मैदान, पूर्वी दिल्ली... इसे भी नए प्रदर्शन स्थलों की सूची में जगह दी गई है। 


तीनों जगहों पर प्रदर्शन के लिए नए नियम लागू होंगे?
दिल्ली पुलिस के आदेश में कहा गया है कि इन तीनों स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अलग से जारी की जाएगी। यानी प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया और उससे जुड़े दिशा-निर्देशों की जानकारी बाद में दी जाएगी। फिलहाल आदेश में नए नियमों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए प्रदर्शन से जुड़ी शर्तों, अनुमति लेने की प्रक्रिया और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में अलग आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट जानकारी मिलेगी।


क्या पुराने आदेश में भी बदलाव किया गया है?
दिल्ली पुलिस का यह आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी स्थायी आदेश संख्या एलएंडओ/48/22 में आंशिक बदलाव करता है। नए आदेश में जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में हटाने और तीन नए स्थलों को निर्धारित करने की बात कही गई है। साथ ही, इन स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए संशोधित एसओपी बाद में जारी करने की जानकारी दी गई है। आदेश पर दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार के हस्ताक्षर हैं।




प्रदर्शन करने वालों के लिए इसका क्या मतलब है?
इस बदलाव के बाद दिल्ली में प्रदर्शन आयोजित करने के लिए निर्धारित स्थलों की सूची बदल गई है। जंतर-मंतर अब इस आदेश के तहत निर्धारित प्रदर्शन स्थल नहीं रहेगा। इसके बजाय रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को नए स्थल बनाया गया है। हालांकि, इन जगहों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए लागू होने वाली विस्तृत प्रक्रिया और शर्तों का पता संशोधित एसओपी जारी होने के बाद चलेगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बदलाव पुराने आदेश में आंशिक संशोधन के रूप में किया गया है।

सीजेपी के सौरव दास ने क्या सवाल उठाए?
सीजेपी के सौरव दास ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के फैसले को अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जंतर-मंतर से क्यों डरते हैं। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर भारत के लोगों का है। सौरव दास ने सवाल उठाया कि क्या केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह फैसला लेने से पहले देश की जनता, संबंधित संगठनों और अन्य पक्षों से सलाह ली थी।

सौरव दास ने इस फैसले को मनमाना बताते हुए कहा कि यह विरोध प्रदर्शन और शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट होने के लोगों के मौलिक अधिकार पर हमला है। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाना भारत में लोकतंत्र को कमजोर करने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “जिस तरह लोगों के जंतर-मंतर को सूची से हटाया जा रहा है, उसी तरह प्रधानमंत्री जल्द ही भारत में लोकतंत्र को भी सूची से हटा देंगे।” उन्होंने कहा, “अब पूरा देश जंतर-मंतर बन रहा है।”

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