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रिपोर्ट: कार्यालय किराये के मामले में दिल्ली-एनसीआर एशिया-प्रशांत में नौंवें स्थान पर, पहले पायदान पर है ये देश
Sat, 30 Apr 2022 09:34 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 30 Apr 2022 09:34 PM IST
सार
इस सूचकांक के मुताबिक, हांगकांग 186 डॉलर प्रति वर्गफुट किराये के साथ पहले स्थान पर है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social media
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विस्तार
प्रमुख कार्यालय स्थलों के किराये के मामले में दिल्ली-एनसीआर एशिया-प्रशांत क्षेत्र में नौंवें स्थान पर है। यहां ऐसी जगहों का सालाना किराया 60.1 डॉलर प्रति वर्गफुट पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय संपत्ति परामर्शदाता कंपनी नाइट फ्रैंक इंडिया ने वर्ष 2022 की पहली तिमाही के लिए एशिया-प्रशांत प्रमुख कार्यालय किराया सूचकांक जारी किया है। इसमें क्षेत्र के 23 शहरों में किराये की जानकारी जुटाई गई है।
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इस सूचकांक के मुताबिक, हांगकांग 186 डॉलर प्रति वर्गफुट किराये के साथ पहले स्थान पर है। 105 डॉलर प्रति वर्गफुट किराये के साथ सिंगापुर दूसरे स्थान पर, 101.2 डॉलर के साथ टोक्यो तीसरे स्थान पर, 98.6 डॉलर के साथ सिडनी चौथे स्थान पर और 84.8 डॉलर प्रति वर्गफुट किराये के साथ बीजिंग पांचवें स्थान पर है।
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नाइट फ्रैंक ने कहा कि हांगकांग एशिया का सबसे महंगा कार्यालय बाजार बना हुआ है। दिल्ली-एनसीआर नौंवा सबसे महंगा बाजार है जहां किराया 62 डॉलर प्रति वर्गफुट प्रतिवर्ष (376 रुपये प्रति वर्गफुट प्रति माह) है। मुंबई में किराया 50.9 डॉलर प्रति वर्गफुट प्रतिवर्ष, बेंगलुरु 26.7 डॉलर प्रति वर्गफुट प्रतिवर्ष के साथ क्रमश: 15वें और 21वें स्थान पर हैं।
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नाइट फ्रैंक इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि कोविड संबंधी पाबंदियों के हटने के बाद से भारत के कार्यालय बाजार परिदृश्य में सुधार आना शुरू हो चुका है। अब अधिक कंपनियां अपने कर्मचारियों को कार्यालय बुला रही हैं।