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Delhi Lok Sabha Seats: दिल्ली की हर सीट का हिसाब, कौन मारेगा बाजी और किसे मिलेगी हार?

Mon, 04 Mar 2024 07:34 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Mon, 04 Mar 2024 07:34 PM IST
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सार
पिछले लोकसभा चुनाव में 57 फीसदी वोट शेयर पाने के कारण भाजपा का अनुमान है कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के साथ आने के बाद भी उसे कोई नुकसान नहीं होगा। उलटे, भाजपा अपने वोटों के अंतर को बड़ा कर अगले साल दिल्ली विधानसभा चुनावों में जाना चाहती है। पार्टी ने इसके लिए हर स्तर पर तैयारियां भी शुरू कर दी हैं...
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Delhi Lok Sabha Seats: AAP and Congress votes are transferred then challenge before BJP may be difficult
Delhi Lok Sabha Seats - फोटो : Amar Ujala/ Sonu Kumar

विस्तार

दिल्ली में लोकसभा की सात सीटें हैं। पिछले दो लोकसभा चुनावों 2014 और 2019 में भाजपा ने दिल्ली की सभी सातों सीटों पर जीत हासिल की थी। लेकिन इस बार दिल्ली के राजनीतिक समीकरणों में यह परिवर्तन हुआ है कि इंडिया गठबंधन के अंतर्गत आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने हाथ मिला लिया है। आम आदमी पार्टी चार और कांग्रेस तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। यदि आप और कांग्रेस के वोट ट्रांसफर हुए तो भाजपा के सामने चुनौती कठिन हो सकती है।

लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में 57 फीसदी वोट शेयर पाने के कारण भाजपा का अनुमान है कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के साथ आने के बाद भी उसे कोई नुकसान नहीं होगा। उलटे, भाजपा अपने वोटों के अंतर को बड़ा कर अगले साल दिल्ली विधानसभा चुनावों में जाना चाहती है। पार्टी ने इसके लिए हर स्तर पर तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।

चूंकि, भाजपा ने पांच और आम आदमी पार्टी ने चार लोकसभा उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इससे दिल्ली की तस्वीर कुछ हद तक साफ होती दिखाई पड़ रही है। कांग्रेस के तीन उम्मीदवारों की घोषणा इसी सप्ताह होने की संभावना है। उसके बाद तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। फिलहाल, अभी तक जो स्थिति बनती दिख रही है, वह इस प्रकार है---     

नई दिल्ली लोकसभा सीट

दिल्ली की सबसे प्रतिष्ठित मानी जाने वाली नई दिल्ली लोकसभा सीट पर भाजपा ने सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज को उम्मीदवार बनाया है। उनके सामने आम आदमी पार्टी के सोमनाथ भारती चुनाव मैदान में हैं। मां-पिता की राजनीतिक विरासत संभालने वाली बांसुरी स्वराज सर्वोच्च न्यायालय में वकील हैं। यह उनका पहला चुनाव है, लेकिन भारी नाम के कारण उन्हें लाभ मिल सकता है। जबकि सोमनाथ भारती आम आदमी पार्टी के लगातार विधायक बनने वाले चेहरों में से एक हैं। क्षेत्र में आम आदमी की पकड़ उनकी मजबूती है, तो उनकी विवादित छवि उन्हें कमजोर उम्मीदवार बनाती है। वे भी वकील हैं, इसलिए नई दिल्ली सीट पर लड़ाई दो वकीलों के बीच है।

चांदनी चौक लोकसभा सीट

चांदनी चौक लोकसभा सीट पर भाजपा ने व्यापारी नेता प्रवीण खंडेलवाल को उम्मीदवार बनाया है। व्यापारी समुदाय पर मजबूत पकड़ उनकी ताकत है। यह सीट कांग्रेस के खाते में है, जिसने अभी अपने चेहरे की घोषणा नहीं की है। माना जा रहा है कि कांग्रेस इस सीट से अपने व्यापारी नेता जेपी अग्रवाल या उनके बेटे मुदित अग्रवाल को उम्मीदवार बना सकती है। यदि ऐसा होता है, तो चांदनी चौक की लड़ाई दो बनिया उम्मीदवारों के बीच की लड़ाई होगी और व्यापारियों के बीच पैठ ही किसी दल की जीत तय करेगी।   

पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट

पूर्वी दिल्ली सीट से भाजपा ने अभी अपना उम्मीदवार नहीं घोषित किया है। इस सीट पर भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, महामंत्री हर्ष मल्होत्रा और दिनेश प्रताप सिंह के नाम चल रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के भाजपा के सह प्रभारी आशीष सूद का नाम भी अचानक इस सीट पर चर्चा में आ गया है। चर्चा यह भी है कि क्रिकेटर गौतम गंभीर के राजनीतिक संन्यास लेने के बाद भाजपा उन्हीं के जैसा कोई स्टार लाकर इस सीट पर अपनी जीत सुनिश्चित करना चाहती है।  

जबकि, आम आदमी पार्टी ने यहां से अपने वर्तमान विधायक कुलदीप कुमार को मैदान में उतारा है। आम आदमी पार्टी के लिहाज से पूर्वी दिल्ली में कई इलाके ज्यादा अच्छे माने जाते हैं। हालांकि, पार्टी अभी कोई लोकसभा सीट जीतने में नाकाम रही है। पूर्वांचली, पंजाबी और मुस्लिम बहुल इस सीट पर हर वर्गों का साथ ही किसी पार्टी को जीत दिला सकता है।   

पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट

भाजपा ने अपने प्रभावशाली जाट नेता प्रवेश वर्मा का टिकट काटकर महिला नेता कमलजीत सहरावत को मैदान में उतारा है। बेहद सौम्य व्यवहार की कमलजीत सहरावत मेयर के रूप में अपने कार्यकाल में बेहद शानदार काम करने के लिए जानी जाती हैं। महिला होने के कारण भी उन्हें ज्यादा लाभ मिल सकता है। जबकि आम आदमी पार्टी ने इस सीट पर पूर्व कांग्रेसी सांसद महाबल मिश्रा को उम्मीदवार बनाया है। वे इस सीट पर पहले भी सांसद रह चुके हैं, लिहाजा इस सीट पर लड़ाई रोचक हो सकती है।

उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट

उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट पर भाजपा के मनोज तिवारी बड़ी छवि के नेता माने जाते हैं। पूर्वांचली मतदाताओं के बीच उनकी लोकप्रियता उनके जीत की गारंटी होती है। यहां से मनोज तिवारी की लड़ाई लगभग एक तरफा मानी जाती है। हालांकि बदले माहौल में कांग्रेस-आप के जुड़ने से नई परिस्थिति पैदा हो सकती है। कांग्रेस से इस सीट पर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली, पूर्व सांसद संदीप दीक्षित जैसे नामों की चर्चा है।  

उत्तर पश्चिम दिल्ली लोकसभा सीट

सुरक्षित सीट उत्तर पश्चिम पर अभी न तो भाजपा ने अपना उम्मीदवार घोषित किया है, न ही कांग्रेस ने। भाजपा की ओर से उसके महामंत्री दुष्यंत गौतम और दिल्ली भाजपा नेता योगेंद्र चंदोलिया के नाम की चर्चा है। वहीं, इस सीट पर भाजपा के उम्मीदवार बनकर जीत हासिल कर चुके उदित राज इस बार कांग्रेस से टिकट पा सकते हैं।

दक्षिणी दिल्ली लोकसभा सीट

दक्षिणी दिल्ली से भाजपा ने रमेश बिधूड़ी का टिकट काटकर दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अनुभवी गुर्जर नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी को मैदान में उतारा है। वे यहां पर मजबूत उम्मीदवार हो सकते हैं। हालांकि उनके सामने आम आदमी उम्मीदवार सहीराम पहलवान भी मजबूत उम्मीदवार हैं। यानी इस सीट पर कांटेदार लड़ाई होने का अनुमान है।

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