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Liquor Scam: आरोपियों के साथ सीएम के घर पर बैठक से लेकर वीडियो कॉल तक, जानें ईडी की रडार पर केजरीवाल क्यों

Thu, 02 Nov 2023 11:39 AM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Thu, 02 Nov 2023 11:39 AM IST
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सार
Liquor Scam: दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 में मनी लांड्रिंग की जांच कर रही ईडी ने अपनी चार्जशीट में कई बार अरविंद केजरीवाल के नाम का जिक्र किया है। ईडी ने दावा किया कि आबकारी नीति AAP के शीर्ष नेताओं द्वारा बनाई गई थी, ताकि लगातार अवैध धन कमा कर खुद तक पहुंचाया जा सके। 
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Delhi Liquor Scam: why ED summoned CM Arvind Kejriwal, w: why ED summoned CM Arvind Kejriwal, what is his role
दिल्ली शराब घोटाला - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

दिल्ली शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी के नेताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। घोटाले की जांच की आंच अब पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तक पहुंच गई है। मामले की जांच कर रही ईडी ने केजरीवाल को गुरुवार को पेश होने के लिए समन भेजा लेकिन वो फिलहाल एजेंसी के सामने पेश नहीं होंगे। अरविंद केजरीवाल ने यह कहते हुए समन को स्किप किया है कि यह गैर कानूनी और राजनीति से प्रेरित है।


 



इससे पहले अप्रैल 2023 में सीबीआई ने आप नेता केजरीवाल से शराब नीति मामले में पूछताछ की थी। ऐसे में सवाल उठते हैं कि आखिर शराब घोटाला है क्या? नई शराब नीति क्या थी? इसमें किस तरह के भ्रष्टाचार के आरोप हैं? सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल को क्यों समन भेजा था? अब ईडी उनसे क्यों पूछताछ करने वाली है? आइये जानते हैं सभी सवालों के जवाब… 

दिल्ली शराब घोटाला
दिल्ली शराब घोटाला - फोटो : AMAR UJALA

पहले जानते हैं आखिर क्या है शराब नीति घोटाला? 
कोरोना काल के बीच दिल्ली सरकार ने दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 लागू की थी। इस शराब नीति के कार्यान्वयन में कथित अनियमितता की शिकायतें आईं जिसके बाद उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की। इसके साथ ही दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 सवालों के घेरे में आ गई। हालांकि, नई शराब नीति को बाद में इसे बनाने और इसके कार्यान्वयन में अनियमितताओं के आरोपों के बीच रद्द कर दिया गया था।

दिल्ली शराब घोटाले
दिल्ली शराब घोटाले - फोटो : AMAR UJALA

जांच कैसी शुरू हुई?
सीबीआई ने अगस्त 2022 में इस मामले में 15 आरोपियों के खिलाफ नियमों के कथित उल्लंघन और नई शराब नीति में प्रक्रियागत गड़बड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज की। बाद में सीबीआई द्वारा दर्ज मामले के संबंध में ईडी ने पीएमएलए के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले की जांच शुरू कर दी। 

ईडी और सीबीआई दिल्ली सरकार की नई शराब नीति में कथित घोटाले की अलग-अलग जांच कर रही हैं। ईडी नीति को बनाने और लागू करने में धन शोधन के आरोपों की जांच कर रही है। वहीं, सीबीआई की जांच नीति बनाते समय हुई कथित अनियमितताओं पर केंद्रित है।

शराब नीति घोटाला
शराब नीति घोटाला - फोटो : AMAR UJALA

अभी तक कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं?
दिल्ली शराब नीति अनियमितता मामले की जांच कर रही दोनों एजेंसियां सीबीआई और ईडी अब तक 15 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। इसमें संजय सिंह, मनीष सिसोदिया, विजय नायर, समीर महेंद्रू, अरुण रामचंद्रन, राजेश जोशी, गोरन्तला बुचिबाबू, अमित अरोड़ा, बेनॉय बाबू (फ्रांसीसी शराब कंपनी पर्नोड रिकार्ड के महाप्रबंधक), पी. सरथ चंद्र रेड्डी, अरबिंदो फार्मा के पूर्णकालिक निदेशक और प्रमोटर, व्यवसायी अमनदीप धाल और व्यवसायी अभिषेक बोइनपल्ली शामिल हैं।

दिल्ली शराब नीति घोटाला
दिल्ली शराब नीति घोटाला - फोटो : अमर उजाला

जांच में क्या निकला?
इसी साल जनवरी में ईडी ने एक पूरक चार्जशीट दायर कर दावा किया कि आप के शीर्ष नेताओं ने खुद के लिए अवैध धन जुटाने के उद्देश्य से आबकारी नीति बनाई थी। ईडी ने आरोप लगाया कि साजिश निजी संस्थाओं को थोक व्यापार देने और उसी से कमीशन पाने के लिए छह फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी मार्जिन तय करने की थी।

ईडी ने अपनी चार्जशीट में शराब कारोबारी समीर महेंद्रू को साजिश का सरगना और मुख्य लाभार्थियों में से एक बताया था। इसमें महेंद्रू, विजय नायर, पी. सरथ चंद्र रेड्डी, बिनॉय बाबू, अभिषेक बोइनपल्ली, अमित अरोड़ा और 11 कंपनियों सहित कुल 17 संस्थाओं को आरोपी बनाया गया।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल - फोटो : एक्स/@AamAadmiParty

सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल को क्यों समन भेजा था?
इस मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सांसद संजय सिंह को एजेंसी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री की बेटी के. कविता से भी शराब नीति मामले में पूछताछ की गई है। इसके साथ ही सीबीआई ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से अप्रैल 2023 में पूछताछ की थी। उस वक्त केजरीवाल को मामले में गवाह के तौर पर जांच के लिए बुलाया गया था।

'आप' नेता
'आप' नेता - फोटो : AMAR UJALA

अब ईडी ने केजरीवाल को समन क्यों भेजा?
अब रद्द की जा चुकी दिल्ली की शराब नीति में मनी लांड्रिंग की जांच कर रही ईडी ने अपनी चार्जशीट में कई बार अरविंद केजरीवाल के नाम का जिक्र किया है। अदालत में दायर आरोप पत्र में ईडी ने बताया कि दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 आप के शीर्ष नेताओं द्वारा बनाई गई थी, ताकि लगातार अवैध धन कमा कर और उसे अपने पास लाया जा सके। ईडी ने दावा किया कि यह नीति अवैध और आपराधिक गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए जानबूझकर कमियों के साथ बनाई गई थी।

इस नीति की वजह से पिछले दरवाजे से कार्टेलाइजेशन (लिखित करारनामा) को बढ़ावा मिला। इसके साथ ही नीति में 12% का अत्यधिक थोक लाभ मार्जिन और 185% का भारी खुदरा लाभ मार्जिन दिया गया। ऐसा करने से AAP के शीर्ष नेताओं को व्यवसायियों से भारी रिश्वत मिली।

मनीष सिसोदिया के दादरा और नगर हवेली सिविल सेवा (दानिक्स) सचिव सी. अरविंद ने 7 दिसंबर 2022 को अपने बयान में बताया था कि तीन सदस्यीय मंत्री समूह (जीओएम) की रिपोर्ट का मसौदा उन्हें मार्च 2021 के मध्य में दिया गया था। मसौदा देने के लिए अरविंद को सिसोदिया ने मुख्यमंत्री के आवास पर बुलाया था, जहां सत्येंद्र जैन भी मौजूद थे। 

ईडी ने कहा कि निजी संस्थाओं को थोक व्यापार देने और 12% मार्जिन तय करने (उसी से 6% रिश्वत लेने के लिए) की जीओएम की साजिश का खुलासा सी. अरविंद के बयान से हुआ। सचिव अरविंद ने खुलासा किया कि जीओएम की बैठकों में न तो निजी संस्थाओं को थोक में देने और न ही उनके लिए 12% लाभ मार्जिन तय करने के बारे में कोई चर्चा हुई। सी. अरविंद ने आगे कहा कि यह पहली बार था कि उन्होंने इन प्रस्तावों को जीओएम रिपोर्ट के मसौदे यानी उन्हें सौंपे गए दस्तावेज में देखा था और उन्हें उसी दस्तावेज के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया था।

Arvind kejriwal
Arvind kejriwal - फोटो : instagram

केजरीवाल के साथ आरोपी की वीडियो कॉल 
ईडी के मुताबिक, इस पूरे घोटाले को अंजाम देने वाला विजय नायर है जो दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का करीबी है। नायर ही आबकारी नीति से जुड़े मामलों के लिए सिसोदिया के साथ करीबी तौर पर बातचीत कर रहा था। विजय नायर के खुद के बयान के अनुसार, वह अरविंद केजरीवाल के कैंप कार्यालय से कार्य करता है। इसके अलावा विजय नायर 2020 से दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश गहलोत को आवंटित सरकारी बंगले में रह रहा है, जो कि उत्पाद शुल्क नीति 2021-22 के जीओएम का हिस्सा हैं। विजय नायर के पास दिल्ली में कोई अन्य आवास नहीं है। एजेंसी ने आश्चर्य जताया कि गहलोत नजफगढ़ में एक अन्य निजी आवास पर रहते हैं।

एजेंसी ने दावा किया कि विजय नायर ने शराब कारोबारी और इंडो स्पिरिट्स के मालिक समीर महेंद्रू की अरविंद केजरीवाल के साथ बैठक की व्यवस्था की थी। जब बैठक की बात नहीं बनी तो विजय ने अपने फोन पर समीर और अरविंद केजरीवाल के लिए एक वीडियो कॉल की व्यवस्था की। तब अरविंद केजरीवाल ने समीर से कहा कि विजय उनका आदमी है और समीर को उस पर भरोसा करना चाहिए और उसके साथ आगे बढ़ना चाहिए।  

ईडी ने दावा किया कि इन तथ्यों से उत्पाद शुल्क नीति घोटाले के संबंध में आम आदमी पार्टी के राजनीतिक नेताओं की भूमिका स्पष्ट होती है।

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