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कांग्रेस को लगा झटका, नेता विपक्ष का पद दिये जाने की याचिका पर सुनवाई से हाईकोर्ट का इनकार
Wed, 26 Jun 2019 02:05 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 26 Jun 2019 02:05 PM IST
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दिल्ली उच्च न्यायालय
- फोटो : PTI
कांग्रेस को 17वीं लोकसभा में नेता विपक्ष का पद देने की याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति ज्योति सिंह और न्यायमूर्ति मनोज ओहरी की अवकाश पीठ ने कहा कि इस पर जल्द सुनवाई की जरूरत नहीं है। न्यायालय ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 8 जुलाई तय की है।
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बता दें कि यह याचिका मनमोहन सिंह नरुला और सुष्मिता कुमारी ने दायर की थी। जिसमें उन्होंने मांग की थी कि लोकसभा में कांग्रेस को नेता विपक्ष का दर्जा दिया जाए। याचिका दायर करने वाले वकीलों का कहना है कि सदन में लोकसभा अध्यक्ष नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति का संवैधानिक कर्तव्य पूरा नहीं कर रहे हैं। साथ ही कहा कि नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति न करना गलत परिपाटी की शुरुआत है। जो कि लोकतंत्र को कमजोर करने का काम है।
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ज्ञात हो कि लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस को 52 सीटों पर विजय मिली है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी खुद अमेठी से चुनाव हार गए जबकि वायनाड से उन्हें जीत मिली।
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नेता प्रतिपक्ष बनने के लिए अहर्ता
विपक्ष में बैठने वाले दलों में जिस दल के पास सर्वाधिक सीटें होती हैं उनमें से किसी सांसद को विपक्ष का नेता चुना जाता है। यदि विपक्ष के किसी भी दल के पास कुल सीटों का 10 फीसदी सांसद नहीं है तो ऐसी दशा में सदन में कोई विपक्ष का नेता नहीं बन सकता। 10 फीसदी सांसदों की गणना दल के आधार पर होती है, गठबंधन के आधार पर नहीं।