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दिल्ली हाईकोर्ट : केंद्र से पूछा- दिव्यांगों को कानून के तहत पेट्रोल पंप आवंटित किए गए या नहीं
Fri, 16 Apr 2021 02:42 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 16 Apr 2021 02:42 AM IST
सार
- पेट्रोलियम मंत्रालय, सामाजिक न्याय मंत्रालय और एचपीसीएल को नोटिस
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : social media
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा कि दिव्यांग जनों के अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुरूप दिव्यांग व्यक्तियों को पेट्रोल पंप आवंटित किए गए या नहीं। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने एक याचिका पर पेट्रोलियम मंत्रालय और सामाजिक न्याय मंत्रालय तथा सरकारी तेल कंपनी हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) को नोटिस जारी किए।
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इस याचिका में 2016 के अधिनियम के अनुरूप पेट्रोल पंपों या डीलरशिप के आवंटन में दिव्यांग व्यक्तियों को आरक्षण देने का अनुरोध किया गया था। 75 प्रतिशत तक दृष्टिबाधित महिला की ओर से दायर याचिका में दलील दी गई कि डीलरशिप के आवंटन के लिए एचपीसीएल अब भी पुराने निरस्त किए गए 1995 के दिव्यांग जन अधिनियम का पालन कर रहा है।
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मुख्य आयुक्त कार्यालय के आदेश को दी थी चुनौती
अधिवक्ता संजय कुमार सिंह के माध्यम से दायर याचिका में महिला ने दिव्यांग जन कानून, 2016 के तहत गठित मुख्य आयुक्त कार्यालय के दिसंबर 2020 के आदेश को चुनौती दी है। उस आदेश में कहा गया है कि एचपीसीएल के नवंबर 2018 के विज्ञापन में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए खुदरा दुकानों के आवंटन के तरीके या कंपनी की योजना में कोई खामी नहीं दिखी।
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याचिका में दावा किया गया कि आवंटन योजना में कोई खामी नहीं पाते हुए मुख्य आयुक्त ने निरस्त कानून के आधार बताने की बजाय एसचीपीएल को 2016 के कानून के अनुरूप अपनी नीति में सुधार करने को कहा। याचिका में 2018 के विज्ञापन के आधार पर किए गए आवंटन रद्द करने का भी अनुरोध किया है क्योंकि यह पुराने कानून के आधार पर हुआ है।