कोरोना: तीसरी लहर से निपटने के लिए दिल्ली, गुजरात समेत कई राज्यों ने कसी कमर, जानें तैयारियों का हाल
देश में कोरोना वायरस के दैनिक मामले भले ही कम आ रहे हों लेकिन जानकारों का मानना है कि देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर आने की संभावना है। हालांकि तीसरी लहर से निपटने के लिए कई राज्यों पहले ही अपनी कमर कस ली है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर अब थोड़ी थमती नजर आ रही है लेकिन कोविड से होने वाली दैनिक मौतों का आंकड़ा अभी भी तीन हजार के ऊपर आ रहा है। दूसरी लहर के तहत कोरोना के दैनिक संक्रमित मामले तो एक लाख से कम आने लगे हैं लेकिन जानकारों ने कोरोना की तीसरी लहर के आने की भी चेतावनी जारी की हुई है। दिल्ली, गुजरात और केरल समेत कई राज्य ऐसे हैं, जिन्होंने संभावित तीसरी लहर की तैयारी पहले से की हुई है। आइए जानते हैं कि इन राज्यों ने क्या-क्या और कितनी तैयारियां पहले से की हुई हैं...
1. दिल्ली
तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए दिल्ली में 27 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट संयंत्रों को चालू कर दिया गया है। इसके अलावा दिल्ली में ही केंद्र सरकार पहले ही छह संयंत्र चालू कर चुकी है और सात करने बाकी हैं। वहीं जुलाई तक दिल्ली में 17 और संयंत्र शुरू होंगे। इसके अलावा दिल्ली सरकार ऑक्सीजन टैंकर भी खरीद रही है। दिल्ली में तीसरी लहर से निपटने के लिए राज्य सरकार ने दो समितियों का गठन किया है। इसमें से एक में आठ सदस्य होंगे और दूसरे में 13 अधिकारी हैं। ये समिति स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और तीसरी लहर से निपटने के लिए एक्शन प्लान तैयार करेगी।
2. गुजरात की तैयारियां
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का कहना है कि अक्तूबर और नवंबर में कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना है। राज्य में ऑक्सीजन बिस्तरों की संख्या बढ़ाकर एक लाख दस हजार और आईसीयू बेड की क्षमता बढ़ाकर 15 से 30 हजार करने का एलान किया गया है। इसके अलावा सीएम ने एक कार्य योजना के तहत बाल-सुलभ वार्डों के निर्माण के साथ सरकारी अस्पतालों में बाल चिकित्सा बिस्तरों को 2000 से 4000 तक करने की घोषणा की है।
3. केरल
तीसरी लहर से निपटने के लिए राज्य सरकार वैक्सीनेशन बढ़ाने और बाल चिकित्सा बुनियादी ढांचे को दुरुस्त पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने बताया कि बच्चों के इलाज और छुट्टी के संबंध में दिशानिर्देश पहले से ही तैयार किए जा चुके हैं। वहीं राज्य की स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि तीसरी लहर से पहले ज्यादा से ज्यादा लोगों के लिए कवरेज सुनिश्चित करने के लिए टीकों की संख्या 2-2.5 लाख की जाएगी।
4. तेलंगाना
राज्य सरकार ने महिलाओं और बाल चिकित्सा सुधारों पर खासा ध्यान पर जोर दिया है। इसके तहत हैदराबाद में महिलाओं और बच्चों के लिए अस्पतालों में अतिरिक्त सुविधाएं स्थापित की जा रही हैं। सरकारी अस्पतालों में सभी बिस्तरों को ऑक्सीजन बिस्तरों में बदलने का फैसला कर लिया है। राज्य में चार हजार ऑक्सीजन और आईसीयू बेड विशेष तौर पर बाल चिकित्सा मामलों के लिए उपलब्ध होंगे।
5. जम्मू-कश्मीर
राज्य में स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग ने एक चिकित्सा परामर्श टीम गठित करने को कहा था। मुख्य सचिव ने विभाग से अलग-अलग आबादी पर सीरो सर्वे करने को भी कहा। तीसरी लहर से बचने के लिए राज्य में बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।