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Delhi Corona: दिल्ली के लोगों का मानना कि अभी पाबंदियों में ढील नहीं मिलनी चाहिए, नाइट और वीकेंड कर्फ्यू भी जारी रखा जाए
Sat, 22 Jan 2022 05:13 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 22 Jan 2022 05:13 PM IST
सार
सर्वे में 7,598 लोगों ने हिस्सा लिया था जिसमें दो तिहाई संख्या पुरुषों की थी और एक तिहाई महिलाएं थीं। दिल्ली में कोविड से जुड़ी हुई पाबंदियों को हटाने की क्या मानक होना चाहिए?
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से आई तीसरी लहर के बाद राजधानी दिल्ली में कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं। अब कोविड के मामलों में थोड़ी कमी आने पर इन पाबंदियों को कम करने की चर्चा शुरु हो गई है, लेकिन इस बीच एक सर्वे में सामने आया है कि अब भी 63 प्रतिशत लोग कोविड पाबंदियों में किसी तरह की ढील देने के पक्ष में नहीं हैं। इनका तर्क है कि जब तक पॉजिटिविटी रेट पांच प्रतिशत तक नहीं आती, तब तक पाबंदियों में ढिलाई नहीं देनी चाहिए।
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हाल ही में लोकल सर्कल्स एजेंसी ने एक सर्वे किया। इस सर्वे में दिल्ली में चल रही मौजूदा पाबंदियों (नाइट कर्फ्यू, वीकेंड कर्फ्यू और बाजारों में दुकानों के लिए ऑड-ईवन नियम आदि) से 63 प्रतिशत लोग सहमत हैं। उनका कहना है कि इन पाबंदियों को तब तक नहीं हटाना चाहिए, जब तक पॉजिटिविटी रेट पांच प्रतिशत या इससे कम नहीं हो जाती।
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इस सर्वे में 7,598 लोगों ने हिस्सा लिया था जिसमें दो तिहाई संख्या पुरुषों की थी और एक तिहाई महिलाएं थीं। दिल्ली में कोविड से जुड़ी हुई पाबंदियों को हटाने की क्या मानक होना चाहिए? इस सवाल के जवाब में 11 प्रतिशत लोगों ने टेस्ट पॉजिटिविटी रेट के 20 प्रतिशत तक पहुंचने, 26 फीसदी ने 10 प्रतिशत तक पहुंचने की बात की। वहीं, 26 प्रतिशत लोगों ने पॉजिटिविटी दर 5 प्रतिशत से कम होने, 21 प्रतिशत ने दो प्रतिशत से कम आने और 5 प्रतिशत लोगों ने कहा कि इसे एक प्रतिशत से कम होने पर इन पाबंदियों को हटाया जाना चाहिए, जबकि महज पांच प्रतिशत लोगों ने कहा कि बिना किसी देरी के इन पाबंदियों को हटा लिया जाना चाहिए। सर्वे में साफ हुआ कि 63 प्रतिशत लोग इन पाबंदियों को अभी हटाने के पक्ष में नहीं हैं। वह पॉजिटिविटी रेट पांच प्रतिशत से कम होने पर इसे हटाने के पक्ष में हैं।
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एलजी ने वीकेंड कर्फ्यू खत्म करने का प्रस्ताव किया खारिज
गुरुवार को राजधानी में 57920 टेस्ट हुए। इनमें से 12306 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव रही, जबकि 43 मौतें भी हुईं। पॉजिटिविटी रेट गुरुवार को 21.5 प्रतिशत रहा, जबकि 14 जनवरी को यह 30.64 प्रतिशत दर्ज किया गया था। इस बीच सोमवार को सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी राजधानी से वीकेंड कर्फ्यू, मार्केट और मॉल से ऑड-ईवन खत्म करने का प्रपोजल दिया, हालांकि एलजी अनिल बैजल ने यह प्रस्ताव खारिज कर दिया।