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ADR: पांच साल में 74% घटी सबसे अमीर विधायक की संपत्ति, सबसे ज्यादा दागी आप से, पांच अरबपतियों में तीन BJP से
Mon, 27 Jan 2025 03:39 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 27 Jan 2025 03:39 PM IST
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विस्तार
दिल्ली में विधानसभा चुनाव 2025 के एलान के बाद सियासी सरगर्मियां जोरों पर हैं। तमाम सियासी दल चुनाव प्रचार में जोर आजमाइश लगा रहे हैं। इस केंद्र शासित प्रदेश में 5 फरवरी को मतदान होना है, जबकि 8 फरवरी को मतगणना होनी है। इस बीच एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने सभी राजनीतिक दलों की तरफ से खड़े किए गए उम्मीदवारों का लेखा जोखा प्रकाशित किया है।प्रत्याशियों की तरफ से दिए गए हलफनामों के आधार पर रिपोर्ट में उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि, वित्तीय, शिक्षा, लिंग और अन्य विवरणों का विश्लेषण किया गया है। गौरतलब है कि दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर इस बार 699 उम्मीदवार खड़े हो रहे हैं। इनमें से 278 प्रत्याशी राष्ट्रीय दलों से, 29 राज्य-स्तरीय दलों से, 254 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दलों से और 138 उम्मीदवार निर्दलीय हैं।
आइये जानते हैं एडीआर की रिपोर्ट में कौन-कौन सी जानकारियां सामने आई हैं?
1. कितने उम्मीदवार दागी?
एडीआर ने 699 प्रत्याशियों के हलफनामों का विश्लेषण किया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार 132 (19 फीसदी) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों की बात करें तो तब 672 में से 133 प्रत्याशियों (20 फीसदी) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले बताए थे। यानी इस बार दागी उम्मीदवारों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।
2025 में किस्मत आजमा रहे 81 उम्मीदवारों (12 फीसदी) ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में 104 (करीब 15 प्रतिशत) ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए थे।
एडीआर ने 699 प्रत्याशियों के हलफनामों का विश्लेषण किया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार 132 (19 फीसदी) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों की बात करें तो तब 672 में से 133 प्रत्याशियों (20 फीसदी) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले बताए थे। यानी इस बार दागी उम्मीदवारों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।
2025 में किस्मत आजमा रहे 81 उम्मीदवारों (12 फीसदी) ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में 104 (करीब 15 प्रतिशत) ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए थे।
2. किस पार्टी के कितने दागी उम्मीदवार
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमुख दलों में सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवार आम आदमी पार्टी (आप) के हैं। आप ने इस बार 70 में से 44 आपराधिक मामलों वाले प्रत्याशी उतारे हैं। यानी करीब 63 फीसदी। इसके बाद कांग्रेस का नंबर है, जिसके 70 में से 29 (41 फीसदी) उम्मीदवार दागी हैं। भाजपा के 68 में से 29 उम्मीदवारों (29 फीसदी) ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमुख दलों में सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवार आम आदमी पार्टी (आप) के हैं। आप ने इस बार 70 में से 44 आपराधिक मामलों वाले प्रत्याशी उतारे हैं। यानी करीब 63 फीसदी। इसके बाद कांग्रेस का नंबर है, जिसके 70 में से 29 (41 फीसदी) उम्मीदवार दागी हैं। भाजपा के 68 में से 29 उम्मीदवारों (29 फीसदी) ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
3. गंभीर दागी उम्मीदवारों को सबसे ज्यादा किस पार्टी से मौका
एडीआर ने गंभीर आपराधिक मामलों वाले पार्टीवार उम्मीदवार के आंकड़े भी जारी किए हैं। सबसे ज्यादा आप के 70 में से 29 प्रत्याशियों (41 फीसदी) पर गंभीर आरोप हैं। कांग्रेस के 70 में से 13 (19 फीसदी) और भाजपा के 68 में से 9 प्रत्याशियों (13 फीसदी) पर गंभीर अपराध के मामले दर्ज हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में 13 उम्मीदवारों ने महिलाओं के ऊपर अत्याचार से जुड़े आपराधिक मामले घोषित किए हैं। वहीं, दो उम्मीवारों ने अपने ऊपर हत्या से जुड़े मामले (आईपीसी धारा-302) का खुलासा किया है। इसके अलावा पांच प्रत्याशियों पर हत्या के प्रयास (आईपीसी धारा-307) के तहत केस दर्ज हैं।
एडीआर ने गंभीर आपराधिक मामलों वाले पार्टीवार उम्मीदवार के आंकड़े भी जारी किए हैं। सबसे ज्यादा आप के 70 में से 29 प्रत्याशियों (41 फीसदी) पर गंभीर आरोप हैं। कांग्रेस के 70 में से 13 (19 फीसदी) और भाजपा के 68 में से 9 प्रत्याशियों (13 फीसदी) पर गंभीर अपराध के मामले दर्ज हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में 13 उम्मीदवारों ने महिलाओं के ऊपर अत्याचार से जुड़े आपराधिक मामले घोषित किए हैं। वहीं, दो उम्मीवारों ने अपने ऊपर हत्या से जुड़े मामले (आईपीसी धारा-302) का खुलासा किया है। इसके अलावा पांच प्रत्याशियों पर हत्या के प्रयास (आईपीसी धारा-307) के तहत केस दर्ज हैं।
कितने करोड़पति प्रत्याशी मैदान में?
दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार अमीर प्रत्याशियों का आंकड़ा भी बढ़ा है। 699 में से 23 उम्मीदवारों (3 फीसदी) ने अपनी संपत्ति 50 करोड़ से ज्यादा घोषित की है। इससे पहले 2020 में 672 में से 13 प्रत्याशियों (2 फीसदी) की संपत्ति ही 50 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा थी।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार 50 करोड़ से ज्यादा संपत्ति वाले कुल उम्मीदवारों में से 5 अरबपतियों की श्रेणी में शामिल हैं। भाजपा के 68 में से तीन उम्मीदवार अरबपति हैं। वहीं, कांग्रेस के 70 में से एक और आप के भी इतने ही प्रत्याशी अरबपति की लिस्ट में हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार अमीर प्रत्याशियों का आंकड़ा भी बढ़ा है। 699 में से 23 उम्मीदवारों (3 फीसदी) ने अपनी संपत्ति 50 करोड़ से ज्यादा घोषित की है। इससे पहले 2020 में 672 में से 13 प्रत्याशियों (2 फीसदी) की संपत्ति ही 50 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा थी।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार 50 करोड़ से ज्यादा संपत्ति वाले कुल उम्मीदवारों में से 5 अरबपतियों की श्रेणी में शामिल हैं। भाजपा के 68 में से तीन उम्मीदवार अरबपति हैं। वहीं, कांग्रेस के 70 में से एक और आप के भी इतने ही प्रत्याशी अरबपति की लिस्ट में हैं।
करोड़पति उम्मीदवार में किसके पास-कितनी संपत्ति?
एडीआर की रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल 699 उम्मीदवारों में से 222 ऐसे हैं, जिनकी संपत्ति 10 लाख रुपये से कम है। यह कुल प्रत्याशियों का 31.76 प्रतिशत है। वहीं, 5 करोड़ से ज्यादा संपत्ति वाले 125 उम्मीदवार हैं, जो कि कुल का 17.88 फीसदी है।
एडीआर की रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल 699 उम्मीदवारों में से 222 ऐसे हैं, जिनकी संपत्ति 10 लाख रुपये से कम है। यह कुल प्रत्याशियों का 31.76 प्रतिशत है। वहीं, 5 करोड़ से ज्यादा संपत्ति वाले 125 उम्मीदवार हैं, जो कि कुल का 17.88 फीसदी है।
किस पार्टी ने कितने करोड़पतियों को दिया टिकट?
एडीआर के मुताबिक, भाजपा के सबसे ज्यादा 68 में से 8 प्रत्याशियों (12 प्रतिशत) की संपत्ति 50 करोड़ रुपये से ज्यादा है। कांग्रेस के 70 में से 7 (10 फीसदी) और आम आदमी पार्टी के 70 में से 6 उम्मीदवार (9 प्रतिशत) की संपत्ति 50 करोड़ से ऊपर है। इसके अलावा 138 में से 2 (एक फीसदी) निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति 50 करोड़ से अधिक घोषित की है।
इस बार चुनाव मैदान में उतरे सभी प्रत्याशियों की कुल संपत्ति की बात करें तो यह 3,952 करोड़ रुपये है। इस लिहाज से औसत संपत्ति 5.65 करोड़ रुपये है। जबकि 2020 में दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 4.34 करोड़ रुपये थी।
पार्टीवार आंकड़े देखें तो, इस बार कांग्रेस के प्रत्याशियों के औसत संपत्ति 14.41 करोड़ रुपये है। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 11.70 करोड़ है। वहीं, भाजपा के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 24.27 करोड़ रुपये है। बसपा के 68 प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 1.23 करोड़ रुपये है।
एडीआर के मुताबिक, भाजपा के सबसे ज्यादा 68 में से 8 प्रत्याशियों (12 प्रतिशत) की संपत्ति 50 करोड़ रुपये से ज्यादा है। कांग्रेस के 70 में से 7 (10 फीसदी) और आम आदमी पार्टी के 70 में से 6 उम्मीदवार (9 प्रतिशत) की संपत्ति 50 करोड़ से ऊपर है। इसके अलावा 138 में से 2 (एक फीसदी) निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति 50 करोड़ से अधिक घोषित की है।
इस बार चुनाव मैदान में उतरे सभी प्रत्याशियों की कुल संपत्ति की बात करें तो यह 3,952 करोड़ रुपये है। इस लिहाज से औसत संपत्ति 5.65 करोड़ रुपये है। जबकि 2020 में दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 4.34 करोड़ रुपये थी।
पार्टीवार आंकड़े देखें तो, इस बार कांग्रेस के प्रत्याशियों के औसत संपत्ति 14.41 करोड़ रुपये है। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 11.70 करोड़ है। वहीं, भाजपा के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 24.27 करोड़ रुपये है। बसपा के 68 प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 1.23 करोड़ रुपये है।
पिछली बार के सबसे धनी उम्मीदवार की संपत्ति 75 फीसदी घटी
- दिल्ली विधानसभा चुनाव में सबसे अमीर प्रत्याशियों में भाजपा के करनैल सिंह सबसे आगे हैं। शकूर बस्ती सीट से लड़ रहे करनैल सिंह की संपत्ति 259 करोड़ रुपये से ज्यादा घोषित की गई है।
- वहीं, दूसरे नंबर पर भी भाजपा के राजौरी गार्डन से उम्मीदवार मनजिंदर सिंह सिरसा का नाम है। इनकी संपत्ति 248 करोड़ रुपये घोषित हुई है।
- 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में सबसे अमीर उम्मीदवार रहे धर्मपाल लाकड़ा ने इस बार अपनी संपत्ति 76 करोड़ रुपये घोषित की है। यह पिछले विधानसभा चुनाव में उनकी 292 करोड़ रुपये की संपत्ति में 75 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
टॉप-10 सबसे ज्यादा आय वाले उम्मीदवार
- दिल्ली विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा आय घोषित करने वाले उम्मीदवारों में भाजपा के प्रवेश वर्मा सबसे आगे हैं। उन्होंने अपनी सालाना आय 19 करोड़ रुपये बताई है। वहीं, भाजपा के ही मनजिंदर सिंह सिरसा की आय 12 करोड़ रुपये है।
- आम आदमी पार्टी के सुमेश शौकीन की सालाना आय 9 करोड़ रुपये से ज्यादा है। वहीं आप के ही अवध ओझा ने अपनी सालाना आय 4.86 करोड़ रुपये घोषित की है।
- कांग्रेस की तरफ से सबसे ज्यादा आय वाले उम्मीदवार गुरचरण सिंह हैं, जिन्होंने सालाना 1 करोड़ की आय घोषित की है।
कितने पढ़े-लिखे हैं उम्मीदवार?
चुनाव में किस्मत आजमा रहे 324 प्रत्याशियों ने अपनी शैक्षिक योग्यता 5वीं से 12वीं के बीच घोषित की है। इसके अलावा 322 ने खुद को ग्रैजुएट या इससे ज्यादा पढ़ा-लिखा घोषित किया है। इसके अलावा 18 उम्मीदवारों ने खुद को डिप्लोमाधारक बताया है। कुल 29 प्रत्याशियों ने खुद को असाक्षर बताया है। इसके अलावा 6 उम्मीदवारों ने अपने को सिर्फ साक्षर लिखा है।
चुनाव में किस्मत आजमा रहे 324 प्रत्याशियों ने अपनी शैक्षिक योग्यता 5वीं से 12वीं के बीच घोषित की है। इसके अलावा 322 ने खुद को ग्रैजुएट या इससे ज्यादा पढ़ा-लिखा घोषित किया है। इसके अलावा 18 उम्मीदवारों ने खुद को डिप्लोमाधारक बताया है। कुल 29 प्रत्याशियों ने खुद को असाक्षर बताया है। इसके अलावा 6 उम्मीदवारों ने अपने को सिर्फ साक्षर लिखा है।
कितने उम्रदराज हैं उम्मीदवार?
कुल प्रत्याशियों को अगर उम्र के दायरों में बांटा जाए तो सामने आता है कि 41 से 60 वर्ष की उम्र के सबसे ज्यादा 394 उम्मीदवार (56 प्रतिशत) हैं। इसके अलावा 25 से 40 आयु वर्ग के बीच के 196 (28 फीसदी) उम्मीदवार हैं। 106 प्रत्याशियों ने खुद की उम्र 61 से 80 के बीच बताई है। इसके अलावा 80 वर्ष से ज्यादा के तीन उम्मीदवार हैं।
कुल प्रत्याशियों को अगर उम्र के दायरों में बांटा जाए तो सामने आता है कि 41 से 60 वर्ष की उम्र के सबसे ज्यादा 394 उम्मीदवार (56 प्रतिशत) हैं। इसके अलावा 25 से 40 आयु वर्ग के बीच के 196 (28 फीसदी) उम्मीदवार हैं। 106 प्रत्याशियों ने खुद की उम्र 61 से 80 के बीच बताई है। इसके अलावा 80 वर्ष से ज्यादा के तीन उम्मीदवार हैं।