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रक्षामंत्री का निशाना: राजनाथ सिंह का कांग्रेस पर हमला, बोले- सावाधानी बरती गई होती, तो पाकिस्तान में नहीं भारत में होता करतारपुर साहिब
Fri, 17 Sep 2021 09:22 PM IST
स्वप्निल शशांक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 17 Sep 2021 09:22 PM IST
सार
करतारपुर साहिब गुरुद्वारा सिखों का एक धार्मिक स्थल है। यह पाकिस्तान के नारवाल जिले में स्थित है। इस गुरुद्वारे की दूरी भारत की सीमा से सिर्फ तीन किलोमीटर है, जबकि लाहौर से इसकी दूरी तकरीबन 120 किलोमीटर की है।
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केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधा है।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि बंटवारे के समय में अगर सावधानियां बरती गई होतीं तो करतारपुर साहिब पाकिस्तान में नहीं भारत में होता। उन्होंने कहा कि जिस वक्त हमें आजादी मिली थी, तब बंटवारे का दंश झेलना पड़ा था। सिख समुदाय को भी काफी कुछ बर्दाश्त करना पड़ा।
सिखों का इतिहास पढ़ें युवा
राजनाथ सिंह ने कहा- युवाओं को सिखों का इतिहास पढ़ने की जरूरत है। यह देश सिख समुदाय का योगदान कभी नहीं भूलेगा। कुछ लोग खालिस्तान की मांग करते हैं, लेकिन ऐसा क्यों है। सारा देश ही आपका है। भारत ने पहले कई मुश्किलों का सामना किया है। सिख समुदाय की वजह से ही आज भारतीय संस्कृति बची हुई है। सिख समुदाय का इतिहास स्वर्णिम रहा है। दिक्कत बस इतनी है कि कोई इतिहास नहीं जानता।
हाल ही में बना है करतारपुर साहिब कॉरिडोर
करतारपुर साहिब गुरुद्वारा सिखों का एक धार्मिक स्थल है। यह पाकिस्तान के नारवाल जिले में स्थित है। इस गुरुद्वारे की दूरी भारत की सीमा से सिर्फ तीन किलोमीटर है, जबकि लाहौर से इसकी दूरी तकरीबन 120 किलोमीटर की है। पहले भारत के श्रद्धालु इस गुरुद्वारे का दर्शन दूरबीन से करते थे। अब भारत और पाकिस्तान की सरकार ने मिलकर कॉरिडोर बनवा दिया था।
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ऐसा कहा जाता है कि इसी गुरुद्वारे में गुरु नानक देव ने अपनी जिंदगी के आखिरी साल बिताए थे। यहां पर उन्होंने तकरीबन 16 साल तक जीवन व्यतीत किया था।
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सिखों का इतिहास पढ़ें युवा
राजनाथ सिंह ने कहा- युवाओं को सिखों का इतिहास पढ़ने की जरूरत है। यह देश सिख समुदाय का योगदान कभी नहीं भूलेगा। कुछ लोग खालिस्तान की मांग करते हैं, लेकिन ऐसा क्यों है। सारा देश ही आपका है। भारत ने पहले कई मुश्किलों का सामना किया है। सिख समुदाय की वजह से ही आज भारतीय संस्कृति बची हुई है। सिख समुदाय का इतिहास स्वर्णिम रहा है। दिक्कत बस इतनी है कि कोई इतिहास नहीं जानता।
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हाल ही में बना है करतारपुर साहिब कॉरिडोर
करतारपुर साहिब गुरुद्वारा सिखों का एक धार्मिक स्थल है। यह पाकिस्तान के नारवाल जिले में स्थित है। इस गुरुद्वारे की दूरी भारत की सीमा से सिर्फ तीन किलोमीटर है, जबकि लाहौर से इसकी दूरी तकरीबन 120 किलोमीटर की है। पहले भारत के श्रद्धालु इस गुरुद्वारे का दर्शन दूरबीन से करते थे। अब भारत और पाकिस्तान की सरकार ने मिलकर कॉरिडोर बनवा दिया था।
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ऐसा कहा जाता है कि इसी गुरुद्वारे में गुरु नानक देव ने अपनी जिंदगी के आखिरी साल बिताए थे। यहां पर उन्होंने तकरीबन 16 साल तक जीवन व्यतीत किया था।