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खुशखबर : गुजरात के सैनिक स्कूल ने 60 साल बाद लड़कियों के लिए अपने दरवाजे खोले, 2021 से मिल सकेगा दाखिला
Tue, 20 Oct 2020 06:41 PM IST
दीप्ति मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजकोट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजकोट
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Tue, 20 Oct 2020 06:41 PM IST
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सैनिक स्कूल
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सैनिक स्कूल में पढ़कर देश की सेवा करने और अधिकारी बनने का सपना देखने वाली बेटियों के लिए खुशखबरी है। गुजरात के सैनिक स्कूल बालाचडी ने स्थापना के 60 साल बाद अपने दरवाजे लड़कियों के लिए खोल दिए हैं ताकि वे भारतीय सशस्त्र बलों में अपनी सेवा दे सकें।सैनिक स्कूल बालाचडी में वर्ष 2021 से लड़कियों को दाखिला दिया जाएगा।
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जामनगर से 32 किलोमीटर दूर रक्षा अकादमी (एनडीए) में प्रवेश हेतु युवाओं को प्रशिक्षिति करने के लिए स्थापित सैनिक स्कूल बालाचडी में इससे पहले केवल लड़कों को प्रवेश दिया जाता था। अधिकारियों ने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में 10 लड़कियों को प्रवेश दिया जाएगा।
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बाद में लड़कियों के लिए सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ ही इनमें से 67 प्रतिशत सीटें गुजरात के स्कूल की लड़कियों के लिए आरक्षित रहेंगी। बता दें कि आवासीय विद्यालय कक्षा छठी से छात्रों को दाखिला देते हैं और वे एनडीए में प्रवेश के लिए छात्रों को 11वीं कक्षा तक प्रशिक्षण देते हैं।अब यहां कक्षा छह में लड़कियां भी एडमिशन ले सकेंगी।
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दो साल पहले मंत्रालय ने दी थी अनुमति
रक्षा मंत्रालय ने करीब दो साल पहले देश के 33 सैनिक स्कूलों में से पांच को लड़कियों को दाखिले देने की अनुमति देने का फैसला किया था। इनमें चंद्रपुर (महाराष्ट्र), बीजापुर (कर्नाटक), कोडागु (कर्नाटका), कलिकिरी (आंध्र प्रदेश) और घोड़ाखाल (उत्तराखंड) स्थित सैनिक स्कूल शामिल हैं।
इसके बाद भी छात्रावास समेत अन्य व्यवस्थाएं ना होने के चलते लड़कियों को दाखिला नहीं मिल सका था। अब 2020-21 सत्र में छात्राओं के एडमिशन का रास्ता साफ हो गया है। स्कूलों में छात्राओं के अध्ययन संबंधी सभी क्रियाकलाप लगभग पूरे कर लिए गए हैं।
लड़कियां सैन्य अधिकारी बन करेंगी देश सेवा
सैनिक स्कूलों में सिर्फ लड़कों को ही दाखिला दिया जाता था,लेकिन अब लड़कियों के लिए भी रास्ता साफ हो गया है। जो बेटियां सैन्य अधिकारी बन देश की सेवा करने का सपना देखती थीं, रक्षा मंत्रालय के फैसले के बाद दाखिला ले अपने सपने पूरे कर सकेंगी।