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अब सचिन सरीखी हस्तियों को नहीं झेलनी पड़ेगी कैंट क्षेत्र के बंदिशों की मार
संजय मिश्र, नई दिल्ली
Updated Sat, 16 Dec 2017 10:14 AM IST
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सचिन तेंदुलकर पीएम मोदी के साथ (फाइल फोटो)
अब सचिन तेंदुलकर सरीखी महान हस्तियों को कैंट कानून की मार झेलनी नहीं पड़ेगी। केंद्र सरकार जल्द ही कैंट क्षेत्र में रहने वाले सामान्य नागरिकों को राहत देने के लिए ठोस कदम पर विचार कर रही है। खुद पीएम मोदी ने इस मामले में दिलचस्पी दिखाई है। उन्होंने सरकार के शीर्ष मंत्रियों और संबंधित विभाग को मामले में कदम उठाने को कहा है। सूत्र बताते हैं कि कैंट क्षेत्र में समस्याओं का दर्द झेल रहे सामान्य नागरिकों को जल्द ही पीएम मोदी की ओर से राहत का मरहम नसीब होगा।
कैंट क्षेत्रों में रहने वाले सामान्य नागरिकों की सुविधा के लिए रक्षा मंत्रालय जल्द ही ठोस कदम उठाएगा। पीएम मोदी ने इस आशय के निर्देश सरकार के शीर्ष मंत्रियों को दिए हैं। उल्लेखनीय है कि चंद महीने पहले कैंट बोर्ड के नियमों की अनदेखी के वजह से सचिन तेंदुलकर के उत्तराखंड के मंसूरी स्थित लाल टिब्बा के मकान को नुकसान पहुंचाया गया था।
तेंदुलकर सरीखी हस्ती से मामला जुड़े होने की वजह से मामला सुर्खियों में जरूर आ गया था। लेकिन कैंट क्षेत्र में रहने वाले सामान्य नागरिकों को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सामान्य क्षेत्रों की तरह उनके पास अधिकार नहीं हैं।
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कैंट क्षेत्र के सामान्य नागरिकों की समस्याओं पर गया पीएम मोदी का ध्यान
बताया जा रहा है कि कैंट क्षेत्र में रहने वाले सामान्य नागरिकों की समस्याओं की ओर खुद पीएम मोदी का ही ध्यान गया है। शुक्रवार को संसद की रणनीति के लिए हुई भाजपा संसदीय दल की कार्यकारी बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि कैंट क्षेत्र में रहने वाले सामान्य लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हमें कुछ करना चाहिए। बैठक में सरकार के शीर्ष मंत्री उपस्थित थे। माना जा रहा है कि पीएम मोदी के इस निर्देश के बाद रक्षा मंत्रालय जल्द ही इस मामले में कोई ठोस कदम उठाएगा।
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कैंट क्षेत्रों में रहने वाले सामान्य नागरिकों की सुविधा के लिए रक्षा मंत्रालय जल्द ही ठोस कदम उठाएगा। पीएम मोदी ने इस आशय के निर्देश सरकार के शीर्ष मंत्रियों को दिए हैं। उल्लेखनीय है कि चंद महीने पहले कैंट बोर्ड के नियमों की अनदेखी के वजह से सचिन तेंदुलकर के उत्तराखंड के मंसूरी स्थित लाल टिब्बा के मकान को नुकसान पहुंचाया गया था।
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तेंदुलकर सरीखी हस्ती से मामला जुड़े होने की वजह से मामला सुर्खियों में जरूर आ गया था। लेकिन कैंट क्षेत्र में रहने वाले सामान्य नागरिकों को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सामान्य क्षेत्रों की तरह उनके पास अधिकार नहीं हैं।
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कैंट क्षेत्र के सामान्य नागरिकों की समस्याओं पर गया पीएम मोदी का ध्यान
बताया जा रहा है कि कैंट क्षेत्र में रहने वाले सामान्य नागरिकों की समस्याओं की ओर खुद पीएम मोदी का ही ध्यान गया है। शुक्रवार को संसद की रणनीति के लिए हुई भाजपा संसदीय दल की कार्यकारी बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि कैंट क्षेत्र में रहने वाले सामान्य लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हमें कुछ करना चाहिए। बैठक में सरकार के शीर्ष मंत्री उपस्थित थे। माना जा रहा है कि पीएम मोदी के इस निर्देश के बाद रक्षा मंत्रालय जल्द ही इस मामले में कोई ठोस कदम उठाएगा।
ये हैं कैंट क्षेत्र में रहने वाले सामान्य नागरिकों की समस्याएं
अंबाला कैंटोनमेंट बोर्ड
संसद में उठती रही है मांग
वैसे कैंट क्षेत्र में रह रहे सामान्य नागरिकों की समस्या के समाधान की मांग समय-समय पर संसद में भी उठती रही है। मगर सरकार ने इसके लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया हुआ है। पीएम मोदी के जरिए खुद से मामले का संज्ञान लिए जाने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार जल्द ही इस मामले में कुछ ठोस करने वाली है।
सूत्र बताते हैं कि रक्षा मंत्रालय ने मामले में कवायद शुरू कर दी है। जल्द ही कैंट क्षेत्र में समस्याएं झेल रहे सामान्य नागरिकों को सरकार की ओर से राहत की खुशखबरी मिलेगी।
क्या हैं कैंट क्षेत्र में रहने वाले सामान्य नागरिकों की समस्याएं
देश में कैंट क्षेत्रों की संख्या 62 हैं। खुद रक्षा मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि कैंट क्षेत्र में रहने वाले सामान्य नागरिकों के संगठन और प्रतिनिधियों से सरकार को समय-समय पर समस्याओं की शिकायतें मिलती रही हैं। लेकिन उन शिकायतों को दूर करने के लिए सरकार के पास कोई ठोस उपाय नहीं हैं।
कैंट क्षेत्र और उसके आसपास रहने वाले सामान्य नागरिकों को अक्सर जिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उसमें रोड बंद होने, जमीन की रजिस्ट्री में विलंब, मकानों के नवीनीकरण, भवन निर्माण नियम, सामान्य नागरिक सुविधाओं की कमी और भवन निर्माण पर रोक संबंधी समस्याएं प्रमुख हैं।
वैसे कैंट क्षेत्र में रह रहे सामान्य नागरिकों की समस्या के समाधान की मांग समय-समय पर संसद में भी उठती रही है। मगर सरकार ने इसके लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया हुआ है। पीएम मोदी के जरिए खुद से मामले का संज्ञान लिए जाने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार जल्द ही इस मामले में कुछ ठोस करने वाली है।
सूत्र बताते हैं कि रक्षा मंत्रालय ने मामले में कवायद शुरू कर दी है। जल्द ही कैंट क्षेत्र में समस्याएं झेल रहे सामान्य नागरिकों को सरकार की ओर से राहत की खुशखबरी मिलेगी।
क्या हैं कैंट क्षेत्र में रहने वाले सामान्य नागरिकों की समस्याएं
देश में कैंट क्षेत्रों की संख्या 62 हैं। खुद रक्षा मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि कैंट क्षेत्र में रहने वाले सामान्य नागरिकों के संगठन और प्रतिनिधियों से सरकार को समय-समय पर समस्याओं की शिकायतें मिलती रही हैं। लेकिन उन शिकायतों को दूर करने के लिए सरकार के पास कोई ठोस उपाय नहीं हैं।
कैंट क्षेत्र और उसके आसपास रहने वाले सामान्य नागरिकों को अक्सर जिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उसमें रोड बंद होने, जमीन की रजिस्ट्री में विलंब, मकानों के नवीनीकरण, भवन निर्माण नियम, सामान्य नागरिक सुविधाओं की कमी और भवन निर्माण पर रोक संबंधी समस्याएं प्रमुख हैं।