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खराब प्रदर्शन पर रक्षा मंत्रालय की कड़ी कार्रवाई, पांच सिविलियन अफसरों को दिया रिटायरमेंट
Thu, 24 Jan 2019 10:32 PM IST
Nilesh Kumar
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली
Published by: Nilesh Kumar
Updated Thu, 24 Jan 2019 10:32 PM IST
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रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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रक्षा मंत्रालय ने दंडात्मक कार्रवाई करते हुए सैन्य अभियांत्रिकी सेवा(एमईएस) के पांच अधिकारियों को खराब प्रदर्शन के आधार पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर भेज दिया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की मंजूरी के बाद मंगलवार को उन्हें हटाने के आदेश जारी किया गया।
सूत्रों के अनुसार, एक आंतरिक प्रदर्शन आडिट में मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस के इन अधिकारियों का प्रदर्शन खराब पाया गया था। ये अधिकारी सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत थे। निर्धारित दिशा निर्देश के तहत उन्हें तीन महीने का वेतन और सेवानिवृत्ति के बाद के लाभ दिये जा रहे हैं। मालूम हो कि एमईएस एक प्रमुख निर्माण एजेंसी है जो भारतीय सेना को अभियांत्रिकी और आधारभूत सहयोग मुहैया कराती है।
अधिकारियों ने या तो 30 वर्ष की सेवा पूरी कर ली थी या फिर 55 वर्ष की आयु पार कर गए थे। एक आंतरिक समिति द्वारा करीब 500 अधिकारियों के परफॉर्मेेंस का विश्लेषण किया गया और कार्रवाई उसकी रिपोर्ट के आधार पर की गई।
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इससे पूर्व अगस्त 2017 में मंत्रालय ने आयुध निर्माणी बोर्ड के 13 अधिकारियों को कर्मचारियों के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद हटा दिया गया था। सूत्रों ने कहा कि सरकार आगे भी असंतोषजनक प्रदर्शन दिखाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रख सकती है।
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सूत्रों के अनुसार, एक आंतरिक प्रदर्शन आडिट में मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस के इन अधिकारियों का प्रदर्शन खराब पाया गया था। ये अधिकारी सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत थे। निर्धारित दिशा निर्देश के तहत उन्हें तीन महीने का वेतन और सेवानिवृत्ति के बाद के लाभ दिये जा रहे हैं। मालूम हो कि एमईएस एक प्रमुख निर्माण एजेंसी है जो भारतीय सेना को अभियांत्रिकी और आधारभूत सहयोग मुहैया कराती है।
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अधिकारियों ने या तो 30 वर्ष की सेवा पूरी कर ली थी या फिर 55 वर्ष की आयु पार कर गए थे। एक आंतरिक समिति द्वारा करीब 500 अधिकारियों के परफॉर्मेेंस का विश्लेषण किया गया और कार्रवाई उसकी रिपोर्ट के आधार पर की गई।
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इससे पूर्व अगस्त 2017 में मंत्रालय ने आयुध निर्माणी बोर्ड के 13 अधिकारियों को कर्मचारियों के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद हटा दिया गया था। सूत्रों ने कहा कि सरकार आगे भी असंतोषजनक प्रदर्शन दिखाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रख सकती है।