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रक्षा मंत्रालय: 'अगले पांच साल में 50 हजार करोड़ रक्षा निर्यात'; कार्यभार संभालते ही राजनाथ सिंह ने बताया विजन
Thu, 13 Jun 2024 07:29 PM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा झा
Updated Thu, 13 Jun 2024 07:29 PM IST
सार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यभार संभालने के बाद नई नरेंद्र मोदी सरकार सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और घरेलू रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देकर राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि रक्षा निर्यात को अगले पांच साल में 50,000 करोड़ तब बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है।
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राजनाथ सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बृहस्पतिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यभार संभालने के बाद नई नरेंद्र मोदी सरकार सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और घरेलू रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देकर राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही।
लोकसभा चुनाव के बाद तीसरी बार प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को बनाया। रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने नई सरकार के तहत रक्षा मंत्रालय की पहले 100 दिनों की कार्य योजना पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में पूर्व सैनिकों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें पूर्व सैनिक कल्याण विभाग से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई।
कार्यभार संभालने के बाद राजनाथ सिंह ने अगले पांच सालों का विजन बताया। उन्होंने कहा कि सरकार रक्षा निर्यात को मौजूदा 21,083 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2028-29 तक 50,000 करोड़ रुपये करने के लिए कड़ी मेहनत करेगी। बता दें कि राजनाथ सिंह लगातार दूसरी बार रक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक हथियारों और प्लेटफार्मों से लैस किया जा रहा है। वे हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।
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पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा विवाद के बीच सिंह ने वीरता और प्रतिबद्धता के साथ देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने के लिए सैन्य कर्मियों की सराहना की। उन्होंने कहा, सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और सेवारत तथा सेवानिवृत्त दोनों सैनिकों के कल्याण पर हमारा मुख्य ध्यान बना रहेगा।
वहीं समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को 100 दिनों की कार्य योजना में निर्धारित एजेंडे को पूरा करने के लिए खुद को फिर से समर्पित करने का निर्देश दिया। रक्षा मंत्री का रायसीना हिल्स में साउथ ब्लॉक स्थित उनके कार्यालय में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी, रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने और डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी कामत ने स्वागत किया।
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लोकसभा चुनाव के बाद तीसरी बार प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को बनाया। रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने नई सरकार के तहत रक्षा मंत्रालय की पहले 100 दिनों की कार्य योजना पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में पूर्व सैनिकों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें पूर्व सैनिक कल्याण विभाग से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई।
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कार्यभार संभालने के बाद राजनाथ सिंह ने अगले पांच सालों का विजन बताया। उन्होंने कहा कि सरकार रक्षा निर्यात को मौजूदा 21,083 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2028-29 तक 50,000 करोड़ रुपये करने के लिए कड़ी मेहनत करेगी। बता दें कि राजनाथ सिंह लगातार दूसरी बार रक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक हथियारों और प्लेटफार्मों से लैस किया जा रहा है। वे हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।
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पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा विवाद के बीच सिंह ने वीरता और प्रतिबद्धता के साथ देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने के लिए सैन्य कर्मियों की सराहना की। उन्होंने कहा, सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और सेवारत तथा सेवानिवृत्त दोनों सैनिकों के कल्याण पर हमारा मुख्य ध्यान बना रहेगा।
वहीं समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को 100 दिनों की कार्य योजना में निर्धारित एजेंडे को पूरा करने के लिए खुद को फिर से समर्पित करने का निर्देश दिया। रक्षा मंत्री का रायसीना हिल्स में साउथ ब्लॉक स्थित उनके कार्यालय में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी, रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने और डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी कामत ने स्वागत किया।