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गहराया बिजली संकट: चीन व भारत के बाद लेबनान में भी ईंधन की कमी, अंधेरे में डूबा देश
Sat, 09 Oct 2021 09:44 PM IST
सुरेंद्र जोशी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला बेरुत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला बेरुत
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 09 Oct 2021 09:44 PM IST
सार
पश्चिम एशियाई देश लेबनान में भी ईंधन की भारी कमी हो गई है। इस कारण यह देश अंधेरे में डूब गया है।
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बिजली संकट
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
चीन और भारत के बाद अब पश्चिम एशियाई देश लेबनान में भी ईंधन की कमी से बिजली संकट गहरा गया है। बेरूत के दो सबसे बड़े बिजली स्टेशन बंद हो गए हैं। इससे पूरे देश में बिजली गुल हो गई है।
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दरअसल पूरी दुनिया में ईंधन संकट गहरा रहा है। इसकी वजह गैस व कोयले के दाम बढ़ना है। लेबनान के एक सरकारी अधिकारी का कहना है कि कुछ दिनों तक यह संकट जारी रहेगा। लेबनान पहले से कई और समस्याओं का भी सामना कर रहा है।
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चीन भी जूझ रहा संकट से
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने प्रदूषण, असमानता और वित्तीय अस्थिरता दूर करने का संकल्प लिया है। जिनपिंग ने ताप बिजली संयंत्रों को प्रदूषण कम करने का आदेश दिया है। ऐसा नहीं कर पाने पर देश के कई बिजली संयंत्रों को बंद कर दिया गया। इससे चीन में बिजली उत्पादन कम हो गया। कई बिजली कंपनियों ने बड़ी औद्योगिक इकाइयों को बिजली देना बंद कर दी। कहीं-कहीं शहरों में पावर कट भी लागू करने पड़े।
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भारत के कई राज्यों में संकट, 10 हजार मेगावॉट की कमी
इधर, कोयले की भारी कमी के कारण भारत के भी कई राज्यों में बिजली किल्लत हो गई है। झारखंड में आपूर्ति कम होने से गांवों में आठ से दस घंटे तक की कटौती करना पड़ी। बिहार में पांच गुना अधिक कीमत देने पर राज्य सरकार को जरूरत की पूरी बिजली नहीं मिल रही है।
पांच रुपये यूनिट से बढ़कर दाम 20 रुपये पर पहुंचे
राष्ट्रीय ऊर्जा विकास निगम के मुताबिक राज्यों को केंद्रीय पूल से कम बिजली मिल रही है। नेशनल पावर एक्सचेंज में भी बिजली का टोटा है। पूरे देश में लगभग 10 हजार मेगावाट बिजली की कमी बताई गई है। इस कारण नेशनल पावर एक्सचेंज में प्रति यूनिट पांच रुपये में मिलने वाली बिजली 20 रुपये यूनिट तक पहुंच गई है।