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Tomatoes: टमाटर की कीमत घटने से शाकाहारी थाली 17 तो मांसाहारी नौ फीसदी सस्ती, प्याज बढ़ा सकती हैं चिंता
Fri, 06 Oct 2023 05:17 AM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जलज मिश्रा
Updated Fri, 06 Oct 2023 05:17 AM IST
सार
ईंधन की कीमतें भी सितंबर में 18 फीसदी घटी हैं। यह शाकाहारी थाली में 14 फीसदी और मांसाहारी थाली में 8 फीसदी योगदान करता है। 14.2 किलो गैस सिलिंडर का दाम 1,103 से घटकर 903 रुपये पर आ गया है। मिर्ची के दाम भी तेजी से गिरे हैं। इससे भी थालियां सस्ती हुई हैं।
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टमाटर
- फोटो : pixabay
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विस्तार
टमाटर की कीमतों में लगातार आ रही गिरावट का असर अब खाने की थाली पर भी दिखने लगा है। क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, मासिक आधार पर शाकाहारी थाली 17 फीसदी सस्ती हो गई है। मांसाहारी थाली के दाम भी 9 फीसदी घट गए हैं। एक महीने में टमाटर की कीमत 62 फीसदी घटकर सितंबर में 39 रुपये किलो रह गई है, जो अगस्त में 102 रुपये किलो थी।
रिपोर्ट के अनुसार, शाकाहारी थाली की कीमत अगस्त, 2023 में 33.80 रुपये थी, जो सितंबर में घटकर 27.90 रुपये पर आ गई है। इस दौरान मांसाहारी थाली का भाव 67.30 रुपये से घटकर 61.40 रुपये पर आ गया है। सालाना आधार पर सितंबर, 2022 के 59.80 रुपये की तुलना में मांसाहारी थाली एक फीसदी महंगी हुई है, जबकि शाकाहारी थाली की कीमत 28.20 रुपये से एक फीसदी सस्ती हो गई है।
गैस सिलिंडर के दाम घटने से भी राहत
ईंधन की कीमतें भी सितंबर में 18 फीसदी घटी हैं। यह शाकाहारी थाली में 14 फीसदी और मांसाहारी थाली में 8 फीसदी योगदान करता है। 14.2 किलो गैस सिलिंडर का दाम 1,103 से घटकर 903 रुपये पर आ गया है। मिर्ची के दाम भी तेजी से गिरे हैं। इससे भी थालियां सस्ती हुई हैं। खाने की थाली के दाम बढ़ाने में टमाटर का ज्यादा योगदान था। हालांकि, सितंबर में प्याज के दाम मासिक आधार पर 12 फीसदी बढ़ गए हैं और आगे भी इसमें तेजी की आशंका है।
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रेपो दर में चौथी बार भी नहीं होगा बदलाव
महंगाई और वैश्विक चुनौतियों के बीच आरबीआई चौथी बार भी रेपो दर में कोई बदलाव नहीं करेगा। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बुधवार से शुरू हुई तीन दिवसीय बैठक के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक नीतिगत दर को 6.5 फीसदी पर ही कायम रख सकता है। बैठक के फैसले की घोषणा शुक्रवार को होगी।
क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री डीके जोशी ने कहा, महंगाई बढ़ गई है। वृद्धि मजबूत बनी हुई है, जबकि वैश्विक कारक थोड़े प्रतिकूल हो गए हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख अब भी आक्रामक है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर सावधानी से नजर बनाए रखने की जरूरत है। ऐसे में इस बार भी नीतिगत दर के यथावत रहने की उम्मीद है।
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रिपोर्ट के अनुसार, शाकाहारी थाली की कीमत अगस्त, 2023 में 33.80 रुपये थी, जो सितंबर में घटकर 27.90 रुपये पर आ गई है। इस दौरान मांसाहारी थाली का भाव 67.30 रुपये से घटकर 61.40 रुपये पर आ गया है। सालाना आधार पर सितंबर, 2022 के 59.80 रुपये की तुलना में मांसाहारी थाली एक फीसदी महंगी हुई है, जबकि शाकाहारी थाली की कीमत 28.20 रुपये से एक फीसदी सस्ती हो गई है।
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गैस सिलिंडर के दाम घटने से भी राहत
ईंधन की कीमतें भी सितंबर में 18 फीसदी घटी हैं। यह शाकाहारी थाली में 14 फीसदी और मांसाहारी थाली में 8 फीसदी योगदान करता है। 14.2 किलो गैस सिलिंडर का दाम 1,103 से घटकर 903 रुपये पर आ गया है। मिर्ची के दाम भी तेजी से गिरे हैं। इससे भी थालियां सस्ती हुई हैं। खाने की थाली के दाम बढ़ाने में टमाटर का ज्यादा योगदान था। हालांकि, सितंबर में प्याज के दाम मासिक आधार पर 12 फीसदी बढ़ गए हैं और आगे भी इसमें तेजी की आशंका है।
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रेपो दर में चौथी बार भी नहीं होगा बदलाव
महंगाई और वैश्विक चुनौतियों के बीच आरबीआई चौथी बार भी रेपो दर में कोई बदलाव नहीं करेगा। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बुधवार से शुरू हुई तीन दिवसीय बैठक के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक नीतिगत दर को 6.5 फीसदी पर ही कायम रख सकता है। बैठक के फैसले की घोषणा शुक्रवार को होगी।
क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री डीके जोशी ने कहा, महंगाई बढ़ गई है। वृद्धि मजबूत बनी हुई है, जबकि वैश्विक कारक थोड़े प्रतिकूल हो गए हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख अब भी आक्रामक है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर सावधानी से नजर बनाए रखने की जरूरत है। ऐसे में इस बार भी नीतिगत दर के यथावत रहने की उम्मीद है।