{"_id":"60d81b2b45bcaa4622230668","slug":"deb-said-to-police-family-pressure-and-hunger-for-fame-drove-conman-to-hold-fake-vaccination-drives","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोलकाता: 'शोहरत के लिए चलाए नकली टीकाकरण अभियान' फर्जी आईएएस का कबूलनामा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कोलकाता: 'शोहरत के लिए चलाए नकली टीकाकरण अभियान' फर्जी आईएएस का कबूलनामा
Sun, 27 Jun 2021 04:01 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 27 Jun 2021 04:01 PM IST
सार
कोलकता में नकली टीकाकरण अभियान चलाने वाले देबंजन देव ने पुलिस के सामने अपनी गलती कबूल कर ली। देब ने कहा कि पारिवारिक दबाव और समाज में प्रसिद्धि पाने के लिए उन्होंने यह सब किया। उन्होंने कहा कि पिता का सपना था कि मैं आईएएस अधिकारी बनूं।
विज्ञापन
पुलिस गिरफ्त में देबंजन
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कोलकाता में नकली टीकाकरण शिविर आयोजित करने और खुद को आईएएस अधिकारी का दावा करने वाले देबंजन देब ने पुलिस के सामने चौंकाने वाला बयान दिया। देबंजन देब ने कहा कि पारिवारिक दबाव और शोहरत पाने के लिए उन्होंने ऐसा किया। कोलकाता पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह समाज में प्रसिद्धि पाने और पारिवारिक दबाव के कारण फर्जी आईएएस और नकली टीकाकरण शिविर चलाया। हालांकि, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमें उनकी हर बात को क्रॉस-चेक करने की जरूरत है।
देबंजन पर नकली टीकाकरण शिविर चलाने के लिए ठेकेदारों और व्यापारियों से मोटी रकम वसूलने का आरोप है। देब ने ठेकेदारों से दोस्ती कर उन्हें सरकार से बड़े-बड़े कांट्रैक्ट दिलाने का वादा किया, लेकिन जब ठेका दिलाने में वह असफल रहे तो लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने जांच शुरू की तो एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हुए।
दरअसल, देब के पिता एक वरिष्ठ आबकारी अधिकारी थे। कुछ साल पहले वह रिटायर्ड हो गए। उनका सपना था कि उनका बेटा देबंजन देब एक आईएएस अधिकारी बने। देब ने 2017 में यूपीएससी की परीक्षा दी, लेकिन प्रीलिम्स पास नहीं कर पाए। हालांकि, देब ने 2018 में अपने पिता से झूठ बोला कि वह आईएएस की परीक्षा पास कर अधिकारी बन गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
देबंजन पर नकली टीकाकरण शिविर चलाने के लिए ठेकेदारों और व्यापारियों से मोटी रकम वसूलने का आरोप है। देब ने ठेकेदारों से दोस्ती कर उन्हें सरकार से बड़े-बड़े कांट्रैक्ट दिलाने का वादा किया, लेकिन जब ठेका दिलाने में वह असफल रहे तो लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने जांच शुरू की तो एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हुए।
विज्ञापन
दरअसल, देब के पिता एक वरिष्ठ आबकारी अधिकारी थे। कुछ साल पहले वह रिटायर्ड हो गए। उनका सपना था कि उनका बेटा देबंजन देब एक आईएएस अधिकारी बने। देब ने 2017 में यूपीएससी की परीक्षा दी, लेकिन प्रीलिम्स पास नहीं कर पाए। हालांकि, देब ने 2018 में अपने पिता से झूठ बोला कि वह आईएएस की परीक्षा पास कर अधिकारी बन गए।
विज्ञापन