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Manipur Landslide: मणिपुर में भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 42 पहुंची, 20 अन्य लापता लोगों की तलाश जारी
Sun, 03 Jul 2022 10:00 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इम्फाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इम्फाल
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 03 Jul 2022 10:00 PM IST
सार
तुपुल यार्ड रेलवे निर्माण शिविर में मलबे के नीचे से अब तक 42 लोगों के शव मिले हैं। गुवाहाटी में एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि उनमें से 27 प्रादेशिक सेना के जवान और रेलवे कर्मचारियों, निर्माण श्रमिकों और ग्रामीणों सहित 15 नागरिक हैं।
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मणिपुर में भूस्खलन
- फोटो : ANI
विस्तार
मणिपुर के नोनी जिले में एक रेलवे निर्माण स्थल पर भूस्खलन के बाद जारी बचाव-कार्य रविवार को भी जारी है। रविवार शाम तक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 42 हो गई है। बताया जा रहा है कि आज मलबे के नीचे से आठ और शव मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश और ताजा भूस्खलन के कारण शनिवार से जारी तलाशी अभियान में 20 लोग अब भी लापता हैं।
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तुपुल यार्ड रेलवे निर्माण शिविर में मलबे के नीचे से अब तक 42 लोगों के शव मिले हैं। गुवाहाटी में एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि उनमें से 27 प्रादेशिक सेना के जवान और रेलवे कर्मचारियों, निर्माण श्रमिकों और ग्रामीणों सहित 15 नागरिक हैं। रेलवे निर्माण कार्य के लिए सुरक्षा मुहैया कराने के लिए इलाके में टेरिटोरियल आर्मी की तैनाती की गई है। उन्होंने कहा कि शेष तीन लापता प्रादेशिक सेना के जवानों और 17 नागरिकों को खोजने के लिए अथक प्रयास जारी रहेगा।
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सेना, असम राइफल्स, प्रादेशिक सेना, एसडीआरएफ और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल तलाश अभियान में जुटे हैं। प्रवक्ता ने कहा कि खराब मौसम के बावजूद तलाश अभियान जारी है। कल रात भारी बारिश हुई थी और भूस्खलन हुआ था। अब तक प्रादेशिक सेना के 13 कर्मियों और पांच आम लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
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प्रवक्ता ने कहा कि प्रादेशिक सेना के सात कर्मियों के शव रविवार को उनके गृहनगर- पश्चिम बंगाल में बागडोगरा और कोलकाता तथा त्रिपुरा में अगरतला- भेज दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इंफाल में उनके पार्थिव शरीर को पूरा सैन्य सम्मान दिया गया।
मुआवजे की मांग की
असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मणिपुर के नोनी में बड़े पैमाने पर भूस्खलन में फंसे श्रमिकों को शीघ्र निकालने, मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये और घायलों को 20 लाख रुपये की तत्काल राहत की मांग की। असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा को भी इन्हीं मांगों के साथ पत्र लिखा है।