हिरासत में मौत मामला: अदालत ने तीन पुलिसकर्मियों को जमानत दी
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बंबई उच्च न्यायालय ने 20 साल के संदिग्ध चोर की हिरासत में मौत मामले में दोषी ठहराये गये और सात - सात साल की जेल की सजा पाने वाले तीन पुलिसकर्मियों को आज जमानत दे दी। न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल की पीठ ने उच्च न्यायालय में दोषसिद्धि के खिलाफ अपील पर फैसला होने तक उमेश गोसावी , संदीप सालुंखे और किरन पिंगाले को जमानत दे दी। एक सत्र अदालत ने जनवरी 2016 में यहां इन तीनों तथा हेड कांस्टेबल चंद्रकांत कांबली को अनिकेत खिच्ची की हिरासत में मौत मामले में दोषी ठहराते हुये उन्हें सात सात साल की कैद की सजा सुनाई थी।
पुलिसकर्मियों ने अक्तूबर 2013 में गोरेगांव के वनराई थाने में तैनाती के दौरान खिच्ची तथा एक अन्य व्यक्ति रतन वाणी को लैपटाप कथित रूप से चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया था। अदालत के अनुसार चार पुलिसकर्मियों ने खिच्ची को हिरासत में यातनाएं दीं। अगले दिन उसे सरकारी जे जे अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया ।