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मच्छर काटने से हुई मौत भी दुर्घटना, क्लेम मिले: कोर्ट

Mon, 02 Jan 2017 03:16 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 02 Jan 2017 03:16 PM IST
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Death by mosquito bite an accident: consumer forum

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने अपने एक महत्वपूर्ण निर्णय में मच्छर काटने से होने वाली मौतों पर भी बीमा क्लेम देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इसे भी दुर्घटना मानते हुए बीमा कंपनी को इसका हर्जाना देने का निर्णय सुनाया है।

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निर्णय सुनाते हुए आयोग के जज वीके जैन ने कहा कि दुर्घटना अचानक होती है और इसकी कोई प्लानिंग नहीं होती। ऐसे में यह मानना भी कठिन है कि मच्छर के काटने से हुई मौत एक्सीडेंट नहीं होती। जज ने कहा किसी को नहीं पता होता कि मच्छर काटेगा और उससे किसी को मलेरिया हो जाएगा और उसकी मौत हो जाएगी। 
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पीटीआई के अनुसार कोर्ट ने यह निर्णय कोलकाता निवासी मौसमी भट्टाचार्य की याचिका पर सुनाया, जिसमें उन्होंने अपने पति की मलेरिया से हुई मौत पर बीमा कंपनी से मुआवजा मांगा था। 
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एक चाय फैक्ट्री में काम करने वाले मौसमी के पति देबाशीष ने नवंबर 2012 में बैंक ऑफ बडौदा होम लोन सुरक्षा बीमा नाम से एक पॉलिसी ली थी। यह बीमा पालिसी कंपनी की ओर से हाउस लोन को कवर करने के लिए की गई थी। 

आयोग ने मच्छर काटने से हुई मौत को माना दुर्घटना

Death by mosquito bite an accident: consumer forum
mosquitoe - फोटो : getty images

जिसके अनुसार लोन लेने वाले व्यक्ति की दुर्घटना से होने वाली मौत के बाद लोन की सारी रकम बीमा कंपनी की ओर से दी जाएगी। देबाशीष ने इसके लिए वन टाइम प्रीमियम जमा कराया था।

वहीं, उनकी अचानक मौत के बाद जब उनकी पत्नी मौसमी ने लोन की रकम माफ कराने के लिए आवेदन किया तो कंपनी ने उसे खारिज कर दिया। तर्क दिया गया कि मच्छर काटने से हुई मौत दुर्घटना नहीं है इसलिए यह बीमा कवर में नहीं आती, क्योंकि मलेरिया एक बीमारी है दुर्घटना नहीं।

इस संबंध में मौसमी ने पहले जिला उपभोक्ता फोरम, फिर राज्य उपभोक्ता फोरम और उसके बाद राष्ट्रीय कमीशन में अपील की, तीनों जगह कोर्ट ने कंपनी के तर्क को गलत माना।

आयोग के अनुसार बीमा कंपनी, कुत्ता काटने, सांप काटने और इसी तरह की अन्य मौतों को दुर्घटना मानती है, तो ऐसे में मच्छर काटने से हुई मौत को भी दुर्घटना माना जाएगा। कोर्ट ने इस दौरान ब्लैक लॉ का भी संदर्भ ‌दिया जिसमें कहा गया कि एक दुर्घटना अचानक होती है। मामले में अब कोर्ट ने मौसमी का लोन माफ करने का आदेश दिया गया है।

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