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लॉकडाउन के दौरान ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट का अधिक उपयोग, देखा गया 100 प्रतिशत का उछाल
Sun, 05 Apr 2020 07:18 PM IST
मुकेश कुमार झा
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Sun, 05 Apr 2020 07:18 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट से सरकारी सेवाएं देने के साझा केंद्र चलाने वाली विशेष प्रयोजन कंपनी 'सीएससी एसपीवी' के नेटवर्क पर डेटा उपभोग में एक माह के भीतर 100 प्रतिशत का उछाल देखा गया है।
सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेस इंडिया के पास इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराने का लाइसेंस है। सीएससी एसपीवी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करती है। इस पर पंचायत स्तरों पर 'भारत नेट' योजना लागू करने की जिम्मेदारी है। सीएससी के नेटवर्क पर 10 मार्च को डेटा उपभोग 2.7 टेराबाइट था जो 30 मार्च तक बढ़कर 4.7 टेराबाइट हो गया।
सीएससी एसपीवी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश त्यागी ने पीटीआई-भाषा से कहा, 'डेटा उपभोग की प्रवृत्ति के आकलन के हिसाब से सीएससी एसपीवी के नेटवर्क पर इसके उपभोग में आज की तारीख तक करीब 100 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है।'
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उन्होंने कहा कि देशव्यापी लॉकडाउन (सार्वजनिक पाबंदी) लागू होने के बाद से डेटा उपभोग में विशेष तौर पर वृद्धि देखी गई है। त्यागी ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में डेटा उपभोग में वृद्धि के साथ-साथ तार के माध्यम से घर तक इंटरनेट पहुंचाने की मांग भी बढ़ी है। 20 मार्च तक 50,000 ग्राम पंचायतों में तीन लाख से अधिक उपभोक्ताओ ने पंजीकरण कराया है।
सीएससी अपनी वाई-फाई चौपाल सेवाओं के माध्यम से करीब 25,000 ग्राम पंचायतों में वाई-फाई हॉटस्पॉट की सेवा भी उपलब्ध कराती है। त्यागी ने कहा कि डेटा उपभोग में वृद्धि ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की मांग दिखाती है। भविष्य में लोगों के बीच डिजिटल अंतर खत्म करने में यह अहम भूमिका निभा सकता है।
देश में 60 करोड़ से अधिक इंटरनेट उपयोक्ता हैं। इनमें से करीब 29 करोड़ उपयोक्ता ग्रामीण इलाकों से हैं।
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सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेस इंडिया के पास इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराने का लाइसेंस है। सीएससी एसपीवी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करती है। इस पर पंचायत स्तरों पर 'भारत नेट' योजना लागू करने की जिम्मेदारी है। सीएससी के नेटवर्क पर 10 मार्च को डेटा उपभोग 2.7 टेराबाइट था जो 30 मार्च तक बढ़कर 4.7 टेराबाइट हो गया।
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सीएससी एसपीवी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश त्यागी ने पीटीआई-भाषा से कहा, 'डेटा उपभोग की प्रवृत्ति के आकलन के हिसाब से सीएससी एसपीवी के नेटवर्क पर इसके उपभोग में आज की तारीख तक करीब 100 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है।'
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उन्होंने कहा कि देशव्यापी लॉकडाउन (सार्वजनिक पाबंदी) लागू होने के बाद से डेटा उपभोग में विशेष तौर पर वृद्धि देखी गई है। त्यागी ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में डेटा उपभोग में वृद्धि के साथ-साथ तार के माध्यम से घर तक इंटरनेट पहुंचाने की मांग भी बढ़ी है। 20 मार्च तक 50,000 ग्राम पंचायतों में तीन लाख से अधिक उपभोक्ताओ ने पंजीकरण कराया है।
सीएससी अपनी वाई-फाई चौपाल सेवाओं के माध्यम से करीब 25,000 ग्राम पंचायतों में वाई-फाई हॉटस्पॉट की सेवा भी उपलब्ध कराती है। त्यागी ने कहा कि डेटा उपभोग में वृद्धि ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की मांग दिखाती है। भविष्य में लोगों के बीच डिजिटल अंतर खत्म करने में यह अहम भूमिका निभा सकता है।
देश में 60 करोड़ से अधिक इंटरनेट उपयोक्ता हैं। इनमें से करीब 29 करोड़ उपयोक्ता ग्रामीण इलाकों से हैं।