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मेरठ से मोदी के बनारस तक, पीने के पानी का खतरनाक संकट
शालू अग्रवाल/अमर उजाला, मेरठ
Updated Wed, 27 Apr 2016 05:36 AM IST
सार
- यूपी में तेजी से गिर रहा है भूमिगत जल का स्तर
- प्रदेश में सर्वाधिक गिरावट मेरठ, गाजियाबाद में दर्ज
- नोएडा, लखनऊ, वाराणसी में भी स्थिति चिंताजनक
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तेजी से गिर रहा है भूमिगत जल का स्तर
- फोटो : amar ujala bureau
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है। यदि समय रहते नहीं चेते तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। भूजल विभाग की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के अधिकांश जिलों में जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। मेरठ में सबसे अधिक 91 सेमी. प्रतिवर्ष जल स्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है। इस मामले में गाजियाबाद दूसरे और गौतमबुद्ध नगर तीसरे स्थान पर है।
प्रदेश की राजधानी लखनऊ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी की हालत भी चिंताजनक है। इसके बाद औद्योगिक नगरी कानपुर और इलाहाबाद का नंबर है। औद्योगिक इकाइयों द्वारा अत्यधिक भूजल दोहन और भूजल रिचार्ज सिस्टम के अभाव को इसका उत्तरदायी माना जा रहा है। मेरठ में बड़ी आबादी वाले ब्लॉक डार्क जोन में हैं। जिले के पांच ब्लॉक रजपुरा, खरखौदा, माछरा, परीक्षितगढ़, मेरठ में क्रिटिकल स्थिति है। दौराला और हस्तिनापुर ब्लॉक भी सेमी क्रिटिकल जोन में है। रजपुरा ब्लॉक की स्थिति सबसे अधिक खराब है। यहां भूजल स्तर में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई है।
यूपी के जिलों में जलस्तर में गिरावट की स्थिति
शहर --------------- भूजल गिरावट
मेरठ --------------- 91
गाजियाबाद --------------- 79
गौतमबुद्ध नगर --------------- 76
लखनऊ --------------- 70
वाराणसी --------------- 68
कानपुर --------------- 65
इलाहाबाद --------------- 62
मुजफ्फरनगर --------------- 49
आगरा --------------- 45
जौनपुर --------------- 37
नोट: आंकड़े सेमी. प्रति वर्ष में हैं। आंकड़ों का संग्रहण भूजल विभाग की ओर से किया गया है।
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प्रदेश की राजधानी लखनऊ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी की हालत भी चिंताजनक है। इसके बाद औद्योगिक नगरी कानपुर और इलाहाबाद का नंबर है। औद्योगिक इकाइयों द्वारा अत्यधिक भूजल दोहन और भूजल रिचार्ज सिस्टम के अभाव को इसका उत्तरदायी माना जा रहा है। मेरठ में बड़ी आबादी वाले ब्लॉक डार्क जोन में हैं। जिले के पांच ब्लॉक रजपुरा, खरखौदा, माछरा, परीक्षितगढ़, मेरठ में क्रिटिकल स्थिति है। दौराला और हस्तिनापुर ब्लॉक भी सेमी क्रिटिकल जोन में है। रजपुरा ब्लॉक की स्थिति सबसे अधिक खराब है। यहां भूजल स्तर में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई है।
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यूपी के जिलों में जलस्तर में गिरावट की स्थिति
शहर --------------- भूजल गिरावट
मेरठ --------------- 91
गाजियाबाद --------------- 79
गौतमबुद्ध नगर --------------- 76
लखनऊ --------------- 70
वाराणसी --------------- 68
कानपुर --------------- 65
इलाहाबाद --------------- 62
मुजफ्फरनगर --------------- 49
आगरा --------------- 45
जौनपुर --------------- 37
नोट: आंकड़े सेमी. प्रति वर्ष में हैं। आंकड़ों का संग्रहण भूजल विभाग की ओर से किया गया है।
अधिकांश हैंडपंप सूखे, बचे हुए उगल रहे जहर
30 प्रतिशत हैंडपंपों का पानी प्रदूषित
मेरठ में गिरते भूजल स्तर के कारण हैंडपंप भी सूख गए हैं। मेरठ शहर में लगभग 10 हजार हैंडपंप हैं, इसमें से 2 हजार हैंडपंप सूख चुके हैं। देहात में भी यही हालात हैं। जो हैंडपंप शेष हैं उनसे प्रदूषित जल आ रहा है। 30 प्रतिशत हैंडपंपों का पानी प्रदूषित है।
टीडीएस, लैड और आयरन मिला पानी हैंडपंपों से आ रहा है। इसे पीकर लोग बीमार हो रहे हैं। जयभीम नगर, जलालपुर, कोल, अछरौंडा, छबड़िया आदि में हैंडपंपों से प्रदूषित पानी निकल रहा है। यूनिसेफ और जल निगम के सर्वे में भी इस बात का खुलासा हो चुका है। जिसके बाद 500 हैंडपंपों पर रेडमार्क करते हुए उन्हें प्रतिबंधित कर दिया है।
संकट में हैं मेरठ
ब्लॉक --------------- क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) --------------- भूजल रिचार्ज (हेक्टेयर प्रति लीटर में) --------------- वार्षिक भूजल दोहन (हेक्टेयर प्रति लीटर में)
रजपुरा --------------- 18201 --------------- 4971.5 --------------- 5313
खरखौदा --------------- 19772 --------------- 8103 --------------- 8067
माछरा --------------- 21555 --------------- 8610 --------------- 7805
मेरठ --------------- 17010 --------------- 3715 --------------- 3422
परीक्षितगढ़ --------------- 27690 --------------- 10526 --------------- 9830
टीडीएस, लैड और आयरन मिला पानी हैंडपंपों से आ रहा है। इसे पीकर लोग बीमार हो रहे हैं। जयभीम नगर, जलालपुर, कोल, अछरौंडा, छबड़िया आदि में हैंडपंपों से प्रदूषित पानी निकल रहा है। यूनिसेफ और जल निगम के सर्वे में भी इस बात का खुलासा हो चुका है। जिसके बाद 500 हैंडपंपों पर रेडमार्क करते हुए उन्हें प्रतिबंधित कर दिया है।
संकट में हैं मेरठ
ब्लॉक --------------- क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) --------------- भूजल रिचार्ज (हेक्टेयर प्रति लीटर में) --------------- वार्षिक भूजल दोहन (हेक्टेयर प्रति लीटर में)
रजपुरा --------------- 18201 --------------- 4971.5 --------------- 5313
खरखौदा --------------- 19772 --------------- 8103 --------------- 8067
माछरा --------------- 21555 --------------- 8610 --------------- 7805
मेरठ --------------- 17010 --------------- 3715 --------------- 3422
परीक्षितगढ़ --------------- 27690 --------------- 10526 --------------- 9830